नरवा विकास के तहत वर्तमान में 60 नरवा का चयन किया गया है। जिले के 9 विकास खण्ड में 41 नरवा परियोजना में जल एवं मृदा संरक्षण का कार्य किया
रायगढ़. कलेक्टर यशवंत कुमार के मार्गदर्शन में जिले में शासन की महत्वाकांक्षी योजना नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी योजना का सार्थक क्रियावयन किया जा रहा है। नरवा विकास के तहत वर्तमान में 60 नरवा का चयन किया गया है। जिले के 9 विकास खण्ड में 41 नरवा परियोजना में जल एवं मृदा संरक्षण का कार्य किया जा रहा है। साथ ही जल संरक्षण संवर्धन के लिए भी बेहतर कार्य किए जा रहे हैं।
बरसात में पहाड़ों से तीव्र गति से बहने वाला पानी नाले के किनारे की मिट्टी का कटाव कर अपने साथ बहाते हुए खेतों में ले जाकर पाट देता है। जिससे भूमि अनुपजाऊ एवं बंजर हो जाती है। पानी के बहाव की तेज गति को कम करने के लिए स्थानीय उपलब्ध संसाधनों से ब्रश वुड चेक, कंटूर टै्रंच, बोल्डर चेक और जल स्तर बढ़ाने, गेबियन संरचना एवं परकोलेशन टैंक के साथ भूमिगत जल संवर्धन हेतु डाइक एवं पडल वाले परकोलेशन टैंकों का निर्माण किया जाता है। इसका लाभ यह होगा कि सूखे हुए नरवा का जीर्णोद्धार होगा साथ ही खेतों का रकबा बढ़ेगा।
जिले के सभी विकास खण्डों में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ऋचा प्रकाश चौधरी के दिशा-निर्देश में जल संरक्षण संवर्धन के कार्य तीव्र गति से संचालित किए जा रहे हैं। इनमें रायगढ़ विकास खण्ड के कुशवाबहरी नाला में 9 नग बोल्डर बाध एवं 2 गेबियन संरचना का निर्माण किया जा रहा है। पुसौर विकास खंड के ग्राम बिंजकोट के भंवरखोल नाला में 11 नग बोल्डर चेक एवं 2 नग गेबियन संरचना तथा 5 नग ब्रश वुड चेक का निर्माण किया जा रहा है। इसी प्रकार बरमकेला विकास खण्ड में नरवा प्रबंधन हेतु ग्राम दुलोपाली एवं घोघरा में परकोलेशन टैंक डाइक निर्माण, बोल्डर बांध एवं गेबियन संरचना का निर्माण किया जा रहा है। खरसिया विकास खण्ड के ग्राम टाडापारा नाला और लैलूंगा विकास खण्ड के केवड़ा नाला में निर्माण कार्य किया गया है।