आरक्षक ने 6 साल की बेटी से दुष्कर्म करके न सिर्फ पुलिस महकमे बल्कि पिता पुत्री जैसे पवित्र रिश्ते को भी शर्मसार कर दिया है।
रायगढ़. जिस खाकी पर विश्वास करके लोग चैन की नींद सोते हैं उसी खाकीधारी ने अपनी ही 6 साल की बेटी से दुष्कर्म करके न सिर्फ पुलिस महकमे बल्कि पिता पुत्री जैसे पवित्र रिश्ते को भी शर्मसार कर दिया है। बेटी के साथ हुए अनाचार की जैसे ही मां को जानकारी हुई उसने सीधे अपने पति के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 376 (2) (च), (झ), 506 भादवि 4,6 पॉस्को एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।
जानकारी के अनुसार आरक्षक संतोष पांडेय पिता रामबरन पांडेय की पदस्थापना तीन-चार माह पहले उर्दना पुलिस लाइन से सारंगढ़ थाने में हुई थी। उसका परिवार रायगढ़ में ही रहता था। संतोष के कुल छह बच्चे हैं। वर्तमान में संतोष की ड्यूटी उडऩदस्ता टीम में लगी थी। एक अप्रैल को संतोष की पत्नी ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि संतोष ने अपनी ही छह साल की बेटी के साथ दुष्कर्म किया है। पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर आरोपी को उसी दिन गिरफ्तार कर दो अप्रैल को न्यायिक रिमांड में भेज दिया गया है, लेकिन इस सच्चाई से मीडिया को अंजान रखा गया।
यह घटना जिले की पहली घटना है। इससे पूरे पुलिस महकमे की बदनामी हो रही है। लोगों का कहना है कि आरोपी पुलिसवाला होने के साथ-साथ एक पिता भी था और पिता अपनी मासूम बच्ची के साथ ऐसा घृणित कार्य कैसे कर सकता है। इस बात को लेकर लोग हैरान हैं।
कोतवाली टीआई डीके मार्कण्डेय ने कहा कि थाना क्षेत्र में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है न ही मुझे इसकी कोई जानकारी है। अगर ऐसा हुआ है तो और कहीं का होगा, आप अपने स्तर से पता करवा लो। कोतवाली थाने में पदस्थ मुंशी ने कहा कि हमें इस बारे में कुछ नहीं पता। टीआई साहब व कुछ अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं। इसके बाद मुंशी ने एएसआई अनिल कुमार अग्रवाल का फोन नंबर दिया जोकि मामले की जांच कर रहे हैं।
जांचकर्ता एएसआई अनिल अग्रवाल ने कहा कि मैं इस बारे में कुछ भी नहीं कह सकता। इसकी जानकारी आपको सीएसपी से मिलेगी और फोन काट दिया। सीएसपी अविनाश सिंह ठाकुर ने कहा कि अभी मैं नामांकन कार्य में व्यस्त हूं, इसकी जानकारी कोतवाली थाने से ले लें। एएसपी अभिषेक वर्मा ने कहा कि सारंगढ़ थाने में पदस्थ आरक्षक अपनी ही बच्ची के साथ अप्राकृतिक कृत्य कर रहा था। आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरक्षक के बारे में और अधिक जानकारी लेने पर एएसपी ने कुछ भी बताने से साफ मना कर दिया।