
फाइनेंस कंपनी से 7.58 लाख की धोखाधड़ी (photo source- Patrika)
Bharat Finance Fraud: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में फाइनेंस कंपनी के साथ उसके ही कलेक्शन एजेंट द्वारा धोखाधड़ी किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि कलेक्शन एजेंट ने कंपनी के ग्राहकों से किस्त के रूप में लाखों रुपए वसूले, लेकिन रकम कंपनी की शाखा में जमा नहीं की। इसके बाद वह कार्यालय आना भी बंद कर दिया।कंपनी के हिसाब-किताब में गड़बड़ी सामने आने के बाद मामले की जानकारी हुई। इसके बाद ब्रांच मैनेजर ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने कलेक्शन एजेंट के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मामला रायगढ़ के कोतवाली थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार महासमुंद जिले के ग्राम जोगीपाली निवासी वासुदास मानिकपुरी (35) भारत फाइनेंस कंपनी की रायगढ़ शाखा में ब्रांच मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। वहीं सक्ती जिले के ग्राम अमेराडीह निवासी विक्रम सिंह सिदार (20) कंपनी में कलेक्शन एजेंट के रूप में काम करता था। उसकी जिम्मेदारी कंपनी के ग्राहकों से लोन की किस्त की राशि वसूल कर उसे शाखा में जमा करने की थी। आरोप है कि 1 दिसंबर 2023 से 31 अगस्त 2024 के बीच विक्रम सिंह सिदार ने कंपनी के 40 ग्राहकों से कुल 7 लाख 58 हजार 937 रुपए की राशि वसूली। लेकिन यह रकम कंपनी की शाखा में जमा नहीं की गई।
शिकायत के मुताबिक ग्राहकों से राशि वसूलने के बाद आरोपी ने कंपनी में रकम जमा नहीं की। इसके बाद उसने कार्यालय आना भी बंद कर दिया। कंपनी की ओर से जब वसूली गई रकम का हिसाब-किताब मिलाया गया तो राशि जमा नहीं होने की बात सामने आई। इसके बाद कंपनी प्रबंधन को मामले में गड़बड़ी का पता चला। शिकायतकर्ता ब्रांच मैनेजर ने पुलिस को बताया कि ग्राहकों से कंपनी के लिए वसूली गई रकम शाखा में जमा नहीं की गई। इसके बाद मामले को लेकर पुलिस से शिकायत की गई।
इस मामले की एक खास बात यह है कि कथित वित्तीय गड़बड़ी की जानकारी सामने आने में काफी समय लग गया। कंपनी के रिकॉर्ड और हिसाब-किताब की जांच के दौरान मामला सामने आया। बताया गया है कि संबंधित अवधि 1 दिसंबर 2023 से 31 अगस्त 2024 के बीच की है। इसके बाद कंपनी की ओर से रिकॉर्ड की जांच की गई और करीब दो साल बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। हालांकि रकम के हिसाब-किताब में गड़बड़ी कब और किस स्तर पर सामने आई, इसे लेकर पुलिस जांच कर रही है।
मामले की जानकारी मिलने के बाद ब्रांच मैनेजर वासुदास मानिकपुरी ने रायगढ़ के कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में कलेक्शन एजेंट विक्रम सिंह सिदार पर ग्राहकों से वसूली गई राशि कंपनी में जमा नहीं करने का आरोप लगाया गया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले को जांच में लिया है। पुलिस अब कंपनी के रिकॉर्ड, ग्राहकों से जुड़ी जानकारी और वसूली गई रकम से संबंधित दस्तावेजों की जांच कर सकती है।
ब्रांच मैनेजर की शिकायत के आधार पर कोतवाली पुलिस ने विक्रम सिंह सिदार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धारा 316(5) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कंपनी के कितने ग्राहकों से रकम वसूली गई थी, किस-किस तारीख को राशि ली गई और कंपनी के खाते में कितनी रकम जमा नहीं हुई। इसके साथ ही पुलिस कथित तौर पर गबन की गई राशि और आरोपी की भूमिका से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
मामले की जांच के दौरान पुलिस कंपनी के उन 40 ग्राहकों से भी जानकारी ले सकती है, जिनसे आरोपी द्वारा रकम वसूल किए जाने की बात शिकायत में कही गई है। जांच में यह देखा जाएगा कि ग्राहकों ने किस तारीख को कितनी राशि जमा की थी और उन्हें भुगतान की कोई रसीद या अन्य दस्तावेज दिया गया था या नहीं। इसके आधार पर पुलिस कंपनी के रिकॉर्ड से भी जानकारी का मिलान कर सकती है। फिलहाल पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और पूरे प्रकरण की जांच जारी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कंपनी की रकम किस तरह गायब हुई और इस मामले में और कोई व्यक्ति शामिल था या नहीं।
रायगढ़ में फाइनेंस कंपनी से लाखों रुपए की कथित धोखाधड़ी का यह मामला अब पुलिस जांच के दायरे में है। शिकायत के मुताबिक 40 ग्राहकों से 7 लाख 58 हजार 937 रुपए वसूले गए, लेकिन कंपनी में जमा नहीं किए गए। फिलहाल पुलिस दस्तावेजों और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही आरोपों की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी और आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
Updated on:
01 Sept 2026 05:12 pm
Published on:
01 Sept 2026 05:12 pm
