Opium Expose: छत्तीसगढ़ में एक और अफीम की खेती का खुलासा हुआ है। दुर्ग, बलरामपुर के बाद अब रायगढ़ के तमनार ब्लाक के आमाघाट में नदी किनारे अफीम की फसल लहलहा रही थी…
CG Opium case: दुर्ग, बलरामपुर के बाद अब रायगढ़ में अफीम कीे खेती करने का मामला सामने आया है। यहां रायगढ़ के तमनार में नदी किनारे करीब डेढ़ एकड़ में अफीम की फसल लहलहा रही थी। वहीं आज सूचना मिलते ही पुलिस की टीम ने दबिश देकर मामले का खुलासा किया। पुलिस ने झारखंड का रहने वाला मार्शल सांगा को हिरासत में लिया है। पुलिस अभी पूछताछ कर रही है। बता दें कि प्रदेश में बीते 15 दिनों में यह चौथा मामला है।
प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि आमाघाट के किसान से तरबूज, ककड़ी उगाने के लिए हरियाणा निवासी मार्शल सांगा खेत लिया था। वहीं आज सूचना पर पहुंची पुलिस ने ककड़ी की जगह अफीम की लहलहाती फसल को देख दंग रह गए। बताया जा रहा है कि शख्स 10-12 साल से यहां खेती कर रहा है। इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक्स पर पोस्ट कर भाजपा सरकार पर अफीम की खेती को सरंक्षण देने का आरोप लगाया है।
अपने पोस्ट में लिखा- भाजपा सरकार के संरक्षण में प्रदेश भर में हो रही अफ़ीम की खेती का पर्दाफ़ाश जारी है।अब रायगढ़ के तमनार थाना क्षेत्र के आमाघाट में अफ़ीम की खेती पकड़ी गई है। जिस तरीक़े से प्रदेश में सूखे नशे के कारोबार को अंजाम दिया जा रहा है, यह घातक है। मुख्यमंत्री और गृहमंत्री की चुप्पी बताती है कि इस खेल का असली “सरगना” कौन है।
आमाघाट में खेत में करीब डेढ़ एकड़ में फसल लहलहा रही थी। 15 दिन में चौथा मामला बता दें कि प्रदेश में पिछले 15 दिनों में अफीम की खेती पकड़ाने का यह चौथा मामला है। इससे पहले 7 मार्च को दुर्ग में अफीम की खेती पकड़ाई थी। 10 मार्च को बलरामपुर के कुसमी में और 12 मार्च को बलरामपुर के कोरंधा में अफीम की खेती मिली थी।
आरोपी मार्शल सांगा झारखंड से आ कर अपने ससुराल रायगढ़ के तमनार में रहने लगा। वह पिछले 10-12 साल से यहां खेती कर रहा था। झारखंड में अफीम की खेती उसके साथी कर रहे हैं और उसी को देख कर उसने यहां खेती करना शुरू किया। हालांकि इसकी जांच अभी जारी है।
पहला मामला- दुर्ग में BJP नेता कर रहा था अफीम की खेती दुर्ग जिले के समोदा में भाजपा नेता विनायक ताम्रकर (पूर्व किसान मोर्चा अध्यक्ष दुर्ग) पिछले 5 साल से अफीम की अवैध खेती कर रहा था। करीब 5 एकड़ 62 डिसमिल क्षेत्र में उसने फसल लगवाई थी।
दूसरा मामला - बलरामपुर के कुसमी में पकड़ाई अफीम 10 मार्च को बलरामपुर जिले के कुसमी में त्रिपुरी घोसराडांड़ में अवैध अफीम की 3.67 एकड़ में खेती पकड़ी गई थी। पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया और करीब 4.75 करोड़ रुपये मूल्य की 4,344 किलोग्राम अफीम जब्त किया था।
तीसरा मामला - बलरामपुर के कोरंधा में मिली अफीम की खेती जिले में पहला मामला सामने आने के ठीक 2 दिन बाद 12 मार्च फिर एक अफीम का खेत पकड़ाया। जहां कोरंधा में 3 किसानों के करीब ढाई एकड़ जमीन पर अफीम लगी हुई थी।