
हाथी के हमले से बुजुर्ग की दर्दनाक मौत (Photo Patrika)
Raigarh Elephant Attack: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में हाथी के हमले से एक ग्रामीण की मौत हो गई। जंगल से निकलकर बस्ती के करीब पहुंचे हाथी का सामना अचानक एक बुजुर्ग ग्रामीण से हो गया। हाथी ने ग्रामीण पर हमला कर दिया, जिससे उसके सिर में गंभीर चोटें आईं और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद से आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों को अब जंगल और बस्ती के आसपास हाथियों की मौजूदगी को लेकर सतर्क रहने की चिंता बनी हुई है। यह पूरा मामला धरमजयगढ़ वन मंडल के बाकारूमा रेंज का है। मृतक की पहचान ग्राम जमावीरा निवासी रतन गुप्ता उर्फ चंदन (60 वर्ष) के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि शनिवार देर रात करीब 2 बजे रतन गुप्ता किसी काम से अपने घर से बाहर निकले थे। इसी दौरान जंगल की ओर से एक हाथी बस्ती के नजदीक पहुंच गया।
बताया गया कि रतन गुप्ता जैसे ही घर से बाहर निकले, उनका सामना अचानक हाथी से हो गया। रात के अंधेरे में हाथी को देखकर उन्हें संभलने का मौका नहीं मिला। हाथी ने उन पर हमला कर दिया। हमले के दौरान रतन के सिर में गंभीर चोट आई, जिसके चलते उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद हाथी कुछ देर तक आसपास के इलाके में रहा और फिर वापस जंगल की ओर चला गया। हाथी के जंगल की तरफ लौटने के बाद ग्रामीणों को घटना की जानकारी मिली। इसके बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और वन विभाग को सूचना दी गई।
ग्रामीणों से घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वनकर्मियों ने घटनास्थल का जायजा लिया और शव का पंचनामा तैयार कर आगे की कार्रवाई शुरू की। घटना के बाद वन विभाग ने आसपास के ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है। वन विभाग की ओर से क्षेत्र में हाथियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। अधिकारियों और वनकर्मियों की टीम हाथियों के अलग-अलग दलों की लोकेशन पर निगरानी कर रही है, ताकि मानव-हाथी संघर्ष की घटनाओं को कम किया जा सके।
शनिवार को दर्ज किए गए हाथियों के रिकॉर्ड के अनुसार, धरमजयगढ़ वन मंडल में कुल 129 हाथी मौजूद हैं। इनमें 38 नर हाथी, 59 मादा हाथी और 32 शावक शामिल हैं। हाथियों के अलग-अलग दल वन मंडल की विभिन्न रेंज के जंगलों में विचरण कर रहे हैं। बाकारूमा रेंज में फिलहाल 2 से 3 हाथियों के अकेले विचरण करने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में जंगल से निकलकर हाथियों के आबादी वाले क्षेत्रों के करीब पहुंचने की आशंका बनी हुई है।
रायगढ़ जिले के वन क्षेत्रों में हाथियों की मौजूदगी के कारण मानव-हाथी संघर्ष की घटनाएं लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं। जंगल से लगे गांवों में रहने वाले लोगों के लिए रात के समय हाथियों की आवाजाही बड़ा खतरा बन जाती है। कई बार हाथी भोजन और पानी की तलाश में जंगल से निकलकर खेतों और बस्तियों के आसपास पहुंच जाते हैं। बाकारूमा रेंज में हुई इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में हाथियों की निगरानी और लोगों को समय रहते सतर्क करने की व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। वन विभाग की टीम हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है, लेकिन जंगल और आबादी के बीच लगातार होने वाली आवाजाही के कारण खतरा पूरी तरह टला नहीं है।
Updated on:
09 Aug 2026 01:35 pm
Published on:
09 Aug 2026 01:34 pm
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