
सरपंच के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर घमासान (Photo Source- Patrika)
Panchayat Dispute: रायगढ़ जिले के खरसिया विधानसभा क्षेत्र के ग्राम तारापुर में सरपंच के खिलाफ प्रस्तावित अविश्वास प्रस्ताव को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। पंचायत से शुरू हुआ यह मामला अब सड़क से होते हुए थाने तक पहुंच गया है। शुक्रवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण कोतरा रोड थाने के सामने पहुंच गए और पुलिस-प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया। ग्रामीणों ने गिरफ्तार किए गए उप सरपंच राजीव डनसेना को तत्काल रिहा करने की मांग की।
ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच की कथित मनमानी के खिलाफ पंचायत के पंचों और ग्रामीणों ने अविश्वास प्रस्ताव लाने की प्रक्रिया शुरू की है। इसी बीच पंचों पर दबाव बनाने और उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की जा रही है। ग्रामीणों का दावा है कि पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई से अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसी के विरोध में उन्होंने थाने का घेराव किया।
मामले ने उस समय ज्यादा तूल पकड़ लिया, जब उप सरपंच राजीव डनसेना की गिरफ्तारी हुई। ग्रामीणों ने उनकी गिरफ्तारी को पंचायत में चल रही अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया से जोड़ते हुए सवाल उठाए। उनका कहना है कि उप सरपंच और अन्य पंचायत प्रतिनिधियों पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है। ग्रामीणों के प्रदर्शन के बीच बड़ी संख्या में लोग थाने के बाहर जमा रहे और उप सरपंच की तत्काल रिहाई की मांग करते रहे।
विवाद में राजनीतिक रंग तब आया, जब कांग्रेस नेता और खरसिया विधायक व पूर्व मंत्री उमेश पटेल अपने समर्थकों के साथ कोतरा रोड थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए पुलिस का इस्तेमाल किया जा रहा है। उमेश पटेल थाने में ही धरने पर बैठ गए। उन्होंने उप सरपंच राजीव डनसेना समेत पंचायत प्रतिनिधियों पर कथित दबाव बनाए जाने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
वहीं, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशिमोहन ने पुलिस पर लगाए जा रहे आरोपों को अलग संदर्भ में बताया है। पुलिस के अनुसार उप सरपंच राजीव डनसेना के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज था। इसी प्रकरण में कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का कहना है कि उप सरपंच की गिरफ्तारी का पंचायत में चल रहे अविश्वास प्रस्ताव से कोई संबंध नहीं है। कार्रवाई दर्ज आपराधिक मामले के आधार पर की गई है।
तारापुर में अविश्वास प्रस्ताव को लेकर पहले से चल रहा पंचायत विवाद अब राजनीतिक टकराव में बदलता नजर आ रहा है। एक तरफ ग्रामीण पुलिस-प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं, तो दूसरी ओर पुलिस इसे कानूनी प्रक्रिया के तहत की गई कार्रवाई बता रही है। उमेश पटेल के धरने पर बैठने के बाद मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। फिलहाल ग्रामीण उप सरपंच की रिहाई और अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया में किसी तरह का दबाव नहीं बनाए जाने की मांग पर अड़े हुए हैं। गांव में तनाव को देखते हुए प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर भी सभी की नजर बनी हुई है।
Updated on:
04 Sept 2026 03:42 pm
Published on:
04 Sept 2026 03:42 pm
