सीएम योगी को अपशब्द कहने के मामले में आप विधायक सोमनाथ भारती को रायबरेली कोर्ट से मिली जमानत, सोमवार को होंगे जेल से रिहा
रायबरेली. रायबरेली में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपशब्द कहने व पुलिस के साथ अभद्रता के मामले में आप पार्टी के विधायक सोमनाथ भारती को जमानत मिल गई है। शनिवार को रायबरेली की एमपी-एमएलए कोर्ट ने सोमनाथ भारती को बिना अनुमति के देश न छोड़ने की शर्त व 50-50 हजार के मुचलके पर जमानत दे दी। विशेष जज विनोद कुमार बरनवाल के सामने शासकीय अधिवक्ता संदीप कुमार सिंह और विधायक के पक्ष से एडवोकेट सुरेंद्र सिंह भदोरिया ने जमानत पर बहस की। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद जज ने आप विधायक सोमनाथ भारती को सशर्त जमानत दी।
सुल्तानपुर जेल में बंद हैं विधायक-
सोमनाथ भारती सुल्तानपुर की अमहट जेल में बंद है। बीते रविवार को सोमनाथ भारती के खिलाफ अमेठी में केस दर्ज किया गया था। इसी मामले में शुक्रवार को सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट ने 30 - 30 हजार के मुचलके पर आप विधायक को जमानत दी थी। दरअसल रायबरेली में सिंचाई विभाग के सर्किट हाउस में एक सभा को संबोधित करने आए आप पार्टी विधायक सोमनाथ भारती को पुलिस ने रोकने की कोशिश की थी। इसी बात पर विधायक ने पुलिस कोतवाल को उनकी वर्दी उतरवाने की धमकी देने के साथ-साथ सीएम योगी को अपशब्द भी कह दिए थे। इस पर पुलिस ने उनके खिलाफ केस दर्ज करवाया था। शुक्रवार को रायबरेली पुलिस ने विधायक को जिले की विशेष अदालत में पेश किया था। कोर्ट ने विधायक को जेल भेजते हुए जमानत के लिए शनिवार की तारीख तय की थी। शुक्रवार को आप विधायक जब कोर्ट के बाहर कल आ रहे थे, तो उन्होंने मीडिया से कहा था कि देश की जनता की सेवा में मेरी जीत सुनिश्चित है।
रायबरेली सदर कोतवाल अतुल सिंह की तहरीर पर दर्ज की गई थी एफआईआर
रायबरेली सदर कोतवाल अतुल सिंह की तहरीर पर सोमवार को एफआईआर दर्ज की गई थी। तहरीर के अनुसार विधायक के खिलाफ धारा 505 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था, जिसमें धारा 153 ए की बढ़ोतरी की गई और उन्हें गिरफ्तार करना पड़ गया। इसके साथ ही विधायक ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ भी अपशब्द का प्रयोग करते हुए कहा था कि योगी की मौत सुनिश्चित है, जिसको लेकर शहर कोतवाल अतुल सिंह ने आईपीसी की 147, 332, 353, 595 दो 153a, 504, 506 की धारा में केस दर्ज करवाया था। वहीं कल सुल्तानपुर जेल से विधायक को रायबरेली की एमपी एमएलए कोर्ट में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने 16 जनवरी की तारीख नियत कर उन्हें 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में सुल्तानपुर जेल भेजा दिया था।