- धरमजयगढ़ वन मंडल के छाल रेंज के पुरुंगा गांव का मामला, हाथियों के उत्पात से सहमे ग्रामीण
रायगढ़. धरमजयगढ़ वन मंडल के छाल रेंज स्थित पुरुंगा गांव में एक दंतैल हाथी का उत्पात देखने को मिला है। हमेशा की तरह सुबह उठकर अपने धान की फसल को देखने जा रहे किसान का दंतैल हाथी से सामना हो गया। ढलती उम्र के बीच हाथी को सामने से देखकर किसान भागने की कोशिश की, पर वह ज्यादा दूर भाग नहीं पाया और हाथी ने उसे पटक-पटक कर मौत की नींद सुला दिया। घटना के बाद क्षेत्र में हाथियों को लेकर ग्रामीण सहमे हुए हैं। इधर हादसे के बाद वन विभाग द्वारा पीडि़त परिवार को 25000 तत्कालिक मुआवजा राशि देकर मामले की जांच की जा रही है, वहीं पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेज दिया है।
धरमजयगढ़ वन मंडल में हाथियों के बढ़ते उत्पात के बीच रविवार को एक और ग्रामीण अपनी जान से हाथ धो पड़ा। मिली जानकारी के अनुसार मामला छाल रेंज के ग्राम पुरुंगा स्थित कक्ष क्रमांक 564 का है। जब पुरूंगा निवासी रूपसाय अगरिया पिता ठाकुर राम अगरिया 62 साल, हमेशा की तरह रविवार की सुबह अपने धान के खेत को देखने गया था। जंगल के करीब लगे इस धान के खेत को देखने के दौरान रूपसाय के सामने एक दंतैल हाथी आ गया, जो अपने झुंड में सबसे आगे चल रहा था।
अचानक हाथी के सामने आ जाने पर रूपसाय ने भागने की कोशिश की, पर भाग न सका और हाथी ने उसे मार डाला। ग्रामीण की चीख-पुकार के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां पहुंचे। तब तक रूपसाय की मौत हो गई थी। वहीं हाथी जंगल की ओर चले गए थे। हाथी के हमले में ग्रामीण की मौत की जानकारी वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को दी गई।
इसके बाद छाल रेंजर अपने सहयोगियों के साथ घटनास्थल पहुंचे। वही प्रकरण दर्ज करने के बाद पीडि़त परिवार को तत्कालिक सहायता राशि के रूप में 25 हजार रुपए दिया। वहीं मुआवजा राशि के शेष तीन लाख 75 हजार रुपये विभागीय लिखा-पढ़ी के बाद देने की बात कही।
धरमजयगढ़ वन मंडल में हाथियों के बढ़ते उत्पात और जान-माल के नुकसान को देखते हुए ग्रामीणों में एक बार फिर भय का माहौल कायम हो गया है। इधर वन विभाग ने ग्रामीणों को अकेले जंगल की ओर नहीं जाने की नसीहत दी है। वन विभाग की सूचना पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेज दिया है। वही मर्ग कायम कर मामले की जांच कर रही है।
वन मंडल में है 92 हाथी
धरमजयगढ़ वन मंडल में इन दिनों 92 हाथियों का जमावड़ा लगा हुआ है, जो वन मंडल के विभिन्न रेंजर मौजूद हैं। विभागीय अधिकारी ने जानकारी के अनुसार वन मंडल में 27 नर हाथी, 46 मादा हाथी जबकि 19 उनके बच्चे हैं। भोजन की तलाश में इस रेंज से उस रेंज तक विचरण करते रहते हैं, जो उनके दिनचर्या में भी शामिल है। इस बीच ग्रामीणों को हाथियों के उत्पात को देते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
छाल रेंज के पुरुंगा में हाथी ने एक ग्रामीण को मौत के घाट उतार दिया है, जो अपने धान की फसल को देखने के लिए खेत जा रहा था। विभाग द्वारा प्रकरण दर्ज कर पीडि़त परिवार को मुआवजा राशि दी गई है- प्रणय मिश्रा, डीएफओ, धरमजयगढ़ वन मंडल