अभी तक स्कूलों के सामने आए परिणाम पर गौर किया जाए तो जिले में करीब 40 स्कूल ऐसे हैं जहां के परिणाम 50 प्रतिशत से कम आए हैं।
रायगढ़. दसवीं-बारहवीं बोर्ड परीक्षा के परिणाम जारी हुए माह भर बीतने जा रहा है लेकिन अभी तक स्कूलों के परिणाम को लेकर समीक्षा नहीं हुई है। जबकि अन्य जिलों में स्कूलों को सराहने और कार्रवाई का दौर शुरू हो चुका है। अभी तक स्कूलों के सामने आए परिणाम पर गौर किया जाए तो जिले में करीब 40 स्कूल ऐसे हैं जहां के परिणाम 50 प्रतिशत से कम आए हैं। ऐसे शिक्षा विभाग अध्यापन कार्य में रुचि नहीं रखने व बच्चों पर ध्यान नहीं देने वाले शिक्षकों पर कैसे कार्रवाई करेगा यह समझ से परे है।
50 प्रतिशत से कम परिणाम लाने वाले स्कूलों के सूची पर गौर किया जाए तो कई स्कूल तो ऐसे हैं जहां का परिणाम 10 प्रतिशत है तो कई स्कूल के 25 व 27 प्रतिशत परिणाम वाले हैं। अभी तक जो जानकारी सामने आ रही है उसके अनुसार दसवीं में सबसे ज्यादा कमजोर स्थिति जिले के सरकारी स्कूलों की सामने आ रही है।
दसवीं बोर्ड परीक्षा में करीब ३० से अधिक स्कूलों के परिणाम 50 प्रतिशत से कम हैं जबकि बारहवीं में देखा जाए तो करीब १० स्कूलों के परिणाम 50 प्रतिशत से कम है। इसके अलावा दो दर्जन से अधिक स्कूल ऐसे हैं, जहां का परिणाम 50 प्रतिशत से अधिक तो है लेकिन 55 से 58 प्रतिशत में लटक गया है। धरमजयगढ़ पखनाकोट स्कूल में जहां दसवीं में 38 प्रतिशत तो वहीं बारहवीं में 34 प्रतिशत परिणाम आया है, इसीप्रकार दसवीं में देखा जाए तो धरमजयगढ़ के बोजिया, लिप्ति में २१ और २७ प्रतिशत परिणाम सामने आया है। वहीं बारहवीं में खरसिया के बरभौना में 34 व फरकानारा 46 प्रतिशत परिणाम रहा है।
दर्जन भर से अधिक का परिणाम 100 परसेंट
दसवीं और बारहवीं के अब तक सामने आए परिणाम पर गौर किया जाए तो करीब दर्जन भर से अधिक स्कूलों का परिणाम शत-प्रतिशत है। इसमें दसवीं में शासकीय हाई स्कूल संबलपुरी ने 100 प्रतिशत दसवीं में तो 12 वीं में 98 प्रतिशत परिणाम लाया है, शासकीय बड़े हरदी ने १० वीं में शत प्रतिशत परिणाम लाया है। जबकि बारहवीं में सांकरा, सरिया, गुड़ेली, पडिग़ांव, गोर्रा, तिलगा, भूपदेवपुर सहित अन्य कई स्कूल शामिल हैं।
कहने को मॉडल हैं परिणाम 17 प्रतिशत
दो मॉडल स्कूल संचालित है जिसको शासन ने पिछले दो वर्षों से डीएव्ही को संचालन का जिम्मा दिया है। अब तक सामने आए परिणाम पर गौर किया जाए तो धरमजयगढ़ के मॉडल स्कूल में दसवीं कक्षा का परिणाम १७ प्रतिशत है तो वहीं बारहवीं कक्षा का परिणाम १३.०१ प्रतिशत रहा है। वहीं के कुंजारा में संचालित मॉडल स्कूल के परिणाम की जानकारी नहीं मिल पा रही है।
शहर के स्कूलों की स्थिति अच्छी नहीं
शहर के सबसे पुराने स्कूल माने जाने वाले नटवर स्कूल में जहां १० वीं का परिणाम ५३ प्रतिशत तो १२ वीं ८२ प्रतिशत परिणाम आया है। इसीप्रकार नगर पालिका स्कूल में भी दसवीं का ५२ प्रतिशत तो बारहवीं का ८० प्रतिशत परिणाम है। कन्या स्कूल का दसवीं में ४४ तो १२ वीं में ७८ प्रतिशतचक्रधर नगर में दसवीं का ६७ प्रतिशत परिणम रहा। इसके अलावा उन्नयन हुए जुटमिल स्कूल में १० वीं में ६० तो १२ वीं में ६७ प्रतिशत परिणाम व चक्रधर नगर में ७१ व ८५ प्रतिशत परिणाम रहा है।
- दसवीं -बारहवीं बोर्ड परीक्षा का स्कूल व विषयवार परिणाम स्कूलों से मंगाया गया है। जल्द ही समीक्षा की जाएगी। ५० प्रतिशत से कम परिणाम वाले स्कूलों के प्राचार्य व शिक्षकों पर कार्रवाई की जाएगी- आरपी आदित्य, डीईओ, रायगढ़