रेलवे डाक्टर ने किया अटैंड
रायगढ़. हरिद्वार से पुरी जा रही कलिंग उत्कल एक्सप्रेस के एसी कोच में सफर कर रहे यात्री की तबीयत बिगड़ गई। जिसके बाद ट्रेन को रायगढ़ में करीब 10 मिनट तक रोक कर इलाज किया।
पीउि़त यात्री की माने तो उसके पेट में किसी अन्य यात्री द्वारा झटका (दबा) दिया। जिससे उसके पेट में दर्द उठ गया। रेलवे डाक्टर ने मरीज से बातचीत करने के बाद उसे कुछ जरुरी दवाईयां दी है। वहीं तबीयत में सुधार नहंी होने की स्थिति में रायगढ़ में उतर जाने की सलाह दी। हलांकि यात्री ने राहत महसूस करने की बात कह उसी ट्रेन से आगे बढ़ गया।
मिली जानकारी के अनुसार ग्वालियर मुरैना के रहने वाले नीतेश गुप्ता 38 वर्ष, उत्कल एक्सप्रेस में सफर करते हुए राउरकेला जा रहे थे। ट्रेन के एसी कोच बी-2 के 39 नंबर बर्थ पर सफर करने के दौरान यात्री ने पेट में दर्द की शिकायत की। वहीं मामले की जानकारी रेलवे के टोल फ्री नंबर पर दी। जिसके बाद रेलवे डाक्टर की टीम उक्त यात्री को अटैंंड करने के लिए रेलवे स्टेशन पहुंचे।
जहां ट्रेन के रायगढ़ में रुतके ही रेलवे डाक्टर ने मरीज से उसकी बीमारी के बारे में जानकारी ली। मरीज की माने तो उसके पेट के साइड में दर्द हो रहा है। यह दर्द, रेल सफर के दौरान ही किसी यात्री से झटका लगने के बाद शुरु हो गया है। झटका लगने के बाद उसके पेट भी दबा था।
जिसके बाद रेलवे डाक्टर ने दवाईयां देते हुए यात्री को बेहतर उपचार के लिए रायगढ़ में उतरने की सलाह भी दी। पर यात्री ने खुद की तबीयत में सुधार होने की बात कह आगे सफर करने की बात कही। जिसके बाद दवाईयां देकर ट्रेन को रवाना कर दिया।
मरीज व डाक्टर को करना पड़ा इंतजार
उत्कल एक्सप्रेस के एसी कोच में पेट दर्द से परेशान यात्री को करीब 15-20 मिनट तक ट्रेन के आउटर पर रुकने की वजह से भी परेशानी हुई। इधर ट्रेन के समय पर आते हुए देख रेलवे डाक्टर भी अपनी टीम के साथ पहुंचे हुए थे। पर प्लेटफार्म नंबर एक पर एडीआरएम की स्पेशन ट्रेन के खड़ा होने व उत्कल एक्सप्रेस के आगे मालगाड़ी होने की वजह से उक्त ट्रेन को काफी देर तक आउटर के पास रोका गया था। इस बीच की पुष्टि ट्रेन में सवार यात्री व टीटीई भी कर रहे हैं।