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Raigarh Trainee SI: रायगढ़ को मिले 18 नए सब इंस्पेक्टर , SSP ने बताया पुलिसिंग का असली मतलब

Police Practical Training: रायगढ़ जिले को 18 नए ट्रेनी SI मिले हैं। पुलिस लाइन में रिपोर्टिंग के बाद SSP शशि मोहन सिंह ने सभी प्रशिक्षु अधिकारियों को जनसेवा, अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की सीख दी।

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Raigarh Trainee SI

रायगढ़ पहुंचे 18 नए ट्रेनी SI (photo source- Patrika)

Raigarh Trainee SI: छत्तीसगढ़ पुलिस मुख्यालय, नया रायपुर द्वारा जारी आदेश के तहत प्रदेशभर में 526 प्रशिक्षु उप निरीक्षकों (SI) को व्यवहारिक प्रशिक्षण के लिए अलग-अलग जिलों में भेजा गया है। इसी कड़ी में रायगढ़ जिले को भी 18 नए प्रशिक्षु उप निरीक्षक मिले हैं। इन सभी अधिकारियों ने पुलिस लाइन पहुंचकर अपनी आमद दर्ज कराई, जहां उनका स्वागत किया गया और वरिष्ठ अधिकारियों से परिचय कराया गया।

पुलिस विभाग में अकादमिक प्रशिक्षण के बाद फील्ड ट्रेनिंग को सबसे महत्वपूर्ण चरण माना जाता है। यही वह समय होता है, जब नए अधिकारी किताबों और क्लासरूम से निकलकर वास्तविक परिस्थितियों में पुलिसिंग को समझते हैं। रायगढ़ जिले में पहुंचे ये प्रशिक्षु SI अब अलग-अलग थाना क्षेत्रों और यूनिट्स में रहकर कानून व्यवस्था, अपराध विवेचना और जनता से जुड़ी जिम्मेदारियों को करीब से सीखेंगे।

Raigarh Trainee SI: वरिष्ठ अधिकारियों से कराया गया परिचय

पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान रक्षित निरीक्षक अमित सिंह ने सभी प्रशिक्षु उप निरीक्षकों का जिले के वरिष्ठ अधिकारियों से परिचय कराया। इस दौरान अधिकारियों ने नए SI का स्वागत करते हुए उन्हें पुलिस सेवा की जिम्मेदारियों और चुनौतियों से अवगत कराया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि व्यवहारिक प्रशिक्षण पुलिस सेवा का सबसे अहम हिस्सा होता है। अकादमी में प्राप्त ज्ञान को वास्तविक परिस्थितियों में लागू करना ही एक बेहतर पुलिस अधिकारी की पहचान बनाता है।

“अनुशासन पुलिस विभाग की पहली सीढ़ी”

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने प्रशिक्षु SI को अनुशासन, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा को अपने कार्य का आधार बनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग में अनुशासन सबसे पहली और सबसे जरूरी सीढ़ी है। हर पुलिस अधिकारी का आचरण और कार्यशैली ही विभाग की छवि तय करती है।

उन्होंने कहा कि पुलिस की नौकरी सिर्फ प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि यह जनसेवा का सबसे बड़ा माध्यम है। आम लोगों की समस्याओं को समझना और संवेदनशीलता के साथ उनकी मदद करना एक अच्छे पुलिस अधिकारी की पहचान होती है।

जनता के प्रति संवेदनशील बनने की सीख

एसएसपी ने प्रशिक्षु अधिकारियों को आम जनता के प्रति जवाबदेह और सेवाभावी दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि पुलिस और जनता के बीच विश्वास बनाए रखना बेहद जरूरी है। इसलिए हर अधिकारी को अपने व्यवहार में संयम, धैर्य और संवेदनशीलता बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने नए अधिकारियों को सलाह दी कि वे प्रशिक्षण अवधि का अधिकतम लाभ उठाएं और वरिष्ठ अधिकारियों एवं अनुभवी पुलिसकर्मियों से सीखने का हर अवसर अपनाएं।

अपराध विवेचना से कानून व्यवस्था तक सीखेंगे हर पहलू

प्रशिक्षण के दौरान नए SI को थाना संचालन, अपराध नियंत्रण, केस विवेचना, कानून व्यवस्था बनाए रखना, शिकायतों का निराकरण और फील्ड पुलिसिंग की बारीकियां सिखाई जाएंगी। इसके अलावा संवेदनशील मामलों को संभालने, जनता से संवाद स्थापित करने और आपात परिस्थितियों में त्वरित निर्णय लेने की भी ट्रेनिंग दी जाएगी। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यही व्यवहारिक अनुभव भविष्य में एक सक्षम और जिम्मेदार पुलिस अधिकारी तैयार करता है।

Raigarh Trainee SI: जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में दी गई जिम्मेदारी

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने इन 18 प्रशिक्षु उप निरीक्षकों को जिले के अलग-अलग स्थानों पर अस्थायी रूप से पदस्थ किया है। यहां वे वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्य करेंगे और पुलिसिंग की हर छोटी-बड़ी बारीकी को समझेंगे। रायगढ़ पुलिस के लिए यह नई ऊर्जा की तरह माना जा रहा है। नए अधिकारियों की मौजूदगी से पुलिस बल को मजबूती मिलेगी और कानून व्यवस्था को बेहतर ढंग से संभालने में मदद मिलेगी।

नई शुरुआत, नई जिम्मेदारी

इन नए प्रशिक्षु SI के लिए यह सिर्फ प्रशिक्षण नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार पुलिस अधिकारी बनने की दिशा में पहला बड़ा कदम है। अब उन्हें मैदान में उतरकर वास्तविक चुनौतियों का सामना करना होगा और जनता के बीच अपनी भूमिका निभानी होगी। आने वाले समय में यही युवा अधिकारी कानून व्यवस्था को मजबूत करने और जनता का भरोसा जीतने में अहम भूमिका निभाते नजर आएंगे।