
नकटी गांव के लोगों का पुनर्वास (photo source- Patrika)
EWS Flats: प्रशासन ने 77 परिवारों का आशियाना तो उजाड़ दिया। वहीं, उन्हें विस्थापन के नाम पर छुनछुना पकड़ा दिया है। क्योंकि जिन परिवारों को नवा रायपुर स्थित सेक्टर-30 में ईडब्ल्यूएस मकान दिए गए हैं उनके खिडक़ी-दरवाजे टूटे हुए हैं। वहीं, जिन फ्लैट को दिया गया था तब तक वह भी इन प्रभावितों के नाम पर नहीं थे। हालांकि प्रशासन का दावा है कि दिए गए फ्लैट प्रभावितों के नाम पर कर दिए गए हैं। इसके बदले उनसे कोई राशि नहीं ली गई।
प्रशासन की ओर से दिखावे के लिए जिन मकानों को दिया गया है, वहां एक पल बिताना भी मुश्किल हो रहा है। क्योंकि कई मकानों में ना बिजली की व्यवस्था है, ना पंखे लगे हैं, खिड़कियों के कांच टूटे हैं, दीवारों में दरारें हैं। ऐसे में यहां इन परिवारों का रहना मुश्किल हो गया है।
सबसे बड़ा सवाल प्रशासन के सामने खड़ा है, क्योंकि नकटी से हटाए गए इन परिवारों को पीएम आवास योजना के तहत सुविधा दी गई। बिजली, पानी-सडक़, सोलर लगी पानी टंकी? जब यह अवैध जमीन थी, तो सरकारी सुविधा किसके कहने पर दी गई? क्या इन सरकारी योजनाओं का लाभ देने वालों पर कार्रवाई होगी?
नकटी गांव में कई ऐसे भी परिवार थे, जिनमें दो-दो भाई के परिवार साथ रहते थे। बड़ा परिवार था, अब जो फ्लैट दिया गया है वह वन बीएचके है। अब परिवार परेशान है कि इतने लोग छोटे से फ्लैट में कैसे रहेंगे। क्योंकि सारा सामान ही इन कमरों में आ जा रहा है। एक प्रभावित ने बताया कि उसने साढ़े तीन एकड़ जमीन बेचकर नकटी में घर बनाया था। लेकिन सब उजड़ गया, उनके तीन बच्चे हैं, स्कूल में एडमिशन कराना है, एक कमाने वाला कैसे करेंगे कुछ समझ नहीं आ रहा है।
मंगलवार को बहुत से परिवार फिर से अपने उजड़े आशियाने पर पहुंचे। आंखों में आंसू और एक टक अपने उजड़े आशियाना को देख रहे थे। वहीं, कुछ लोग ढहाए गए मकान से खिडक़ी, दरवाजे, छड़ समेत कई सामान निकाल रहे थे।
Published on:
01 Jul 2026 07:41 am
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