पुणे

कलयुगी मां: प्रेमी संग भागने के लिए 2 मासूम बच्चों को बस में रोता छोड़ दिया, जेब में नोट रख लिखा- ‘हमारे माता-पिता नहीं हैं’

Mother Leaves Children In Bus: महाराष्ट्र के बीड में एक मां अपने दो मासूम बच्चों को एसटी बस में लावारिस छोड़कर प्रेमी संग फरार हो गई। बच्चों की जेब से नोट मिला। यवतमाल से आए दादा ने बच्चों को अपनाने से मना कर केवल अपनी चोरी हुई स्कूटी और कैश की मांग की।

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May 20, 2026
AI Photo

Love Affair Mother Absconding Beed:महाराष्ट्र के बीड जिले से एक ऐसी दिल दहला देने वाली और रिश्तों को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। यहां एक मां अपने दो मासूम बच्चों को चलती एसटी (ST) बस में लावारिस रोता-बिलखता छोड़कर अपने प्रेमी के साथ फरार हो गई। भागने से पहले इस कलयुगी मां ने क्रूरता की सारी हदें पार करते हुए बच्चों की जेब में एक ऐसा नोट रख दिया, जिसे पढ़कर बस कंडक्टर से लेकर पुलिस तक की आंखें नम हो गईं। वहीं, जब पुलिस ने बच्चों के नाना को बुलाया, तो खून के रिश्तों की एक और डरावनी और स्वार्थी हकीकत सामने आ गई।

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बस में बुना गया 'फरार' होने का प्लान

मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता महिला को कुछ समय पहले उसके पति ने छोड़ दिया था, जिसके बाद वह अपने दो छोटे बच्चों के साथ रह रही थी। इसी बीच उसका बीड के एक युवक के साथ प्रेम संबंध शुरू हो गया। दोनों ने एक साथ भागने की साजिश रची और इसके लिए उन्होंने 'पंढरपुर-संभाजीनगर एसटी बस' को चुना।

'इनके माता-पिता नहीं हैं, इन्हें यवतमाल भेज दो'

मां के अचानक गायब होने के बाद जब बस आगे बढ़ी, तो दोनों मासूम बच्चे अपनी मां को न पाकर जोर-जोर से रोने लगे। बच्चों को लगातार रोता देख बस कंडक्टर उनके पास पहुंचा और पूछताछ की, तो पता चला कि उनके साथ कोई बड़ा मौजूद नहीं है। जब कंडक्टर ने बच्चों की तलाशी ली, तो उनकी जेब से एक पर्ची (नोट) बरामद हुई। महिला अपने दोनों बच्चों को लेकर बस में सवार हो गई। जैसे ही बस बीड इलाके के पास पहुंची, महिला ने मौका देखकर दोनों बच्चों को सीट पर ही छोड़ दिया और चुपके से बस से नीचे उतर गई, जहां बाहर उसका प्रेमी स्कूटी लेकर उसका इंतजार कर रहा था। महिला बच्चों को रोता छोड़ प्रेमी के साथ रफूचक्कर हो गई।

नोट पर क्या लिखा था?

'इन बच्चों के माता-पिता नहीं हैं। इन्हें यवतमाल जाने वाली बस में बिठा दीजिए।' महिला ने शातिरपने से उस नोट के नीचे यवतमाल में रहने वाले बच्चों के सगे दादाजी का मोबाइल नंबर भी लिख दिया था। कंडक्टर ने तुरंत इंसानियत दिखाते हुए बीड पुलिस से संपर्क किया और दोनों बच्चों को सुरक्षित उन्हें सौंप दिया।

गले लगाने पहुंचे दादा ने पोतों को ठुकराया

पुलिस ने जब नोट पर दिए गए नंबर पर कॉल किया, तो वह बच्चों के सगे नाना का निकला। पुलिस ने उन्हें यवतमाल से बीड बुलाया। पुलिस को पूरी उम्मीद थी कि इस मुश्किल वक्त में नाना अपने पोते-पोतियों को देखकर सीने से लगा लेंगे, लेकिन थाने में जो हुआ उसने पुलिसकर्मियों को भी हैरत में डाल दिया। थाने पहुंचते ही नाना ने अपने मासूम पोते-पोतियों को पहचानने या उन्हें प्यार करने से साफ इनकार कर दिया। बच्चों को अपनाने के बजाय उन्होंने पुलिस से कड़क लहजे में पूछा, 'मेरी बेटी जो घर से स्कूटी और नकदी चोरी करके भागी थी, वो कहां है? मुझे मेरी स्कूटी और पैसे वापस चाहिए।'

दरअसल, लड़की के पिता ने 30 अप्रैल को यवतमाल पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी बेटी घर से नकदी और गाड़ी लेकर भागी है। उन्हें बच्चों से ज्यादा अपनी संपत्ति की फिक्र थी।

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