रायपुर

Chhattisgarh Police Award: जज्बा, जोश, जुनून का सम्मान, छत्तीसगढ़ के 42 जांबाज पुलिसकमियों ने लिया अवॉर्ड

Chhattisgarh Police Award: रायपुर में आयोजित ‘पत्रिका पुलिस जज्बा अवार्ड-2026’ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर कमिश्नरेट और पुलिस रेंज के 42 उत्कृष्ट पुलिस अधिकारियों व जवानों को सम्मानित किया..
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Aug 14, 2026
Patrika police award new
Patrika police award

Patrika Jajba Award: दिन हो या रात, बारिश हो या तेज धूप में भी अपने कर्तव्यपथ से नहीं हटने वाले पुलिसकर्मियों के जज्बे को जब मंच में सम्मान मिला, तो उनके अपनों के चेहरे खिल उठे। पत्रिका जज्बा अवार्ड लेने कोई अपने बुजुर्ग पिता के साथ तो कोई अपने बच्चों के साथ पहुंचे। कार्यक्रम में प्रदेश के नक्सल मुक्त होने पर मुख्यमंत्री और जवानों के प्रति स्टैंडिंग ओवेशन के जरिए आभार जताया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने पुलिस विभाग की ज्ञानेश्वरी यादव द्वारा कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतकर प्रदेश का नाम रौशन करने की सराहना करते हुए उन्होंने जज्बा अवार्ड पाने वाले पुलिसकर्मियों को बधाई दी। डीजीपी अरुणदेव गौतम ने कहा कि पुलिसकर्मी अपने स्वजनों की चिंता किए बिना ड्यूटी करते हैं।

परिजनों के लिए भावुक पल ( Photo - Patrika )

Chhattisgarh Police Award: इन प्रमुख श्रेणियों में मिले पुरस्कार

यह अवॉर्ड साइबर क्राइम, महिला सुरक्षा, बेहतरीन इन्वेस्टिगेशन, अनुशासन, साहसिक कार्य (ब्रेवरी), ट्रैफिक मैनेजमेंट, कम्युनिटी पुलिसिंग, नए कानून के प्रभावी क्रियान्वयन और ई-मालखाना प्रबंधन जैसे अलग-अलग क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले जवानों और अफसरों को दिया गया।

अनुशासन श्रेणी

प्रथम-सउनि रामावतार सिंह राजपूत, धमतरी

उल्लेखनीय कार्य- समयबद्धता का ध्यान रखते हैं। अनुशासित रहते हैं। अपने सेवाकाल में अनुशासन, निष्ठा और समयबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करने पर 218 बार पुरस्कृत किया गया है।

द्वितीय-सिपाही अशोक मिंज, गरियाबंद

उल्लेखनीय कार्य-उत्कृष्ट अनुशासन एवं कर्तव्य निष्ठता का परिचय देने पर विभागीय स्तर पर 42 बार पुरस्कृत किया जा चुका है।

तृतीय- सउनि जगदीश सोनवानी, बलौदाबाजार

उल्लेखनीय कार्य-शासकीय दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा और अनुशासित रहकर संपादित करते हैं। इसके लिए विभागीय तौर पर पुरस्कृत हो चुके हैं।

ट्रैफिक मैनेजमेंट श्रेणी

प्रथम-उप निरीक्षक खेमराज साहू, धमतरी

उल्लेखनीय कार्य-वीवीआईपी प्रवास/शासकीय आयोजनों तथा सभी त्योहारों के दौरान बेहतर यातायात प्रबंधन किया। यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ सुगम बनाए रखने के उद्देश्य से 21 हजार 417 प्रकरणों में चालान, 77 सड़क दुर्घटना के प्रकरणों में घायलों को तत्परता से अस्पताल पहुंचाया गया।

द्वितीय-सिपाही नारायण ध्रुव, रायपुर ग्रामीण

उल्लेखनीय कार्य-डायल-112 में कार्यरत रहते हुये उत्कृष्ट यातायात प्रबंधन के साथ यातायात व्यवस्था सुरक्षित एवं सुगम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई गई।

तृतीय-आरक्षक महेंद्र दीवान, महासमुंद

उल्लेखनीय कार्य-लगनशील, परिश्रमी एवं अनुशासित हैं। दायित्वों का निर्वहन रुचि लेकर करते हुए यातायात व्यवस्था को सुरक्षित एवं सुगम बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

साहसिक कार्य श्रेणी

प्रथम- प्रधान आरक्षक दिलीप ठाकुर, गरियाबंद

उल्लेखनीय कार्य-विशेष नक्सल उन्मूलन अभियान टीम 30 का नेतृत्व करते हुए जनवरी 2025 तथा सितंबर 2025 में दो बड़ी मुठभेड़ में शामिल रहकर अदम्य साहस का परिचय दिया। दो केंद्रीय समिति सदस्य तथा पांच राज्य समिति सदस्य स्तर के माओवादियों सहित 26 माओवादियों को मार गिराने में टीम को सफलता दिलाई।

द्वितीय-प्रशिक्षु उपनिरीक्षक उमेश टंडन, बलौदाबाजार

उल्लेखनीय कार्य-मातागढ़ तुरतुरिया धाम में बालमदेही नदी में आई भीषण बाढ़ में फंसे 200 से अधिक पर्यटकों को रेस्क्यू ऑपरेशन कर सुरक्षित बचाने में अहम भूमिका।

तृतीय- आरक्षक संदीप सिंह, रायपुर ग्रामीण

उल्लेखनीय कार्य-रात्रि गस्त के दौरान थाना धरसींवा क्षेत्र में हमलावर द्वारा वाहन चालक को चाकू से हमला कर जान लेने का प्रयास करने के दौरान पुलिस को देखकर मौके से हमलावर भागने लगा जिसे आरक्षक द्वारा साहस पूर्वक पीछा करते हुए पकड़कर संभावित घटना घटित होने से पूर्व रोक लिया गया।

इन्वेस्टिगेशन श्रेणी

प्रथम- एएसआई लक्ष्मण साहू, महासमुंद

उल्लेखनीय कार्य-ओडिशा राज्य से लगे थाना सिंघोड़ा क्षेत्रांतर्गत मादक पदार्थों की अवैध तस्करी को रोकने के लिए रेहतीखोल बैरियर पर सतर्कता पूर्वक लगातार सघन चेकिंग करते हुए एनडीपीएस के प्रकरणों में कार्रवाई की गई। इसमें से 2 प्रकरणों में आरोपियों को 15-15 वर्ष का कारावास हुआ।

द्वितीय-एएसआई राधेश्याम बंजारे, धमतरी

उल्लेखनीय कार्य-आपराधिक मामलों में त्वरित कार्यवाही की गई। 04 प्रकरणों में अपराधियों को आजीवन कारावास 20 वर्ष की सजा तथा 01 में कारावास हुआ।

तृतीय-निरीक्षक अमृतलाल साहू, गरियाबंद

उल्लेखनीय कार्य-पिछले 2 वर्षों में 2 मामलों में अपराधियों को आजीवन कारावास तथा अन्य 10 मामलों में विवेचना के जरिए सजा दिलवाई।

महिला सुरक्षा

प्रथम-एएसआई अमिला नाग, रायपुर ग्रामीण

उल्लेखनीय कार्य-महिला संबंधी अपराधों में कुशलता से विवेचना कर प्रकरण आरोपियों को सजा दिलवाई।

द्वितीय-एएसआई पुष्पा राठौड़ बलौदाबाजार

उल्लेखनीय कार्य-शहरी/ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूल/कॉलेज की छात्राओं तया कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा के लिये शक्ति टीम गठित कर जागरूकता अभियान चलाया गया।

तृतीय- महिला आरक्षक गायत्री राजपूत, महासमुंद

उल्लेखनीय कार्य-नाबालिक बच्चों के विरूद्ध होने वाले अपराधों पर त्वरित कार्रवाई करते हुए 7 नाबालिक बच्चों और गुम इंसान महिलाओं की दस्तयाबी करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

साइबर क्राइम

प्रथम-निरीक्षक मनोज नायक, रेंज साइबर थाना रायपुर

उल्लेखनीय कार्य- डिजिटल अरेस्ट, फर्जी आईडी, शेयर ट्रेडिंग आदि के 120 प्रकरणों में त्वरित जांच कर, अन्य राज्यों में रेड कर 453 से अधिक आरोपियों की गिरफ्तारी की। इस प्रकार 80 फीसदी मामलों में गिरफ्तारी। पीड़ितों को 6 करोड़ की धनराशि की वापसी और 7 करोड़ की धनराशि वापसी प्रक्रियाधीन।

द्वितीय-आरक्षक हेमानंद पटेल रेंज साइबर थाना रायपुर

उल्लेखनीय कार्य-साइबर सेल में कार्यरत रहते हुए डिजीटल अरेस्ट सायबर फ्रॉड ट्रेकिंग संबंधी साइबर अपराधों में प्रशंसनीय कार्य

तृतीय-आरक्षक कमल जोशी, धमतरी

उल्लेखनीय कार्य-साइबर संबंधी प्रकरणों में तकनीकी विवेचना में विशेष सहयोग।

नए कानून का क्रियान्वयन

प्रथम-एसआई संजय सिंह,गरियाबंद

उल्लेखनीय कार्य-नवीन कानून के लागू होने के पश्चात उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए योजनाबद्ध तरीके से प्रशिक्षण सत्रों की योजना बनाकर प्रभावी प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया।

रायपुर कमिश्नरेट

ट्रैफिक मैनेजमेंट

प्रथम-प्रधान आरक्षक आशुतोष नेताम

उल्लेखनीय कार्य-यातायात व्यवस्था की जिम्मेदारियों का बेहतर निर्वहन। 15 जून 2026 को रास्ते में बैग मिला, लगभग 4 तोला सोने-चांदी के गहने, नगद 11700 रुपए, आधार कार्ड. दिव्यांग प्रमाण पत्र, अन्य कागजात व कपड़े थे। आधार कार्ड में दर्ज मोबाइल नंबर से बैग मालिक का पता लगाया। फिर उन्हें बैग वापस किया।

द्वितीय-प्रधान आरक्षक कृपाशंकर सरोज

उल्लेखनीय कार्य-यातायात व्यवस्था की जिम्मेदारियों का बेहतर निर्वहन। 20 जून 2026 को पुरानी बस्ती शीतला मंदिर के सामने खड़ी कार में आग लग गई थी। प्रधान आरक्षक ने अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए मैकेनिक बुलवाकर कार का बोनट खुलवाया और आग को फैलने से बचाया। इससे किसी प्रकार की जान माल की हानि होने से बचाया।

तृतीय- प्रधान आरक्षक रामूराम महिलांगे

उल्लेखनीय कार्य-यातायात व्यवस्था की जिम्मेदारियों का बेहतर निर्वहन। 21 जून 2026 को वीआईपी चौक में करेंसी टॉवर के सामने नो पार्किंग में बाइक खड़ी थी। शंका होने से वाहन कमांक से मालिक का डिटेल निकाल कर संपर्क किया, जिनके द्वारा वाहन चोरी हो जाना बताया। इसके बाद बाइक को संबंधित थाना के माध्यम से वाहन मालिक को सुपुर्द किया गया।

महिला सुरक्षा

प्रथम- प्रधान आरक्षक अनिता चौहान, तेलीबांधा

उल्लेखनीय कार्य-नाबालिग बच्चों की दस्तयाब और महिला संबंधी अपराध, शिकायतों में उत्कृष्ठ विवेचना।

द्वितीय-प्रधान आरक्षक किरण मेश्राम, आजाद चौक

उल्लेखनीय कार्य-नाबालिग बच्चों की तलाश में अहम भूमिका। महिला संबंधी और शिकायतों को उत्कृष्ठ विवेचना।

साइबर क्राइम

प्रथम-प्रधान आरक्षक महेंद्र सिंह राजपूत, एसीसीयू

उल्लेखनीय कार्य-सूखा नशा और सिंथेटिक ड्रग्स के अंतरराज्यीय नेटवर्क के विरुद्ध तकनीकी अनुसंधान व विश्लेषण के द्वारा आरोपियों को छत्तीसगढ़-दिल्ली से गिरफ्तारी और 48 ग्राम एमडीएमए की बरामदगी में महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

द्वितीय-आरक्षक बबीता देवांगन, एसीसीयू

उल्लेखनीय कार्य-अंतरराष्ट्रीय करेंसी की ठगी करने वाले शातिर अंतरराज्यीय ठग गिरोह का पता लगाने, कोलकाता-लखनऊ से उनकी गिरफ्तारी में तकनीकी अनुसंधान-जांच में महत्वपूर्ण भूमिका।

साहसिक कार्य

प्रथम-आरक्षक विवेक यादव, टिकरापारा

उल्लेखनीय कार्य-गुंडा बदमाश आर्यन ठाकुर द्वारा बलराज शर्मा के ऊपर चाकू से हमला करने पर बिना डर-भय के धारदार हथियार के साथ आरोपी को गिरफ्तार किया।

द्वितीय-आरक्षक नंदलाल अग्रहरि, टिकरापारा

उल्लेखनीय कार्य-गुंडा बदमाश आर्यन ठाकुर द्वारा बलराज शर्मा के ऊपर चाकू से हमला करने पर बिना डर-भय के धारदार हथियार के साथ आरोपी को पकड़ने में अहम भूमिका।

अनुसंधान एवं अन्वेषण

प्रथम-निरीक्षक सतीश सिंह, कोतवाली

उल्लेखनीय कार्य-मादक पदार्थों की आपूर्ति श्रृंखला को ध्वस्त करने तथा संगठित मादक पदार्थ तस्करी के विरूद्ध कठोर व प्रभावी कार्रवाई में उल्लेखनीय भूमिका। एनडीपीएस प्रकरण में वित्तीय कनवेंशन को प्रभावीरूप से लागू करते हुए कुख्यात तस्कर रवि साहू और मुकेश बनिया के विरूद्ध अपराध से अर्जित 8 करोड़ रुपए से अधिक की अवैध संम्पत्तियों की पहचान कर फ्रीज कराया।

द्वितीय- एसआई गणेश राम साहू, डीडी नगर

उल्लेखनीय कार्य-एनडीपीएस एक्ट के मामले में उत्कृष्ठ विवेचना करते हुए आरोपियों को 15-15 साल के सश्रम कारावास की सजा दिलाई। अन्य गंभीर मामलों में भी बेहतर विवेचना।

तृतीय- एसआई कैलाश केसरवानी, गुढ़ियारी

उल्लेखनीय कार्य- थाना गुढ़ियारी के हत्या और हत्या प्रयास के प्रकरणों में बेहतर अनुसंधान एवं अन्वेषण कर निराकृत किया।

अनुशासन

प्रथम-आरक्षक दीपक पटेल, सिविल लाइन

उल्लेखनीय कार्य-उत्कृष्ट कार्यव्यवहार, कर्तव्यपरायणता और अनुशासित आचरण के माध्यम से इन्होंने थाना के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारियों के लिए अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। इनके प्रभावी कार्य निष्पादन से थाना की कार्यप्रणाली मे उल्लेखनीय सुधार हुआ है तथा आमजन में पुलिस के प्रति विश्वास एवं सकारात्मक छवि सुदृढ़ हुई है।

द्वितीय-आरक्षक देवचंद सिंह, टिकरापारा

उल्लेखनीय कार्य-रीडर कार्य करते हुए अन्य कार्यों को समय पर करने, बिना गैरहाजिर हुए अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया।

कम्युनिटी पुलिसिंग

प्रथम-निरीक्षक अजय झा, तेलीबांधा

उल्लेखनीय कार्य-विधि से संघर्षरत बच्चों को समाज की मुख्यधारा में जोड़ने के लिए नवोदय-एक नई सुबह की ओर अभियान। इसमें पुलिस के साथ यूनिसेफ और सीएसजे के साथ मिलकर ऐसे बच्चों सही दिशा देने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि वे दोबारा अपराध में संलिप्त न हो।

द्वितीय-निरीक्षक रोहित मालेकर, उरला

उल्लेखनीय कार्य- आमजनों को विभिन्न अपराधों के प्रति जागरूक करने और उनकी समस्याओं के निवारण के लिए संवाद से समाधान अभियान चलाया गया। पिछले 5 माह में 200 से अधिक कार्यकम कर लगभग 20,000 नागरिकों को जागरूक किया जा चुका है।

तृतीय-एएसआई-अ अनुभव ऐरेन जॉन, कमिश्नर कार्यालय

उल्लेखनीय कार्य-हर सप्ताह फेसबुक/इंस्टाग्राम लाइव सुरक्षा की बात अपनों के साथ, ट्वीटर, यूट्यूब के माध्यम से आमजन से सीधे संवाद स्थापित किया गया है। समसामयिक विषयों पर पॉडकॉस्ट, शॉर्ट फिल्म्स आदि के माध्यम से नागरिकों को जागरूक करने में अहम भूमिका।

नवीन कानून का क्रियान्वयन

आरक्षक मनीष पन्न, सीसीटीएनएस

उल्लेखनीय कार्य- नए कानून का क्रियान्वयन, ई-साक्ष्य संबंधी कार्यों में उत्कृष्ठ कार्य।

ई-मालखाना क्रियान्वयन

प्रधान आरक्षक प्रेमसागर नेताम

प्रथम-प्रधान आरक्षक प्रेमसागर नेताम, कोतवाली

उल्लेखनीय कार्य-ई-मालखाना का बेहतर क्रियान्वयन। डिजिटल तकनीक के माध्यम से कानूनी साक्ष्यों की सुरक्षा और प्रबंधन।

द्वितीय-प्रधान आरक्षक दिनेश सिंह, गुढि़यारी

उल्लेखनीय कार्य-ई-मालखाना का बेहतर संचालन, रखरखाव और क्रियान्वयन।

विशेष कार्यों के लिए पुरस्कृत

ई-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन और उनमें क्यूआर कोड लगवाना

सतीश सिंह, एसीपी ट्रैफिक

उल्लेखनीय कार्य- यात्रियों की सुरक्षा के लिए शहर के 15047 ई-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन कराते हुए उसमें क्यूआर कोड लगवाना। कमिश्नरेट रायपुर के इस कार्य को गोल्डन बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी शामिल किया गया है।

पिंक पेट्रोल यूनिट

प्रधान आरक्षक कौशल्या ध्रुव, पिंक पेट्रोल यूनिट

उल्लेखनीय कार्य-महिलाओं की सुरक्षा के लिए शुरू किए गए पिंक पेट्रोल यूनिट का बेहतर ढंग से संचालन।

Updated on:
14 Aug 2026 03:16 pm
Published on:
14 Aug 2026 02:51 pm