लोग नगर निगम पहुंचे और उठाकर ले गए फायर ब्रिगेड वालों को
रायगढ़. आधी रात को शहर के एक पतंग की दुकान में शार्ट सर्किट की वहज से आग लग गई। आग इतनी भयावह थी कि दुकान में रखे लगभग तीन से चार हजार पतंग जल गए वहीं कैश भी जल गया है।
बताया जा रहा है कि नोटों की कुछ गड्डी रखी हुई थी जिसमें कुछ आधी जली तो कुछ पूरी जल गई है। वहीं आग बगल वाले मकान में भी पहुंच गई ओर वहां भी जब तक लोग संभलते घर का सारा सामान खाक हो गया।
मामला रविवार और सोमवार की दरमियानी रात का है।
जब शहर के बीड़पारा निवासी साबिर जिसे मोहल्ले के लोग हाफिज साहब भी कहते हैं की पतंग की दुकान में आग लग गई आग लगने का कारण शार्ट सर्किट बताया जा रहा है। मिली जानकारी के अनुसार साबिर का मकान और दुकान एक ही भवन में है।
नीचे में पतंग की दुकान है और ऊपर में उनका परिवार रहता है। ऐसे में साबिर रात को छत पर सो रहे थे उसी दौरान उन्हें धुआं का एहसास हुआ और लकड़ी जलने की अनुभूति हुई।
ऐसे में वो नीचे उतर कर आए तो देखा कि उनकी नीचे वाली पतंग की दुकान में जहां पर मीटर लगा है वहां पर आग लगी हुई थी। ऐसे में उन्होंने उसे पानी से बुझाने की कोशिश की पर मीटर जलकर उसका प्लास्टिक टपकने लगा। इसके बाद तो जैसे ही प्लास्टिक टपक कर गिरा नीचे रखी कागज और प्लास्टिक की पतंगे अचानक से जलने लगी लोगों का कहना था कि अचानक से बुम्म की आवाज हुई और आग तेज हो गई साथ ही दुकान से लगे कमरों में भी फैल गई। इसके बाद शोर-शराबे का आलम हो गया था। घर परिवार के लोग भी दौड़ते भागते नीचे पहुंचे।
आग इतनी भयावह हो गई थी कि दुकान की दीवारें तक चटखने लगी थी। ऐसे में परेशान लोगों ने फायर बिग्रेड के लिए १०१ पर कॉल किया पर ये नंबर काम ही नहीं कर रहा था। इसके बाद लोग भागते हुए निगम पहुंचे और वहां पर सो रहे फायर बिग्रेड वालों को उठाया और दमकल को लेकर मौके पर पहुंचे। कहा जा रहा है कि आग लगने के एक घंटा बाद दमकल वहां पहुंची थी। इस दौरान दुकान में रखी लगभग तीन से चार हजार पतंग खाक हो चुकी थी।
जल गई नोटों की गड्डी
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इस आगजनी में जहां दुकान में रखी पतंग जलकर खाक हुई वहीं दुकान में नोटो की गड्डियां भी रखी हुई थी। वो भी जल गई हैं। हलंाकि कितना कैश जला है इसकी जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है लेकिन कहा जा रहा है नोटों की कुछ गड्डियां आधी जली तो कुछ पूरी जल गई।
दूसरे मकान में भी पहुंची आग
आग इतनी भयावह हो गई थी यह इसी भवन से लगे इनके रिश्तेदार के दूसरे भवन में भी पहुंच गई। वहां लोग धुआं और शोर-शराबे के बीच किसी प्रकार से बाहर निकले तब तक आग उनके भी मकान को पूरी तरह से अपने कब्जे में ले चुकी थी। ऐसे में कमरे मे रखा सारा समान जलकर खाक हो गया है।
तीन घंटे में काबू
निगम से पहुंचे दमकल वाहन की मदद से आग को बुझाने की कोशिश की जाने लगी। पर आग इतनी भयावह थी कि उस पर काबू करने में लगभग दो से तीन घंटे लग गए।