
Kelo Dam Water Release: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पिछले 24 घंटे से अधिक समय से रुक-रुककर हल्की और मध्यम बारिश हो रही है। लगातार बारिश के कारण केलो डैम में जलभराव बढ़ने पर सोमवार रात इसके चार गेट खोल दिए गए। डैम से पानी छोड़े जाने के बाद केलो नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है। स्थिति को देखते हुए नगर निगम और जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर है।
रायगढ़ में रविवार रात से बारिश का दौर शुरू हुआ, जो सोमवार को भी जारी रहा। दिनभर रुक-रुककर हल्की और मध्यम बारिश होती रही। धरमजयगढ़, कापू, छाल, तमनार और लैलूंगा क्षेत्र में भी अच्छी बारिश दर्ज की गई। लगातार बारिश के चलते केलो डैम में पानी की आवक बढ़ने लगी। इसे देखते हुए केलो परियोजना प्रबंधन ने सोमवार रात डैम के चार गेट खोल दिए। फिलहाल डैम में करीब 180 क्यूमेक पानी बताया जा रहा है। डैम का अधिकतम जलभराव स्तर 233 मीटर है।
लगातार बारिश और केलो नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने जलभराव की स्थिति पर निगरानी बढ़ा दी है। निगम आयुक्त ने समय-सीमा की बैठक में आपदा प्रबंधन और जलभराव को लेकर अधिकारियों के साथ विशेष चर्चा की। उन्होंने आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। खास तौर पर पहले से चिन्हित जलभराव वाले क्षेत्रों पर विशेष नजर रखने को कहा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत और बचाव की कार्रवाई की जा सके।
भू-अभिलेख शाखा के अनुसार रायगढ़ जिले में 17 अगस्त तक 718 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। 1 जून 2026 से अब तक रायगढ़ तहसील में 845.1 मिमी, पुसौर में 701 मिमी, खरसिया में 606.9 मिमी, घरघोड़ा में 542 मिमी और तमनार में 979.4 मिमी बारिश हुई है। इसी अवधि में लैलूंगा में 608.8 मिमी, मुकडेगा में 547.5 मिमी, धरमजयगढ़ में 473.6 मिमी, छाल में 877 मिमी और कापू में 998.3 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।
केलो परियोजना के कार्यपालन अभियंता एमके गुप्ता ने बताया कि लगातार बारिश के कारण डैम में जलभराव को देखते हुए चार गेट खोले गए हैं। वर्तमान में डैम में करीब 180 क्यूमेक पानी है और स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि इससे पहले भी अच्छी बारिश के दौरान केलो डैम के गेट खोले जा चुके हैं। फिलहाल प्रशासन और परियोजना प्रबंधन जलस्तर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।