जिले में अवैध उत्खनन पर नियंत्रण के लिए कलेक्टर ने दिया आदेश
रायगढ़। जिले में खनिज के अवैध उत्खनन को लेकर कलेक्टर ने खनिज विभाग को सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। साथ ही अवैध उत्खनन प्रभावित क्षेत्रों के समस्त पहुंच मार्ग को बाधित करने की कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। जिले में गौण खनिज की हो चाहे कोयले की अवैध उत्खनन की शिकायत समय-समय पर आते रहती है इन मामलों में अधिकांश तौर पर वाहनों को पकड़कर प्रकरण दर्ज कर कार्रवाई दिखा दिया जाता है। उक्त प्रकरण में जुर्माने राशि जमा कर वाहन वकोयले को छुड़ा लिया जाता है, लेकिन अवैध उत्खनन का कारोबार बंद नहीं होता है। नियमानुसार देखा जाए तो खनिज अधिनियम के तहत अवैध उत्खनन पर कार्रवाई के दौरान खोदे गए गड्ढों को समतल कर पहुंच मार्ग को काटने की कार्रवाई का प्रावधान है, लेकिन आज तक इसप्रकार की कार्रवाई विभाग ने नहीं की है, सिर्फ वाहनों पर कार्रवाई कर खानापूर्ति कर दिया जाता है। इसको लेकर कलेक्टर तारण प्रकाश सिन्हा ने गंभीरता दिखाते हुए अवैध उत्खनन, परिवहन एवं अवैध भण्डारण पर अंकुश लगाने के लिए खनिज विभाग के अधिकारियों को विशेष रूप से निर्देशित किया गया है कि वे खनिजों के अवैध उत्खनन प्रभावित सीमावर्ती क्षेत्रों को चिन्हांकित कर विशेष निगरानी रखें तथा ऐसे क्षेत्र के लिए समस्त पहुंच मार्ग को बाधित करने के आवश्यक सभी उपाय करें। उत्खनन स्थल तक नहीं पहुंचती है टीम 22 अगस्त से 30 सितंबर खनिज विभाग ने कुल 18 अवैध खनिज परिवहनकर्ताओं पर खान एवं खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए 7 लाख 93 हजार 433 रुपए का अर्थदण्ड लगाया है। इसीप्रकार साल भर में दर्ज प्रकरण पर भी गौर किया जाए तो परिवहन कर्ताओं पर ही कार्रवाई मिलेगी। विभाग की टीम अवैध खदानों तक पहुंच ही नहीं पाती है। संज्ञान में आने के बाद भी कार्रवाई नहीं नवगठित जिले के ग्राम लालाधुरवा में अवैध खदान में फ्लाईएश फिलिंग करने की अनुमति दे दी गई है जबकि उक्त कृषि भूमि में बिना लीज के व अनुमति के १५ मीटर का खदान खनिज विभाग के अधिकारियों ने ही प्रमाणित किया है। लेकिन आज पर्यंत इसमें किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई। वहीं पंडरीपानी में रोहित सिदार के भूमि से किए गए अवैध उत्खनन के प्रमाण मिलने के बाद भी आज तक कार्रवाई नहीं किया गया है।