महाराष्ट्र सरकार पेश करेगी ऑफ-ग्रिड नीति 

नीति के मुताबिक, महाराष्ट्र सरकार छत पर सोलर पैनलों से 200 मेगावाट बिजली पैदा करने के लिए पांच साल का एक लक्ष्य रखेगी

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Jan 22, 2016
Maharashtra government to unveil off grid policy
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार जल्द ही एक ऑफ -ग्रिड नीति पेश करेगी, जिसके तहत छत पर सौर ऊर्जा उत्पादन को प्रोत्साहन दिया जाएगा और सहकारी हाउसिंग सोसाइटियों व सरकारी भवनों को गैर-पारंपरिक पद्धति से बिजली उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सब्सिडी उपलब्ध कराई जाएगी। महाराष्ट्र के ऊर्जा एवं अक्षय ऊर्जा मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि सरकार शैक्षणिक परिसरों व सरकारी भवनों के साथ ही कोऑपरेटिव सोसाइटियों व निजी भवनों के छतों पर सोलर पैनल के जरिए बिजली उत्पादन को प्रोत्साहन देना चाहती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण इलाकों में जल वितरण स्कीम के लिए सौर बिजली से चलने वाले पंपों और सरकारी छात्रावासों में खाना पकाने के लिए सौर बिजली के उपयोग को बढ़ावा देने का भी प्रयास कर रही है।

दो गांवों में माइक्रो-ग्रिड परियोजना
नीति के मुताबिक, महाराष्ट्र सरकार छत पर सोलर पैनलों से 200 मेगावाट बिजली पैदा करने के लिए पांच साल का एक लक्ष्य रखेगी, लघु व मध्यम जल वितरण स्कीम के लिए 10,000 सोलर पंप स्थापित करेगी, बायोगैस से 4,000 किलोवाट बिजली पैदा करेगी और दो गांवों में माइक्रो-ग्रिड पायलट परियोजना चलाएगी। राज्य के मंत्रिमंडल द्वारा एक बार नीति को मंजूरी दे दिए जाने पर ऊर्जा विभाग सरकारी छात्रावासों में 318.75 लाख लीटर की क्षमता वाले सोलर हीटर स्थापित करेगा। बावनकुले ने कहा कि विधायक और सांसद इन स्कीमों को प्रोत्साहित करने के लिए अपने विकास कोषों का उपयोग कर सकते हैं।
Published on:
22 Jan 2016 11:20 pm
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