रायपुर

Private Nursing Colleges: 36 नर्सिंग कॉलेजों को अचानक नोटिस, अब कल तक देना होगा जवाब

Nursing Colleges:36 निजी नर्सिंग कॉलेजों को हैल्थ साइंस विवि ने नोटिस जारी किया है। कमियों पर कॉलेजों से 9 सितंबर तक जवाब मांगा गया है।
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Sep 08, 2026
Notice Issued
नोटिस (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Nursing Colleges: पं. दीनदयाल उपाध्याय हैल्थ साइंस एंड आयुष विश्वविद्यालय ने प्रदेश के 36 निजी नर्सिंग कॉलेजों को नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई हाईकोर्ट के अधिवक्ता के माध्यम से दिए गए लीगल नोटिस के बाद की गई है। विश्वविद्यालय ने संबंधित कॉलेजों से नोटिस में बताई गई कमियों को लेकर तथ्यात्मक जानकारी मांगी है। कॉलेज प्रबंधन को अपना जवाब 9 सितंबर तक विश्वविद्यालय में प्रस्तुत करना होगा।

विश्वविद्यालय की ओर से जारी नोटिस

विश्वविद्यालय की ओर से जारी नोटिस के बाद अब निजी नर्सिंग कॉलेजों की व्यवस्थाओं और कमियों को लेकर जांच की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। वहीं, सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि कॉलेजों में वास्तव में निर्धारित मापदंडों से जुड़ी कमियां पाई जाती हैं तो विश्वविद्यालय की ओर से आगे क्या सख्त कार्रवाई की जाएगी।

लीगल नोटिस के बाद जारी हुआ नोटिस

विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. दिनेश सिन्हा की ओर से जारी नोटिस के अनुसार अजय कुमार त्रिपाठी ने अधिवक्ता शालिनी कश्यप के माध्यम से संबंधित निजी नर्सिंग कॉलेजों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की मांग करते हुए लीगल नोटिस दिया था। इसके बाद विश्वविद्यालय ने प्रदेश के 36 निजी नर्सिंग कॉलेजों को नोटिस जारी कर उनसे तथ्यात्मक जानकारी मांगी है। नोटिस में कॉलेजों को बताई गई कमियों के संबंध में अपना पक्ष और आवश्यक तथ्य प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। अब कॉलेज प्रबंधन को तय समय सीमा के भीतर विश्वविद्यालय को जवाब देना होगा।

रायपुर के कई कॉलेज भी शामिल

नोटिस पाने वाले कॉलेजों में रायपुर जिले के कई निजी नर्सिंग कॉलेज भी शामिल हैं। इनमें सृष्टि नर्सिंग कॉलेज, अभनपुर, महाराणा प्रताप कॉलेज ऑफ नर्सिंग, न्यू राजेंद्र नगर, प्रतिभा इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग, गोढ़ी मंदिरहसौद, लीला इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, न्यू राजेंद्र नगर रायपुर, रामकृष्ण इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, रायपुरा, वीपी कॉलेज ऑफ नर्सिंग, राजातालाब, श्री ओंकार कॉलेज ऑफ नर्सिंग, रायपुर और अंत्योदय कॉलेज ऑफ नर्सिंग, भेलवाडीह, नवा रायपुर प्रमुख रूप से शामिल हैं। इन कॉलेजों के अलावा प्रदेश के अन्य जिलों के निजी नर्सिंग कॉलेजों को भी विश्वविद्यालय की ओर से नोटिस जारी किया गया है।

9 सितंबर तक देना होगा जवाब

विश्वविद्यालय ने सभी संबंधित कॉलेजों को 9 सितंबर तक जवाब देने के निर्देश दिए हैं। कॉलेजों को नोटिस में उल्लेखित बिंदुओं पर तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध करानी होगी। इसके बाद विश्वविद्यालय की ओर से प्राप्त जवाबों का परीक्षण किया जाएगा। कॉलेज प्रबंधन की ओर से दिए जाने वाले जवाब में यह स्पष्ट होगा कि नोटिस में जिन कमियों का उल्लेख किया गया है, उनकी वास्तविक स्थिति क्या है और कॉलेज की ओर से इन संबंध में क्या व्यवस्थाएं की गई हैं।

कमियां मिलीं तो क्या होगी कार्रवाई?

विश्वविद्यालय की ओर से नोटिस जारी किए जाने के बाद अब सबसे अहम सवाल कार्रवाई को लेकर है। यदि कॉलेजों की ओर से दी गई जानकारी की जांच में कमियां सही पाई जाती हैं तो विश्वविद्यालय आगे क्या कदम उठाएगा, इस पर नजर रहेगी। नर्सिंग कॉलेजों में विद्यार्थियों की पढ़ाई और प्रशिक्षण से जुड़ी व्यवस्थाएं सीधे तौर पर शिक्षा की गुणवत्ता से जुड़ी होती हैं। ऐसे में विश्वविद्यालय की ओर से नोटिस जारी होने के बाद कॉलेजों के जवाब और उसके आधार पर होने वाली कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

कॉलेजों के जवाब के बाद तस्वीर होगी साफ

फिलहाल विश्वविद्यालय ने संबंधित कॉलेजों से सिर्फ तथ्यात्मक जानकारी मांगी है। 9 सितंबर तक कॉलेजों के जवाब मिलने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि नोटिस में बताई गई कमियों की वास्तविक स्थिति क्या है। इसके बाद विश्वविद्यालय की ओर से आगे की कार्रवाई को लेकर तस्वीर साफ हो सकेगी।

Updated on:
08 Sept 2026 02:06 pm
Published on:
08 Sept 2026 02:06 pm