
रायगढ़. जूटमिल क्षेत्र के बजरंडीपा निवासी शादीशुदा महिला को २१ हजार रुपए में बेचने वाली महिला को पुलिस ने घटना उजागर होने के बाद पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। लेकिन इस मामले में महिला को खरीदने वाली एक अन्य महिला व उसके भाई को पुलिस ने बीते दिनों यूपी के महोबा जिले से गिरफ्तार कर लिया है। वहीं गुरुवार को उन्हें रायगढ़ लाकर कोर्ट में पेश करते हुए रिमांड में जेल भी भेज दिया गया है जबकि एक और आरोपी पदमा महंत का पति अभी भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है।
घटना जूटमिल चौकी क्षेत्र की है। ज्ञात हो कि जूटमिल के निगम कॉलोनी बजरंगडीपा निवासी 25 वर्षीय महिला शादीशुदा है, जिसके दो लड़की व एक लड़का है। महिला के घर के सामने में रहने वाली पदमा महंत व उसका पति बिहारी महंत ने 08 अक्टूबर को महिला से कहा था कि उसे दिल्ली में अच्छा काम दिलाएंगे जिससे उसको अच्छा पैसा मिलेगा व उसके बच्चों की जिंदगी संवर जाएगी। वहीं इस बात की जानकारी किसी को नहीं देने की बात कही थी। ऐसे में पीडि़त महिला आरोपी दंपती के प्रलोभन में आकर 08 अक्टूबर को उनके साथ चली गई थी।
इसके बाद आरोपी दंपती ने महिला को दिल्ली न ले जाकर यूपी के महोबा जिला कबरई थाना क्षेत्र के ममता ठाकुर के घर ले गए थे। जहां पीडि़त महिला को ममता ठाकुर के पास 21 हजार रुपए में बेच दिया था। वहीं 09 अक्टूबर को पीडि़ता को खरीदने वाली ममता ठाकुर ने पीडि़त महिला की शादी अपने विक्षिप्त भाई महेश ठाकुर के साथ यूपी के बांदा न्यायालय में जबरदस्ती करवा दी थी। इसके बाद दोनों-भाई बहन महिला को शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताडि़त करने के साथ-साथ एक कमरे में बंद करके रखते थे। चूंकि घटना दिनांक को पीडि़त महिला ने अपने बच्चों को ननंद के यहां छोड़ घर से बैंक जा रही हूं कह कर निकली थी।
ऐसे में जब वह घर नहीं लौटी तो उसके पति को अपनी पत्नी पर शक हुआ कि वह किसी और के साथ भाग गई है। वह इस बात से पूरी तरह अंजान था कि उसकी पत्नी यूपी में बिक चुकी है। ऐसे में 13 अक्टूबर की शाम संदीप ने अपने घर के छत से छलांग लगा कर आत्महत्या कर लिया था। वहीं 13 नवंबर को पीडि़ता ने किसी तरह फोन पाकर अपने देवर को घटना की जानकारी दी। तभी उसे उसके पति के आत्महत्या की जानकारी हुई।
25 को यूपी गई थी पुलिस की टीम
मामले की विवेचना कर रहे एएसआई खेमराज पटेल ने बताया कि 04 लोगों की टीम 25 दिसंबर को यूपी के लिए रवाना हुई थी। वहीं 27 दिसंबर को वहां के न्यायालय से ट्रांजीट रिमांड लेने के बाद 28 दिसंबर की दोपहर 1.30 बजे पुलिस ममता ठाकुर व उसके भाई महेश ठाकुर को लेकर रायगढ़ पहुंची। इसके बाद दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से रिमांड में उन्हें जेल भेज दिया गया है। ज्ञात हो कि पुलिस पूर्व में ही दोनों-भाई बहन को गिरफ्तार कर सकती थी, जिस समय वे महिला को छुड़ाने उनके घर गए थे, लेकिन उस दौरान इनके खिलाफ धारा 368, 370, 34 के तहत अपराध दर्ज नहीं हुआ था और पुलिस गुम इंसान की तलाश में गई थी।