
Chhattisgarh News: हवाई सेवा के सपने को लेकर एक बार फिर से शहरवासियों की उम्मीद जागी है। जिला प्रशासन ( Raigarh News ) ने इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर एक ओर जहां विमानन विभाग को 477 करोड़ रुपए का प्रस्ताव भेजकर मांग किया है तो वहीं दूसरी ओर भू-अर्जन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए धारा 11 का प्रकाशन किया गया है।
कोड़ातराई में एयरपोर्ट का सपना जिलेवासी पिछले लंबे समय से देख रहे हैं लेकिन भू-अर्जन में पेंच फंसने के बाद मामला ठंडे बस्ते में चले जाता है। लंबे समय से हवाई सेवा का सपना फाईलों में लटका हुआ था जिस पर फिर से प्रक्रिया शुरू होने से लोगों के सामने उम्मीद जागी है। शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने पिछले दिनों एयरपोर्ट के निर्माण के लिए जरूरत पडऩे वाली भूमि का सर्वे करने के बाद भू-अर्जन, पुर्नवास और परिसंपत्तियों के मुआवाजे को लेकर सर्वे कर गणना किया गया।
इस कार्य में प्रभावित निजी भूमि के भू-अर्जन व पुर्नवास में करीब 477 करोड़ रुपए लगने का अनुमान लगाया गया है। उक्त अनुमान के आधार पर प्रस्ताव तैयार कर विमानन विभाग को भू-अर्जन करने के लिए 477 करोड़ रुपए का प्रस्ताव भेजा गया है। प्रस्ताव भेजने के बाद भू-अर्जन की प्रक्रिया भी शुरूकर दी गई है। प्रभावित चारों गांव कोड़ातराई, औरदा, बेलपाली, और जकेला के प्रभावित भूमि के लिए धारा 11 का प्रकाशन कर पिछले दिनों समाजिक समाघात की प्रक्रिया भी की गई है।
समाजिक समाघात में प्रभावित किसानों ने आपत्ति की है जिसमें पुर्नवास के तहत एकमुश्त राशि की बजाए रोजगार की मांग की है। हांलाकि संबंधित अधिकारियों ने पुर्नवास के तहत इस प्रोजेक्ट में रोजगार उपलब्ध न हो पाने की बात कही है। समाजिक समाघात में आए आपत्तियों से शासन को भी अवगत कराया गया है। ऐसे में पुर्नवास का पेंच इस प्रोजेक्ट में रोड़ा लटका रहा है।
प्रभावित ग्राम किसान रकबा
कोड़ातराई 184 53.90 हेक्टे.
औरदा 75 26.54 हेक्टे.
बेलपाली 44 50.83 हेक्टे.
जकेला 132 86.82 हेक्टे.
एसडीएम महेश शर्मा ने बताया कि एयरपोर्ट के लिए अब भू-अर्जन की प्रक्रिया शुरू की गई है। समाजिक समाघात में आए आपत्तियों का निराकरण किया जा रहा है।