
रायपुर@अजय रघुवंशी। Chhattisgarh Dams: बीते दिनों लगातार बारिश ने बांधों को लबालब कर दिया है। कई साल बाद ऐसी स्थिति बनी है, जब 20 से ज्यादा छोटे-बड़े बांध एक साथ लबालब हो गए हैं। इनमें 19 बांध 100 फीसदी भर चुके हैं। इसका असर नदियों पर भी दिखाई दे रहा है और कई नदियां उफान पर हैं।
जल संसाधन विभाग के अनुसार बारिश का दौर थमने और पानी की आवक कम होने के बाद अगले एक सप्ताह में नदियों का जलस्तर सामान्य होने की संभावना है। प्रदेश के 46 छोटे-बड़े बांधों में इस समय अच्छी मात्रा में पानी है। लगातार बारिश और कैचमेंट एरिया से पानी की आवक ने इस साल बांधों की स्थिति को मजबूत किया है। खासकर तांदुला, दुधावा, गंगरेल और खरखरा जैसे प्रमुख जलाशयों में पानी लबालब है।
बांधों और जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार पानी आने का असर नदियों के प्रवाह पर भी पड़ा है। कई स्थानों पर नदियों का जलस्तर सामान्य से ऊपर चला। हालांकि बारिश और पानी की आवक कम होने के साथ नदियों का जलस्तर भी धीरे-धीरे सामान्य हो गया है। विभाग के मुताबिक परिस्थितियां सामान्य रहने पर करीब एक सप्ताह में सभी नदियों का जलस्तर सामान्य स्थिति में लौट सकता है।
जल संसाधन विभाग की 29 सितंबर की टैंक गेज रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के प्रमुख, मध्यम और अन्य महत्वपूर्ण जलाशयों की कुल 6360.23 एमसीएम लाइव क्षमता में 5992.29 एमसीएम पानी उपलब्ध है। यह कुल क्षमता का 94.22 प्रतिशत है। पिछले वर्ष इसी तारीख को जलाशयों में 5736.50 एमसीएम पानी था, जो 90.19 प्रतिशत क्षमता के बराबर था। यानी इस साल जलभराव पिछले वर्ष की तुलना में 4.03 प्रतिशत अधिक है। वर्ष 2024 में यह स्थिति 5516.62 एमसीएम यानी 86.74 प्रतिशत थी। इस तरह दो साल में जलाशयों के जलभराव स्तर में उल्लेखनीय सुधार दर्ज हुआ है।
नदी का नाम- स्थान