रायगढ़

जिनके खिलाफ रिश्वत की शिकायतें, SDM ने उन्हीं से पूछा उपाय सुझाएं

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ एसडीएम द्वारा अधिकारी-कर्मचारियों को लिखे पत्र को लेकर जिले में रिश्वतखोरी का मुद्दा सुर्खियों में है। इस पत्र में एसडीएम ने अधीनस्थों से रिश्वतखोरी के मामले रोकने के लिए 19 अप्रैल तक सुझाव मांगे हैं।
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Apr 18, 2021
Bribery
Bribery

रायगढ़. छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ एसडीएम द्वारा अधिकारी-कर्मचारियों को लिखे पत्र को लेकर जिले में रिश्वतखोरी (Bribery) का मुद्दा सुर्खियों में है। इस पत्र में एसडीएम ने अधीनस्थों से रिश्वतखोरी के मामले रोकने के लिए 19 अप्रैल तक सुझाव मांगे हैं। इस पर एसडीएम संबित मिश्रा से बात की गई तो उन्होंने इसे विभागीय पत्र बताया।

15 अप्रैल को जारी इस पत्र में नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, पटवारी, रीडर, लिपिक से लेकर कम्प्यूटर आपरेटर तक को संबोधित किया गया है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि राजस्व विभाग की काफी अधिक शिकायत मिलती हैं। इन शिकायतों में कहा गया है कि बिना रिश्वत (Bribe) के कोई भी काम नहीं होता। पत्र के माध्यम से यह पूछा गया कि यह रिश्वतखोरी किस तरह से होती है और इसे कैसे रोका जा सकता है? सुझाव देने की अंतिम तिथि 19 अप्रैल निर्धारित की गई है। इस पत्र को हालांकि विभागीय बताया जा रहा है, लेकिन यह वायरल हो गया है।

डॉ. रमन सिंह ने मंत्रियों से एक साल रिश्वत नहीं लेने की बात कही थी। इस बात को कांग्रेस ने मुद्दा बनाया था। इससे प्रदेश सरकार की काफी किरकिरी भी हुई थी।

भाजपा ले रही चुटकी
इस मामले को लेकर रायगढ़ लोक सभा की सांसद गोमती साय का कहना है कि मौजूदा समय में पूरे देश में कोरोना महामारी फैली हुई है। इस समय सेवा भाव होना चाहिए न कि किसी अन्य मुद्दे पर बात होना चाहिए। उनका कहना है कि वास्तव में रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार हो रहा है तभी एसडीएम को इस तरह का पत्र जारी करना पड़ा।

Published on:
18 Apr 2021 07:05 pm