Road Accident: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के बंगुरसिया गांव में शुक्रवार तड़के सुबह 4 बजे एक ट्रेलर वाहन अनियंत्रित होकर एक घर में जा घुसा। घर में सभी सो रहे थे, जिससे डर का माहौल बन गया।
Raigarh Road Accident: शुक्रवार की सुबह में तेज गति से आ रही दो कोयला लोड़ ट्रेलर ग्राम बंगुरसिया के पास मेन रोड में आमने-सामने टकराते हुए एक ट्रेलर ग्रामीण के मकान में जा घुसी। तेज अवाज के साथ कंपन होने से नींद में गाफिल परिवार आनन-फानन में घर से बाहर निकले, तब तक मकान क्षतिग्रस्त होने लगा था। इसको लेकर सुबह होते ही ग्रामीणों ने चक्काजाम शुरू कर दिया, जो पुलिस की समझाईश के बाद करीब पांच घंटा बाद जाम समाप्त हुआ। इसके बाद मार्ग पर आवागमन शुरू हो सका।
इस संबंध मे मिली जानकारी के अनुसार चक्रधरनगर थाना क्षेत्र के ग्राम बंगुरसिया में शुक्रवार की सुबह करीब 4.30 बजे दो कोयला लोड ट्रेलर की आमने-सामने जबरदस्त टक्कर हो गई। यह हादसा इतना भयावहथा कि दोनों ट्रेलर आपस मे टकराने के बाद सड़क से उतर गई और वहीं पास में ही रोड किनारे स्थित उमाशंकर गुप्ता के मकान में ट्रेलर क्रमांक ओडी-16 के1925 घर की दीवार को तोड़ते हुए कमरे तक प्रवेश कर गई। वहीं जोरदार धमाके के साथ घर भी पूरा झटके के साथ हिलने लगा। ऐसे में घर के अंदर सो रहे लोग हड़बड़ाते हुए बाहर निकले तो मलवा गिरने लगा।
इसे देख मकान मालिक चीख-पुकार मचाने लगे। साथ ही घर में सो रहे दो बच्चे और बुर्जुगों को जल्दबाजी में घर के आंगन में लाए और किसी तरह एक करके बाहर निकले और घर के दीवार और रोड तरफ उनकी नजर पड़ते ही हवाईया उड़ गई। साथ ही आसपास के लोगों ने इस नजारे को देखे तो उनका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। पीड़ित परिवार दुर्घटनाग्रस्त वाहनों की तरफ गए तो उसके चालक वाहन छोड़कर फरार हो गए।
बंगुरसिया निवासी उमाशंकर गुप्ता के मकान में ट्रेलर घुसने से मकान बुरी तरह से क्षतिग्रस्त होने से नाराज ग्रामीणों ने एकत्र होकर सड़क में बैठकर चक्काजाम शुरू कर दिए। चक्रधरनगर पुलिस को घटना की सूचना मिली तो थाना प्रभारी प्रशांत राव अपने दल बल के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक सड़क के दोनों तरफ वाहनों की कतार लग गई थी। पुलिस द्वारा पीड़ित परिवार को समझाईश देते हुए चक्काजाम समाप्त करने का प्रयास करने लगे, लेकिन पीड़ित परिवार मुआवजा व गाड़ियों की गति पर रोक लगाने की मांग पर अडे़ रहे।
करीब पांच घंटा तक जाम चलता रहा। पुलिस ने आश्वासन दिया कि वाहन चालकों पर कड़ी कार्रवाई होगी और उचित मुआवजा भी दिया जाएगा। तब कहीं जाकर दोपहर करीब 12 बजे जाम खुला जिससे वाहनों का आना-जाना शुरू हो सका।
इस मार्ग से दिन-रात कोयला लोड भारी वाहनों की रेलम-पेल लगे रहता है। साथ ही वाहन चालक अधिक फेरा लगाने की चक्कर में वाहन को तेज एवं लापरवाही पूर्वक चलाते हैं, जिसके चलते हमेशा इनके चपेट में आने से लोगों की जान जाती है। साथ ही हर दिन कोई न कोई गाड़ी अनियंत्रित होकर कभी पेंड़ से टकराती है तो कभी सड़क से नीचे उतर जाती है। जिसको लेकर ग्रामीणों का कहना था कि इन वाहन चालकों पर कार्रवाई हो ताकि वाहन को निर्धारित गति से चला सके।