साउथ बिहार एक्सप्रेस से जब आर्डर सप्लायर दो बड़े बैक सहित 10 पैकेट से अधिक सामान के साथ पकड़ा गया तो उसने एक बड़ा खुलासा किया।
रायगढ़. साउथ बिहार एक्सप्रेस से जब आर्डर सप्लायर दो बड़े बैक सहित 10 पैकेट से अधिक सामान के साथ पकड़ा गया तो उसने एक बड़ा खुलासा किया।
जीआरपी प्रभारी के कमरे में काफी देर तक चल रहे गोलमाल की कवायद के बीच सप्लायर ने कहा कि सबको देता हूं। जीआरपी केे साहब ने 4 दिन पहले मिलने के लिए बुलाया था। रिश्तेदारी में जाने की वजह से उनसे नहीं मिल सका। ऐसे मेंं, गुरुवार को सामान के साथ मुझे पकड़ लिया गया।
हालांकि साहब से बात-चीत चल रही है। वहींं इस मामले में जब मीडिया ने जीआरी प्रभारी व जवानों से उक्त मामले को लेकर पूछा तो उन्होंने 'कुछ नहींं है, वो तो ऐसे ही सामान को रखा गया है कह कर पल्ला झाड़ते नजर आए।
दिन हो या रात, ट्रेनों मेंं आरक्षित कोच और पेेंट्रीकार से कुरियर कंपनी के अलावा आर्डर सप्लायर की ओर से बड़े पैमाने पर सामान की ढुलाई की जा रही है। इस बात पर गुरुवार की दोपहर एक बार फिर मुहर लगी। जब रायपुर के आर्डर सप्लायर अजय लाट को जीआरपी ने साउथ बिहार एक्सप्रेस से दो बड़े बैग में ठूस-ठूस कर भरे वजनी सामान के अलावा आधा दर्जन सेे अधिक कार्टून व पैकटों के साथ पकड़ा। मीडिया की नजर ना पड़े। इसके लिए उक्त सामान को जीआरपी प्रभारी के कमरे मेंं रखा गया था।
जब मीडिया ने उक्त सामान के बारे में पूछा तो जीआरपी के प्रभारी के साथ वहां मौजूद प्रधान आरक्षक व आरक्षक, गोलमटोल जवाब देते नजर आए। बार-बार वो इसी बात को दोहरा रहे थे कि कुछ नहीं है, ऐसे ही पकड़ कर लाया गया है।
इस बीच आर्डर सप्लायर अजय से चर्चा के दौरान इस बात का खुलासा कि वो पिछले 5-6 साल से साउथ बिहार एक्सप्रेस की मदद से रायपुर से रायगढ़ सामान की ढुलाई करता है। अजय ने बताया कि 'मैं सबको नियमित रुप से कुछ ना कुछ देता हंू। जीआरपी के साहब ने 4 दिन पहले मिलने के लिए बुलाया था। रिश्तेदारी में बरगढ़ चलेे जाने की वजह से साहब से नहींं मिल सका। गुरुवार को हमेेेशा की तरह सामान लेकर आया तो साहब लोग पकड़ लिए। बात-चीत का दौर जारी है। जल्द ही कोई हल निकल जाएगा।
गेट पर टीटीई को देता हूं 50 रुपए- आर्डर सप्लायर अजय ने बताया कि इस धंधे में करीब 5-6 साल से हंू। सामान के हिसाब से कुली को ट्रेन से ही फोन कर देता हंू। जो सामान को ट्रेन से उतारने के बाद बाहर तक पहुंचाने का काम करते हैंं। गेट पर मौजूद टीटीई का 50 रुपए फिक्स है। चाहे उस समय ड्यूटी पर कोई भी टीटीई हो। सबको मिलाजुला कर चलना पड़ता है। बातों ही बातों में आर्डर सप्लायर ने यह भी कहा कि अब पहले जैसी कमाई नहीं रह गई है। रायपुर से लेकर रायगढ़ तक खर्चे बढ़ते जा रहे हैं।
अनबुक्ड़ माल को लेकर हो चुकी है शिकायत- बगैर पार्सल बुकिंग के अनबुक्ड़ माल की ढुलाई को लेकर दो सप्ताह पहले स्थानीय व्यापारियों ने सीनियर डीसीएम को लिखित में शिकायत की थी। जिसपर बिलासपुर डिवीजन के कमर्शियल से जुड़े अधिकारियों ने हैरानी जताते हुए उचित कार्रवाई का भरोसा दिया था। मीडिया में किरकिरी व अधिकारी की फटकार के टीटीई ने आरपीएफ की मदद से कुछ अनबुक्ड़ माल पर प्रकरण भी बनाए। पर कुछ दिनों बाद फिर से पहले जैसा सिस्टम बहाल हो गया।
आज आएंगे जीआरपी के एडीजीपी- आर्डर सप्लायर के खुलासे व जीआरपी की कार्यशैली पर उठते सवालों के बीच शुक्रवार को एडीजीपी का रायगढ़ दौरा भी है। जिसे देखते हुए जीआरपी कार्यालय व प्र्रभारी के कक्ष को चकाचक करने की कवायद युद्ध स्तर पर की जा रही है। टूटे कुर्सियों को मरम्मत करने के साथ ही महिला हेल्प डेस्क के नए बैनर को भी जीआरपी कार्यालय के बाहर चस्पा किया जा रहा था। जिससे आला अधिकारी के निरीक्षण में सब कुछ ऑल इज वेल नजर आए।