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केतन की मौत के बाद घंटों तक सिया के पास रहा उसका फोन, पुलिस को डेटा से छेड़छाड़ का शक

Ketan Murder Case: पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस में पुलिस अब फोन डेटा, सीसीटीवी फुटेज और गेट एनालिसिस के जरिए सबूत जुटा रही है। जांच में सामने आया है कि केतन की मौत के बाद कई घंटों तक उसका फोन सिया के पास ही था।
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पुणे

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Himadri Joshi

Jul 01, 2026

Pune fort murder

केतन अग्रवाल और सिया गोयल (Photo- @X/ @azizkavish)

Ketan Murder Case: पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल मर्डर केस में जांच लगातार गहरी होती जा रही है। पुलिस अब इस मामले में डिजिटल सबूत, सीसीटीवी फुटेज और फोन डेटा की विस्तार से जांच कर रही है। इसी बीच जांच में यह सामने आया है कि हत्या के बाद कुछ समय तक केतन का मोबाइल फोन उसकी मंगेतर सीया गोयल के पास था। पुलिस के अनुसार बाद में सीया ने फोन केतन के परिवार को सौंप दिया, लेकिन अब यह जांच की जा रही है कि इस दौरान कहीं सिया ने केतन के फोन के साथ किसी तरह की कोई छेडछाड तो नहीं की थी।

फोन डेटा की जांच करेगी पुलिस

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि फोन में मौजूद चैट, कॉल रिकॉर्ड या अन्य डिजिटल जानकारी डिलीट तो नहीं की गई। अधिकारियों का मानना है कि मोबाइल फोन इस केस में अहम सबूत साबित हो सकता है। खबरों के मुताबिक पुलिस ने कहा है कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि फोन के साथ क्या किया गया था। जांच एजेंसियां डिजिटल फोरेंसिक एक्सपर्ट की मदद से डेटा रिकवरी और तकनीकी विश्लेषण कर रही हैं। यदि किसी तरह की छेडछाड साबित होती है तो यह जांच को नया मोड दे सकती है।

लोहागढ फोर्ट पर हुआ क्राइम सीन रीक्रिएशन

26 वर्षीय केतन अग्रवाल की 18 जून को कथित तौर पर पुणे के लोहागढ़ फोर्ट से धक्का देकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस का आरोप है कि सीया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। इसके बाद दोनों आरोपियों को 23 जून को गिरफ्तार किया गया और फिर तीन जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया था। पुलिस हिरासत में दोनों से पूछताछ की गई जिसके बाद पुलिस सीया को लोहागढ़ फोर्ट लाई और डमी के जरिए क्राइम सीन रिक्रिएट किया। सिया के बाद चेतन चौधरी को भी फोर्ट लाया गया और घटनाक्रम को रीक्रिएट किया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इससे घटना के दौरान की वास्तविक स्थिति समझने में मदद मिलेगी।

पुलिस ने की गेट एनालिसिस की प्रक्रिया

जांच के दौरान पुलिस ने क्राइम सीन रीक्रिएशन और गेट एनालिसिस की प्रक्रिया पूरी की। यह एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है जिसमें व्यक्ति के चलने के तरीके का अध्ययन किया जाता है। दरअसल बचाव पक्ष का दावा है कि ट्रेक के दौरान केतन और सीया के पीछे दिख रहा व्यक्ति चेतन नहीं है। इसी दावे की जांच के लिए पुलिस चेतन की चाल का विश्लेषण करेगी। जांच में यह भी सामने आया कि केतन को पहले से सीया और चेतन की नजदीकियों पर शक था। परिवार के अनुसार उसने शादी से पहले बैकग्राउंड जांच कराने की बात भी कही थी।