
Chhattisgarh Transfer List: छत्तीसगढ़ शासन ने श्रम विभाग के अंतर्गत कार्यरत अधिकारियों के प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया है। विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार कुल 11 अधिकारियों का स्थानांतरण एवं नई पदस्थापना की गई है। यह सभी तबादले प्रशासनिक दृष्टिकोण से किए गए हैं और आगामी आदेश तक प्रभावशील रहेंगे।
जारी सूची के अनुसार श्रम पदाधिकारी एवं सहायक श्रम पदाधिकारी स्तर के अधिकारियों को विभिन्न जिलों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। कई जिलों में पदस्थ अधिकारियों को अन्य स्थानों पर भेजा गया है, जबकि कुछ को अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।
आदेश के अनुसार नितेश विश्वकर्मा, श्रम पदाधिकारी को कार्यालय सहायक श्रमायुक्त, जिला कोरबा में पदस्थ किया गया है। वहीं अभिषेक ठाकुर, श्रम पदाधिकारी को अम्बिकापुर और सूरजपुर से संबंधित कार्यों में बदलाव करते हुए नई जिम्मेदारी दी गई है। इसी तरह एलेन मिंज को बलरामपुर जिले में श्रम पदाधिकारी के रूप में स्थानांतरित किया गया है।
शोएब काजी को बेमेतरा से कोंडागांव, ओम व्यास नेताम को बीजापुर से बालोद, तथा समीर मिश्रा को जांजगीर-चांपा से राजनांदगांव भेजा गया है। इसके अलावा आजाद सिंह पात्रे को कोंडागांव से जांजगीर-चांपा और भूपेन्द्र सिंह चंद्रवंशी को बलरामपुर से कबीरधाम जिले में नई जिम्मेदारी दी गई है।
पायल शर्मा को श्रमायुक्त कार्यालय नवा रायपुर से स्थानांतरित कर सहायक श्रमायुक्त कार्यालय दुर्ग में पदस्थ किया गया है। जी.के. पाण्डेय, सहायक श्रम पदाधिकारी को नवा रायपुर से बेमेतरा जिले में नई जिम्मेदारी दी गई है। युगल किशोर शर्मा, फार्मासिस्ट ग्रेड-2 को कर्मचारी राज्य बीमा औषधालय बिलासपुर से तमनार (रायगढ़) में स्थानांतरित किया गया है।
विकास सरोदे, उपश्रमायुक्त को पदोन्नति के बाद श्रमायुक्त कार्यालय नवा रायपुर में पदस्थ किया गया है। राजाराम पाल, सहायक श्रम पदाधिकारी को बीजापुर जिले का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। उज्वला भाई को राजनांदगांव में अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया गया है, जबकि ज्योति शर्मा, सहायक श्रमायुक्त को मुंगेली जिले का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार यह तबादला आदेश विभागीय कार्यों में गति लाने और व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जारी किया गया है। श्रम विभाग से जुड़े अधिकारियों के स्थानांतरण से कई जिलों में नई कार्यप्रणाली देखने को मिलेगी, खासकर श्रमिक कल्याण योजनाओं, बीमा सेवाओं और श्रम कानूनों के क्रियान्वयन पर इसका असर माना जा रहा है।
विभागीय अधिकारियों ने सभी स्थानांतरित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे तत्काल प्रभाव से नवीन पदस्थापना पर कार्यभार ग्रहण करें। इस आदेश के बाद संबंधित जिलों में श्रम विभाग की कार्य व्यवस्था में बदलाव और प्रशासनिक सक्रियता बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।