अमेरिका में राहुल गांधी ने आरक्षण को लेकर बयान दिया था जिसपर मायावती से लेकर अनुप्रिया पटेल समेत तमाम नेताओं ने विरोध जताया है।
उत्तर प्रदेश के रायबरेली सीट से सांसद और लोकसभा नेता प्रतिपक्ष इन दिनों अमेरिका के दौरे पर हैं। राहुल गांधी ने आरक्षण को लेकर बड़ा बयान दिया है जिसके बाद से सियासत गरमा गई है। उनके इस बयान पर बसपा प्रमुख मायावती समेत अनुप्रिया पटेल ने हमला बोला है। अपना दल एस मुखिया केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने राहुल गांधी का वीडियो पोस्ट कर जोरदार हमला बोला है। अनुप्रिया पटेल ने कहा कि आखिर दिल की बात जुबान पर आ ही गई है। आगे उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि समय आने पर कांग्रेस आरक्षण खत्म कर देगी। राज्य मंत्री और अपना दल एस की अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल ने राहुल गांधी के इस बयान पर विरोध करते हुए पलटवार किया है।
अनुप्रिया पटेल ने कहा कि ये वही राहुल गांधी हैं जिन्होंने पूरे लोकसभा चुनाव के दौरान आरक्षण और संविधान खत्म करने का झूठा भ्रम फैलाया था। इस भ्रम को फैलाने में इंडी गठबंधन के सहयोगी दलों ने उनका साथ दिया था। अनुप्रिया ने कहा कि सच्चाई यही है कि सामाजिक न्याय कांग्रेस के डीएनए में ही नहीं है। इस पार्टी का डीएनए ही सामाजिक न्याय विरोधी है। उन्होंने आगे कहा कि 6 दशक तक सत्ता में रहने वाली कांग्रेस पार्टी जातीय जनगणना तक नहीं करा पाई है और ना ही ओबीसी को आरक्षण का हक दिया गया। इससे संबंधित दो-दो रिपोर्टों को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। यूपीए सरकार नीट में ओबीसी का कोटा खा गई है। जिसमें PDA की बात करने वाली सपा ने उसका साथ दिया था। ओबीसी आयोग को संवैधानिक दर्जा देने के लिए सोचने तक की जहमत नहीं उठाई गई।
अनुप्रिया ने कहा कि राहुल गांधी आरक्षण भीख नहीं बल्कि वंचित वर्ग का संवैधानिक अधिकार है। जब तक समाज में असमानता कायम है, जाति के आधार पर भेदभाव कायम है, तब तक यह व्यवस्था कायम रहेगी। वंचित वर्ग को आरक्षण कांग्रेस ने नहीं संविधान ने दिया है। आरक्षण खत्म करना तो दूर कोई इससे छेड़छाड़ करने की भी हिमाकत नहीं कर सकता है।