पुणे

पुणे में आषाढ़ी वारी के दौरान ट्रक ने श्रद्धालुओं को रौंदा, 3 महिलाओं की मौत; 4 घायल

Pune Warkari accident: आषाढ़ी वारी के श्रद्धालुओं पर चढ़ा बेकाबू ट्रक। सासवड-जेजुरी रोड पर नांदेड़ की 'दिंडी' के वाहन ने सांगली की महिला वारकरियों को रौंदा, 3 महिला श्रद्धालुओं की मौत, 4 गंभीर रूप से घायल। 70 वर्षीय ड्राइवर हिरासत में।
2 min read
• •
Updated: 13 Jul 2026, 11:53 AM IST
Pune Warkari accident
पुणे में आषाढ़ी वारी के दौरान ट्रक ने श्रद्धालुओं को रौंदा।

Ashadhi Wari accident Saswad Jejuri Road:महाराष्ट्र के पुणे जिले से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आ रही है। पंढरपुर जा रहे आषाढ़ी वारी के श्रद्धालुओं (वारकरियों) के साथ सोमवार को सासवड-जेजुरी रोड पर एक भीषण सड़क हादसा हो गया। तीर्थयात्रियों को ले जा रहे एक बेकाबू ट्रक ने पैदल चल रहे वारकरियों के समूह को जोरदार टक्कर मार दी। इस दर्दनाक हादसे में तीन महिला वारकरियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पुणे ग्रामीण पुलिस के मुताबिक, यह दुर्घटना सासवड-जेजुरी रोड पर बेलसर टोल नाका से जेजुरी की तरफ करीब 500 मीटर की दूरी पर, होटल शिवदीप लॉजिंग के पास हुई।

नांदेड़ और सांगली की 'दिंडी' के बीच हुआ हादसा

पुलिस ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त ट्रक नांदेड़ जिले के लोहा तालुका की 'रंगनाथ महाराज पोखर्बीसीकर दिंडी' का था। इस ट्रक ने सांगली जिले के कसबे डिग्रज की 'दिंडी' में शामिल सात महिला वारकरियों को पीछे से टक्कर मार दी। इस हादसे में तीन महिलाओं की जान चली गई, जबकि चार महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। दुर्घटना के तुरंत बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायलों को तुरंत जेजुरी के एक अस्पताल के आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है।

70 वर्षीय बुजुर्ग ड्राइवर हिरासत में

पुणे ग्रामीण पुलिस ने बताया कि जो व्यक्ति इस ट्रक को चला रहा था, उसकी उम्र 70 वर्ष है। पुलिस ने आरोपी बुजुर्ग ड्राइवर को हिरासत में ले लिया है। हादसे की खबर मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंच गया और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि हादसा ड्राइवर को झपकी आने की वजह से हुआ या वाहन में कोई तकनीकी खराबी थी।

क्या है आषाढ़ी वारी परंपरा?

सदियों पुरानी वारी यात्रा महाराष्ट्र की वैष्णव धार्मिक परंपरा (वारकरी पंथ) का एक सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। 'आषाढ़ी वारी' 21 दिनों की एक पवित्र तीर्थयात्रा है, जिसमें महाराष्ट्र के कोने- कोने से लाखों श्रद्धालु पैदल चलकर भगवान विट्ठल के निवास स्थान पंढरपुर पहुंचते हैं। इस यात्रा के दौरान श्रद्धालु छोटे-छोटे समूहों में चलते हैं, जिन्हें 'दिंडी' कहा जाता है। इस पावन यात्रा के बीच हुए इस हादसे से वारकरियों और पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।

Updated on:
13 Jul 2026, 11:53 AM IST
Published on: