बीते दिनों गर्माए सुप्रीम कोर्ट के चार जजों की प्रेस कांफ्रेंस के मामले के बाद राहुल द्वारा की गई प्रेस कांफ्रेंस उनके लिए मुसीबत का सबब बन गई है।
रायबरेली. कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की मुसीबतें बढ़ती नजर आ रही हैं। बीते दिनों गर्माए सुप्रीम कोर्ट के चार जजों की प्रेस कांफ्रेंस के मामले के बाद राहुल द्वारा की गई प्रेस कांफ्रेंस उनके लिए मुसीबत का सबब बन गई है। वरिष्ठ भाजपा नेता व सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता अजय अग्रवाल ने जज विवाद के संबंध में गलत जानकारी देने के आरोप में संविधान के अनुच्छेद 129 के तहत कांग्रेस अध्यक्ष व अमेठी से सांसद राहुल गांधी के खिलाफ अदालत की अवमानना का मामला शुरू करने के लिए आज उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की।
अजय अग्रवाल ने शीर्ष अदालत से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ याचिका में कहा है कि जजों की प्रेस कांफ्रेंस से जुड़ी एक गलत जानकारी संवाददाता सम्मेलन में देने के लिए राहुल गांधी के खिलाफ तुरंत संज्ञान लेते हुए अवमानना का मामला शुरू किया जाए।
अजय अग्रवाल के अनुसारए राहुल गांधी ने अपने संवाददाता सम्मेलन में यह दावा किया था कि उच्चतम न्यायालय के चार वरिष्ठ न्यायाधीशों ने प्रेस कांफ्रेंस में ट्रायल जज बी एच लोया का मामला उठाया था, जबकि इसमें कोई सच्चाई नहीं है।
उन्होंने राहुल गांधी की टिप्पणी को लेकर उनके खिलाफ अवमानना का मामला शुरू करने की अनुमति देने के लिए एटर्नी जनरल को निर्देश देने की मांग भी की है। अजय अग्रवाल ने कहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष के गरिमामय पर रहते हुए उनके द्वारा अवमानना किये जाने पर उनके खिलाफ कार्यवाही होनी जरूरी है ताकि आगे किसी अन्य व्यक्ति की इस प्रकार का कृत्य करने की हिम्मत न पड़े।
राहुल ने प्रेस कांफ्रेस में दिया था ये बयान-
राहुल गांधी ने 12 जनवरी को कहा था कि जो मुद्दे 4 जजों ने उठाए हैं वो अहम हैं। उन्होंने लोकतंत्र के खतरे की बात की, जिसे देखना होगा। जो सवाल उन्होंने उठाए हैं, वो बहुत जरूरी हैं। इन्हें ध्यान से देखा जाना चाहिए। इस तरह की चीज पहले कभी नहीं हुई। यह एक अभूतपूर्व मामला है। सुप्रीम कोर्ट के शीर्ष स्तर पर जज लोया के मामले की जांच होनी चाहिए। जो हमारा लीगल सिस्टम है, उस पर हम विश्वास करते हैं। एक गंभीर बात उठी है, इसलिए हम ये बात कर रहे हैं।