पुणे

पुणे मासूम हत्याकांड: राज ठाकरे ने की ‘क्रूर मौत’ की मांग, वकील असीम सरोदे ने मांग को बताया गैरकानूनी

Pune Minor Rape Murder Case: पुणे में तीन साल की मासूम से दरिंदगी पर भड़के मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने दोषियों के लिए 'क्रूर मौत' की मांग की है। वहीं, कानूनी विशेषज्ञ असीम सरोदे ने इसे गैरकानूनी बताते हुए कहा कि न्याय प्रक्रिया कानून के दायरे में ही होनी चाहिए। जानें इस मामले पर क्यों छिड़ी है नई बहस।

2 min read
May 05, 2026
राज ठाकरे ने की 'क्रूर मौत' की मांग

Raj Thackeray Cruel Death Demand:महाराष्ट्र के पुणे जिले में तीन साल की बच्ची के साथ बलात्कार और हत्या की जघन्य घटना ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है। इस घटना को लेकर जनता का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के प्रमुख राज ठाकरे ने इस मामले में दोषियों के लिए 'क्रूर मौत' की मांग की है और राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं।

ये भी पढ़ें

महाराष्ट्र: ऑटो-टैक्सी चालकों को मराठी सीखने के लिए दी गई मोहलत, तो राज ठाकरे ने उगला ‘जहर’

राज ठाकरे का सरकार पर तीखा प्रहार

1 मई को हुई इस घटना को 'रूह कंपाने वाली' बताते हुए राज ठाकरे ने सोशल मीडिया पर मराठी में एक पोस्ट साझा की। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। ठाकरे ने सरकार के 'फास्ट-ट्रैक' ट्रायल के वादे पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उनके लिए 'फास्ट-ट्रैक' का वास्तविक अर्थ क्या है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि राज्य में महिलाओं और लड़कियों के अपहरण और शोषण की दर तेजी से बढ़ी है, जिससे कानून का डर पूरी तरह खत्म होता दिख रहा है। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाया और पूछा कि जब न्याय की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया जा सकता है, तो दोषियों के खिलाफ वही 'तत्परता' क्यों नहीं दिखाई जाती?

सामाजिक पतन पर जताई चिंता

ठाकरे ने तर्क दिया कि यह घटना समाज के गहरे पतन की ओर इशारा करती है। उन्होंने सत्ता की हवस, ओटीटी (OTT) कंटेंट, मोबाइल फोन की लत और गिरते सामाजिक मूल्यों को इस तरह के अपराधों के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आश्वासन दिया कि उनकी पार्टी इन मुद्दों को सुलझाने और महाराष्ट्र के गौरव को बहाल करने के लिए सबसे आगे रहेगी।

कानूनी विशेषज्ञों ने की मांग की आलोचना

दूसरी ओर, प्रसिद्ध वकील असीम सरोदे ने राज ठाकरे द्वारा 'क्रूर मौत' या दोषियों के अंगों को अलग करने जैसी मांग को पूरी तरह से अवैध करार दिया है। सरोदे ने कहा कि भोर मामले में अपराधी को कानून के अनुसार शत-प्रतिशत मौत की सजा मिलेगी, लेकिन किसी को कानून हाथ में लेने या अमानवीय सजा की मांग करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि भारत ने अजमल कसाब जैसे खूंखार अपराधी को भी अपना पक्ष रखने के लिए सरकारी वकील दिया था और कानून के तहत सजा दी थी। सरोदे के अनुसार, कानून किसी एक घटना के लिए नहीं बदला जा सकता और वह शाश्वत है।

पुलिस कार्रवाई की मांग

सरोदे ने मांग की कि राज ठाकरे और प्रवीण तरडे जैसे लोग जो कानून के इतर सजा की मांग कर रहे हैं, उन्हें पुलिस द्वारा बुलाकर चेतावनी दी जानी चाहिए या उन पर मामला दर्ज किया जाना चाहिए। फिलहाल, इस मामले को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति और न्यायपालिका के बीच एक नई बहस छिड़ गई है, जबकि पीड़िता का परिवार और आम जनता जल्द से जल्द न्याय की उम्मीद कर रही है।

ये भी पढ़ें

‘भारत को महंगा पड़ेगा…’, ईरान को लेकर राज ठाकरे ने ये क्या कह दिया
Published on:
05 May 2026 02:36 pm
Also Read
View All