2014 में सोनिया गांधी के खिलाफ लड़ा ये शख्स चुनाव, अब लड़ेगा पीएम मोदी के खिलाफ
रायबरेली. मंगल सेन बाबा उर्फ पागल बाबा 2014 के लोक सभा में उस समय चर्चा में आये थे। जब वह पूर्व कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी के खिलाफ चुनाव मैदान में खड़े हुये थे। अब उन्होंने निर्णय लिया है कि वह बनारस से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ 2019 के लोकसभा के चुनाव में खड़े होंगे। उनके भेषभूषा को देखने के लिये लोग रास्ते में चलते चलते अचानक रुक जाया करते है। और उनकी बाते ध्यान से सुना करते है। उन्होने भ्रष्टाचार, गरीबी, को मिटाने और लोगों के न्याय के लिये वह चुनाव में खड़े होते है।
मोदी के उतरेंगे चुनावी मैदान में
मामला रायबरेली का है मंगल सेन बाबा उर्फ पागल बाबा का कहना है कि बनारस से प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरेगें। उनका कहना है कि भ्रष्टाचार, गरीबी हटाओं , जैसे नारों से आम जनता को भड़काने वाले ये देश के नेता केवल चुनाव के समय आम जनता को मीठे मीठे शब्दों के बाण चलाते है। इसके बाद ये कुछ भी नहीं करते है। इसके लिये मैं इनके खिलाफ हर जगह सीना तान के खड़ा होता हूं। मंगलसेन बाबा का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी ने 60 महीने मांगे थे देश को स्वच्छ बनाने और आम जनता को गरीबी मिटाने का नारा दिया था लेकिन अब 6 महीने भी नहीं बचे है चुनाव के लेकिन वादे सब जनता से झूठे किये गये थे। अब हम बनारस में लोगों को बतायेगें कि यह पार्टी और प्रधानमंत्री मोदी झूठा आदमी है। यह देश को लूट रहा है। मैं इनके खिलाफ प्रचार और चुनाव लड़ूगा मुझे जिताओं मैं देश का भला करुंगा।
2014 में सोनिया गांधी के खिलाफ लड़ा था चुनाव
मंगलसेन उर्फ पागल बाबा पंजाब के रहने वाले है। पेशे से यह पहले आर्मी में सिपाही के पद पर थे। इसके बाद 12 साल की नौकरी करने के बाद यह अपने घर आ गये और फिर यह लोकनायक जयप्रकाश नारायण से मुलाकात की और फिर राजनीति और समाज सेवा के रास्ते पर चल पड़े। इन्होंने पूर्व पंजाब के मुख्यमंत्री और राष्ट्रपति रहे ज्ञानी जैल सिंह के खिलाफ भी निर्दलीय रहकर चुनाव लड़ा । पंजाब से दो बार चुनाव लड़ चुके है। इसके बाद यह उत्तर प्रदेश के रायबरेली के 2014 के लोकसभा के चुनाव में सोनिया गांधी के खिलाफ चुनाव लड़े थे। इनको चुनाव में जनता ने 4418 मत दिये थे। यह आठवें नम्बर के प्रत्याशी थे। इनका जन्म पंजाब के होशियारपुर जिले में 1945 में हुआ था। 1962 में हाई स्कूल किया था। इसके बाद यह फौज में भर्ती हो गये थे।