
Nava Raipur Textile Park: रायपुर@संतराम साहू। नवा रायपुर में स्थापित किए जा रहे टेक्सटाइल पार्क में पहली यूनिट की स्थापना का भूमिपूजन उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन तथा आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने किया। बता दें कि तमिलनाडु की स्विफ्ट टेक्सटाइल्स प्राइवेट लिमिटेड 235 करोड़ रुपए के निवेश से यहां गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगा रही है। इस यूनिट से 4650 लोगों को रोजगार मिलेगा। टेक्सटाइल और गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को देश-विदेश में नई पहचान दिलाने यह अहम कदम है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा,एक टेक्सटाइल फैक्ट्री सिर्फ इंडस्ट्रियल क्षमता ही नहीं बढ़ाती, बल्कि हजारों परिवारों के लिए रोजगार के साधन भी बनाती है। इस सेक्टर में हमारे युवाओं और महिलाओं, खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में रोजगार देने की बहुत क्षमता है। नवा रायपुर में स्विफ्ट टेक्सटाइल्स की मेनुफैक्चरिंग यूनिट की स्थापना इस दिशा में एक और अहम कदम है।
आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने कहा, हम छत्तीसगढ़ को देश का नया टेक्सटाइल हब बनाएंगे। इस सेक्टर में हम राज्य के युवाओं को बहुत बड़ी संख्या में रोजगार दे सकते हैं। इसके लिए निवेशकों की जो भी जरूरतें होंगी, बिजली, पानी, अधोसंरचना, कनेक्टीविटी… सभी हम प्राथमिकता से उपलब्ध कराएंगे।
इस मौके पर सीएसआईडीसी के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद, सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक विश्वेश कुमार, स्विफ्ट टेक्सटाइल्स की रेवती गांधी, रमेश कृष्णन, विष्णु निरंजन और सेल्वा कुमार सहित वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के अधिकारी भी कार्यक्रम में मौजूद थे।
राज्य में वस्त्र एवं परिधान उद्योग को प्रोत्साहित करने नवा रायपुर में आधुनिक टेक्सटाइल पार्क की स्थापना की जा रही है। इसके 81 एकड़ क्षेत्र में 2758 वर्गमीटर से लेकर 38 हजार 180 वर्गमीटर आकार के भूखंड उपलब्ध हैं। टेक्सटाइल, गारमेंट एवं परिधान उद्योग, तकनीकी वस्त्र तथा इनके सहायक एवं पूरक उद्योगों की स्थापना के लिए निवेशकों को यहां सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा सर्वसुविधायुक्त टेक्सटाइल पार्क के लिए डामरीकृत पक्की सड़कों, नाली एवं जल निकासी व्यवस्था, पॉवर सब-स्टेशन, जल प्रदाय व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट, प्रशासनिक भवन, व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स, इफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन क्षेत्र एवं कॉमन फैसिलिटी सेंटर जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।