रायपुर

MBBS Internship: विदेश में एमबीबीएस पढ़े 142 में 140 का एडमिशन, इंटर्नशिप के लिए 949 सीटें खाली, जल्दी करें आवेदन

MedicalInternship: MBBS पढ़े छात्रों के लिए इंटर्नशिप करने का बड़ा मौका है। छत्तीगढ़ में एमबीबीएस ली 2330 सीटे खली है। इसके लिए जल्द ही आवेदन कर सकते है।

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Jun 04, 2026
MBBS Internship
मेडिकल इंटर्नशिप के लिए 949 सीटें खाली (Photo AI)

MBBS Internship: चिकित्सा शिक्षा विभाग ने विदेश में एमबीबीएस पढ़े छात्रों की इंटर्नशिप के लिए फिर से आवेदन मंगाया है। छात्र 9 जून तक च्वाइस फिलिंग कर सकेंगे। पहले राउंड में 142 में 140 छात्रों ने एडमिशन लिया। प्रदेश के विभिन्न सरकारी व निजी मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप के लिए 949 सीटें खाली हैं। कुल 1089 सीटें उपलब्ध है।

MBBS Internship: पत्रिका ने किया था खुलासा

पहले राउंड में सीटों की तुलना में महज 13 फीसदी आवेदन से ज्यादातर सीटें खाली रह जाती। पत्रिका ने पहले ही इसका खुलासा किया था। अब दूसरे राउंड में भी सभी सीटें भर जाएंगी, इसकी संभावना कम ही है। दरअसल इंटर्नशिप सीटों की तुलना में इतने छात्र हर साल फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट एग्जाम (एफएमजीई) पास नहीं कर पाते। इसकी सफलता का प्रतिशत केवल 12 से 22 फीसदी है। सीनियर मेडिकल एक्सपर्ट डॉ. विष्णु दत्त व हिमेटोलॉजिस्ट डॉ. विकास गोयल के अनुसार इसलिए विदेश में एमबीबीएस पास होने के बावजूद छात्र इंटर्नशिप के लिए पात्र नहीं हो पाते।

एमबीबीएस की 2330 सीटें

छात्र एक साल की इंटर्नशिप के बाद छत्तीसगढ़ मेडिकल काउंसिल में स्थायी पंजीयन के लिए पात्र हो जाएंगे। इसके बाद वे सरकारी व निजी अस्पतालों में नौकरी व प्रेक्टिस कर सकते हैं। प्रदेश में एमबीबीएस की 2330 सीटें हैं। इस साल सीटें बढ़ने की संभावना है। 5 नए सरकारी व एक निजी कॉलेज खुलने की संभावना है। हालांकि ये सब एनएमसी की मान्यता पर निर्भर करेगा।

एक साल की इंटर्नशिप व दो साल की क्लर्कशिप

विदेश से पढ़े छात्रों को एक साल की इंटर्नशिप करनी होगी। कुछ छात्रों को एक साल क्लर्कशिप व इतनी ही इंटर्नशिप करनी होगी। नेशनल मेडिकल कमीशन ने एक साल इंटर्नशिप करने को कहा है। क्लर्कशिप व इंटर्नशिप मिलाकर छात्र दो साल ट्रेनिंग लेंगे। अभी जो छात्र इंटर्नशिप करेंगे, वे कोरोनाकाल के समय के हैं। यानी बैच 2019-20 के हैं। एनएमसी की गाइडलाइन के अनुसार विदेश में इंटर्नशि करने के बाद भी देश में एफएमजीई पास करने के बाद एक साल की इंटर्नशिप जरूरी है। कोरोनाकाल में उन्हें भारतीय छात्रों की तरह हर माह 15600 रुपए स्टाइपेंड भी दिया जाएगा। हालांकि निजी कॉलेजों पर आरोप है कि वे छात्रों ने मोटी फीस ले रहे हैं। उन्हीं फीस से उन्हें स्टाइपेंड का पैसा लौटाया जा रहा है। नियमानुसार यह गलत है, लेकिन छात्र शिकायत भी नहीं कर पा रहे हैं।

कॉलेजवार सीटें

रायपुर मेडिकल कॉलेज 09

अभिषेक मेडिकल कॉलेज150
दुर्ग मेडिकल कॉलेज 186

राजनांदगांव 02
सिम्स बिलासपुर 03

महासमुंद 104
कांकेर 09

जगदलपुर 02
कोरबा 112

रायगढ़ 40
अंबिकापुर 01

शंकराचार्य 111
रिम्स 11

बालाजी 110

रावतपुरा 99
कुल 949

Updated on:
04 Jun 2026 11:58 am
Published on:
04 Jun 2026 11:46 am