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Pune rape Case: पुणे के भोर तहसील में चार साल की मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी और हत्या की हृदयविदारक घटना ने पूरे महाराष्ट्र को झकझोर कर रख दिया है। इस जघन्य अपराध की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मामले का संज्ञान लिया है, वहीं सांसद सुप्रिया सुले ने भी पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए आरोपी के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। प्रशासन की ओर से आश्वासन दिया गया है कि इस मामले की जांच फास्ट ट्रैक पर चलाकर जल्द से जल्द न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।
आपको बता दें कि शरद पवार की बेटी, अजित पवार की चचेरी बहन और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की सासंद सुप्रिया सुले ने एक्स पर ट्वीट कर लिखा है कि 'मैंने पुणे ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक से नसरापुर में हुई उस अमानवीय घटना को लेकर बात की है, जिसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाले दरिंदे के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। मैं इस मामले को लेकर लगातार सरकार और प्रशासन के संपर्क में हूं और पीड़िता को न्याय दिलाने के प्रयास जारी हैं।' इसके साथ ही उन्होंने नागरिकों से अपील करते हुए लिखा है कि 'हम सबकी सामूहिक भावना यही है कि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिले और पीड़िता को न्याय मिले। पुलिस प्रशासन ने भी इस मुद्दे पर अपनाए गए हमारे आक्रोशपूर्ण रुख को गंभीरता से लिया है। कृपया हम सभी इस मामले में संयम बनाए रखें। दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।'
पुणे के भोर तहसील में एक 65 वर्षीय बुजुर्ग ने खाने का लालच देकर चार साल की मासूम बच्ची का अपहरण किया और उसे एक सुनसान गौशाला में ले जाकर अपनी दरिंदगी का शिकार बनाया। वारदात की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आरोपी ने दुष्कर्म के बाद मासूम पर पत्थर से हमला कर उसकी बेरहमी से हत्या कर दी और अपराध को छिपाने के लिए उसके शव को गौशाला के भीतर गोबर के ढेर में दबा दिया। इस जघन्य कृत्य के प्रकाश में आने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन मासूम के साथ हुई इस क्रूरता के कारण पूरे इलाके में भारी तनाव व्याप्त है और स्थानीय ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश देखा जा रहा है।
इस जघन्य कृत्य की सूचना मिलते ही ग्रामीणों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया और सैकड़ों की संख्या में लोग न्याय की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए। न्याय के लिए प्रदर्शन कर रहे गुस्साए ग्रामीणों ने न केवल पुलिस चौकी का घेराव कर आरोपी को मृत्युदंड देने की मांग की, बल्कि मुंबई-बेंगलुरु हाईवे पर चक्का जाम भी कर दिया। इस विरोध प्रदर्शन के कारण हाईवे पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया और कई किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ।
Updated on:
02 May 2026 12:47 pm
Published on:
02 May 2026 12:46 pm
