Elephant attack: ताजा मामला धरमजयगढ़ वनमंडल से सामने आया है, जहां एक जंगली हाथी के हमले में एक बुजुर्ग ग्रामीण की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में भय और सन्नाटे का माहौल व्याप्त है।
Elephant attack: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में जंगली हाथियों का बढ़ता आतंक ग्रामीणों के लिए गंभीर चिंता का विषय बनता जा रहा है। आए दिन हाथियों के हमलों की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिनमें अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है। ताजा मामला धरमजयगढ़ वनमंडल से सामने आया है, जहां एक जंगली हाथी के हमले में एक बुजुर्ग ग्रामीण की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में भय और सन्नाटे का माहौल व्याप्त है।
यह घटना धरमजयगढ़ वनमंडल के छाल रेंज अंतर्गत आने वाले ग्राम चुहकीमार की है। यहां रहने वाले 70 वर्षीय गंगाराम सारथी रोजमर्रा की तरह जंगल से लकड़ी लाने गए थे। बताया जा रहा है कि सुबह करीब 10 बजे वे जंगल की ओर निकले थे। दोपहर लगभग ढाई बजे के आसपास जंगल के भीतर अचानक उनका सामना एक विशालकाय जंगली हाथी से हो गया। इससे पहले कि बुजुर्ग कुछ समझ पाते या खुद को बचाने का प्रयास करते, हाथी ने उन पर हमला कर दिया और उन्हें बुरी तरह कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। आसपास के गांवों में दहशत का माहौल बन गया है। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम और हाथी मित्र दल तत्काल मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने में जुट गए। वन विभाग ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही पीड़ित परिवार को शासन की ओर से मिलने वाली मुआवजा राशि की कार्रवाई भी प्रारंभ कर दी गई है।
वन विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान समय में रायगढ़ जिले में कुल 101 जंगली हाथी विचरण कर रहे हैं। इनमें से 59 हाथी रायगढ़ वनमंडल क्षेत्र में जबकि 42 हाथी धरमजयगढ़ वनमंडल में सक्रिय हैं। इन हाथियों के दल में 32 नर, 48 मादा और 21 शावक शामिल हैं। बताया जा रहा है कि ग्राम चुहकीमार के आसपास के जंगलों में फिलहाल करीब 12 हाथियों का एक दल मौजूद है, जिससे नजदीकी रिहायशी इलाकों में खतरा लगातार बना हुआ है।