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50 Days of CM Vijay: आधुनिक पहनावा, CEO जैसा काम, विजय ने आलोचकों को ऐसे कराया चुप 

Tamil Nadu Chief Minister: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री थलापति सी. जोसेफ विजय ने पद संभालने के करीब 50 दिनों में कई अहम फैसले लेकर अपनी कार्यशैली से लोगों का ध्यान खींचा है। आधुनिक सोच, कॉरपोरेट शैली के कामकाज और त्वरित निर्णयों के चलते उनकी छवि एक प्रभावी प्रशासक के रूप में उभर रही है।
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Tamil Nadu Chief Minister

CM थलापति विजय के 50 दिन, फैसलों से बदली सरकार की छवि, फोटो सोर्स- IANS

Thalapathy Vijay CM Tamil Nadu: तमिलनाडु में थलापति सी. जोसेफ विजय की सरकार को लगभग 50 दिन हो चुके हैं और इन 50 दिनों में विजय ने आलोचकों को भी अपना मुरीद बना लिया है। बतौर मुख्यमंत्री विजय ने अब तक कई ऐसे फैसले लिए हैं, जिनसे न केवल जनता में उनके प्रति विश्वास बढ़ा है, बल्कि राजनीतिक विरोधियों को भी यह अहसास होने लगा है कि विजय के बारे में उनकी राय गलत थी।  

फैसलों से बदली राय

तमिलनाडु में जब 10 मई को विजय के नेतृत्व में तमिलगा वेट्री कज़गम' (TVK) की सरकार बनी, तो वे तमाम दावे और आकलन धरे रह गए, जिसमें कहा गया था कि विजय राजनीति में हलचल जरूर पैदा कर सकते हैं, लेकिन सत्ता तक नहीं पहुंच सकते।

हालांकि, आलोचक तो आलोचक ठहरे, विजय की ताजपोशी के बाद उन्होंने सरकार के भविष्य पर सवाल खड़े किये। कहा गया कि एक अभिनेता महज कैमरे के सामने ही काम कर सकता है। विजय को प्रशासन चलाने का कोई अनुभव नहीं है, ऐसे में उनके लिए अपना कार्यकाल पूरा करना भी मुश्किल है। हालांकि, अब उनकी राय विजय को लेकर काफी हद तक बदल गई है, वजह है – सरकार के कई फैसले।  

जो कहा, वो कर रहे  

मुख्यमंत्री विजय ने हाल ही में सभी जिला कलेक्टरों और पुलिस को निर्देश दिए कि बिना किसी राजनीतिक दखल के अपराधियों के खिलाफ निडर होकर कार्रवाई करें। इसके साथ ही उन्होंने सभी सार्वजनिक परिवहन बसों को एयर-कंडीशंड किये जाने का ऐलान किया। इसकी हर स्तर पर जमकर सराहना की गई। जनता में विश्वास बढ़ा कि मुख्यमंत्री की प्राथमिकता राजनीति के बजाए शासन-प्रशासन की मजबूती है।

विजय द्वारा चुनावी वादों को तत्काल पूरा करना भी लोगों को पसंद आया। चुनाव प्रचार के दौरान विजय ने कहा था कि वे झूठे वादे करके वोटरों को धोखा नहीं देंगे। उन्होंने जो वादे किये, उन्हें पूरा करते दिखाई भी दे रहे हैं। पद संभालने के कुछ ही घंटों के भीतर, विजय ने 200 यूनिट तक फ्री बिजली देने की घोषणा की। इस फैसले से राज्य के लगभग 2.4 करोड़ घरेलू बिजली कनेक्शन धारकों को फायदा हुआ। संदेश गया कि विजय ने जो कहा था किया।

‘शेरनी’ करेगी सुरक्षा

इसके अलावा, उन्होंने तमिलनाडु के हर जिले में 'एंटी-ड्रग टास्क फोर्स' भी शुरू की, जिसका मकसद ड्रग्स की तस्करी, बिक्री को रोकना और दोषियों को कड़ी सज़ा दिलाना है। इस टास्क फोर्स की निगरानी वे खुद करते हैं। मुख्यमंत्री ने महिलाओं के लिए एक 'स्पेशल टास्क फोर्स' भी बनाई है - 'सिंगप्पेन' (शेरनी)। इसका मकसद महिलाओं और बच्चों के फिलाफ अपराधों को रोकना और शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई करना है।

सत्ता संभालने के 48 घंटों के भीतर, विजय ने पूरे राज्य में पूजा स्थलों, शिक्षण संस्थानों और बस स्टैंड के पास चल रहे 717 तमिलनाडु राज्य विपणन निगम (Tasmac) के खुदरा बिक्री केंद्रों को बंद करने का आदेश दिया। यानी तहत मंदिरों, मस्जिदों, चर्च, स्कूलों, कॉलेजों और बस स्टैंड के 500 मीटर के दायरे में राज्य द्वारा संचालित शराब की सभी दुकानों पर ताला। इस फैसले का असर ये हुआ कि धार्मिक स्थलों के पास 276, स्कूलों-कॉलेजों के पास 186 और बस टर्मिनलों के पास 255 शराब की दुकानें बंद कर दी गईं। इस तरह,  विजय ने सार्वजनिक स्थलों को शराब से मुक्त रखने का अपना वादा पूरा किया। हालांकि, कुछ वादे अभी भी पूरे नहीं हुए हैं, लेकिन सरकार का कहना है कि उन्हें जल्द ही लागू किया जाएगा।

आधुनिक सोच वाला पहनावा

विजय समय के पाबंद हैं, उनका पहनावा और किसी सीईओ की तरह काम करने का तरीका लोगों को काफी पसंद या रहा है। हर सुबह, मुख्यमंत्री काला सूट और सफेद शर्ट में समय पर सचिवालय पहुंचते हैं। विजय का पहनावा उनकी नई और आधुनिक सोच को दर्शाता है। बताया जाता है कि विजय सोमवार से शुक्रवार तक अपने ऑफिस में लगभग सात घंटे बिताते हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों को समय पर आने और काम निपटाने का भी निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री लंच के लिए घर नहीं जाते, बल्कि घर से लंच लेकर आते हैं। भले ही ऐसे कदम दिखावटी लगें, लेकिन ये सरकारी कल्चर को नया आकार देने में मदद करते हैं। इससे यही संदेश जाता है कि काम में तेज़ी, अनुशासन और जवाबदेही को भी राजनीतिक बयानों या नारों जितना ही महत्व दिया जाना चाहिए।

मंदिर का पैसा, मंदिर के काम

नीति आयोग के वाइस चेयरमैन अशोक कुमार लाहिड़ी भी विजय के कामकाज की तारीफ कर चुके है। सीएम विजय के कई दूसरे फैसले भी चर्चा का केंद्र रहे, इसमें हिंदू धार्मिक और चेरेटिबल एन्डाउमेंट (HR&CE) विभाग के 46 प्रोजेक्ट्स के लिए दी गई प्रशासनिक मंजूरी को रद्द करना भी शामिल है। 245.85 करोड़ रुपए की लागत वाले इन प्रोजेक्ट्स के तहत मैरिज हॉल और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स शामिल आदि बनाए जाने थे। पिछली DMK सरकार ने इसे मंजूरी दी थी। विजय की अगुवाई वाली TVK सरकार का कहना है कि मंदिरों की चल-अचल संपत्तियों का इस्तेमाल केवल पवित्र कामों में किया जाएगा।

उनके इस फैसले की भी जमकर तारीफ हुई।

सरकार कल्याणकारी योजनाओं को बेहतर ढंग से लागू करने के लिए 'तमिलनाडु सिटिज़न प्रिविलेज कार्ड', सरकारी सेवाओं के लिए 'वेट्री तमिलनाडु सुपर ऐप', 'राइट टू सर्विसेज़ एक्ट' तैयार करने के साथ ही प्रशासन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए एक खास विभाग बनाने की योजना पर भी काम कर रही है। विजय के तमाम आलोचक भी अब मानने लगे हैं कि ब्लॉकबस्टर ओपनिंग के साथ फिल्मी दुनिया पर राज करने वाले विजय अब तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के तौर पर, उसी अंदाज में शासन चला रहे हैं।