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Chhattisgarh TET Exam 2026: क्या 3750 शिक्षकों की नौकरी पर संकट? TET को लेकर बड़ी खबर, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उठी बड़ी मांग

Supreme Court TET Decision: सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के बाद प्राथमिक और मिडिल स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के लिए TET पास करना अनिवार्य हो गया है। इस फैसले का असर प्रदेश के करीब 3750 शिक्षकों पर पड़ सकता है।

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Chhattisgarh TET Exam 2026

सुप्रीम कोर्ट - (Photo- IANS)

Chhattisgarh TET Exam 2026: सुप्रीम कोर्ट द्वारा 29 मई को दिए गए ऐतिहासिक फैसले में पुनर्विचार याचिका को खारिज किए जाने के बाद अब प्राथमिक व मिडिल स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करना पूरी तरह अनिवार्य हो गया है। अब शिक्षकों को अपनी सेवा सुरक्षा व पदोन्नति के अवसरों को बचाए रखने के लिए हर हाल में टेट परीक्षा पास करनी होगी।

टीचर्स एसोसिएशन ने शासन को लिखा पत्र

इसी परिप्रेक्ष्य में छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने त्वरित कदम उठाते हुए छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव एवं लोक शिक्षण संचालनालय रायपुर के संचालक को पत्र लिखा है। एसोसिएशन ने मांग की है कि आगामी जुलाई में ही शिक्षकों के लिए एक विशेष विभागीय सीमित शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित की जाए।

संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. रमेश कुमार चन्द्रवंशी ने कहा कि प्रदेश में कार्यरत शिक्षकों की सेवा सुरक्षा, पदोन्नति के अवसर और स्कूलों की शैक्षणिक गुणवत्ता में निरंतर सुधार को ध्यान में रखते हुए इस विभागीय सीमित परीक्षा का आयोजन किया जाना अत्यंत आवश्यक है। शिक्षक संवर्ग के हित में औपचारिक रूप से इस परीक्षा का आयोजन करना शिक्षा विभाग की एक सकारात्मक सोच और सहृदयता को दर्शाएगा।

3750 शिक्षकों पर TET की अनिवार्यता

एसोसिएशन ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि टेट की यह अनिवार्यता केवल प्राथमिक और मिडिल स्कूल के शिक्षकों पर लागू हो रही है। जिले में प्राथमिक और मिडिल स्कूलों को मिलाकर कुल 3750 शिक्षक ऐसे हैं जिन्हें अपनी सेवा सुरक्षा के लिए यह परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य है।

शिक्षकों से अपील करते हुए कहा कि टेट परीक्षा को लेकर किसी भी शिक्षक को घबराने या मानसिक तनाव लेने की आवश्यकता नहीं है। सभी शिक्षक पूरी सकारात्मकता के साथ परीक्षा की तैयारी में जुट जाएं। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन शिक्षकों के हितों और उनकी सेवा सुरक्षा को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए शासन स्तर पर सतत प्रयासरत है।

तीन साल का समय

शिक्षकों के लिए एक राहत भरी खबर यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने टेट पास करने की समय-सीमा को बढ़ा दिया है। इससे पहले 1 सितंबर 2025 को दिए गए निर्णय के अनुसार शिक्षकों को दो साल का समय देते हुए अंतिम तिथि 31 अगस्त 2027 निर्धारित की गई थी। अब 29 मई 2026 को आए नए फैसले में इस समय-सीमा को एक साल और आगे बढ़ाते हुए 31 अगस्त 2028 तक तय कर दिया गया है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने प्रदेश सरकार को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वह साल में कम से कम दो बार इस परीक्षा का आयोजन करे, ताकि कार्यरत शिक्षकों को अपनी योग्यता साबित करने के पर्याप्त और उचित अवसर मिल सकें।

दिए महत्वपूर्ण सुझाव

वर्तमान में जो टेट परीक्षा के प्रावधान हैं वे सामान्य और नए अभ्यर्थियों के लिए लागू होते हैं। विभाग में वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे अनुभवी शिक्षकों के लिए पृथक से कोई व्यवस्था नहीं है। यदि ऐसा ही रहा तो कई वरिष्ठ शिक्षक पदोन्नति और सेवा सुरक्षा के लाभ से वंचित हो जाएंगे। इसी को ध्यान में रखते हुए संघ ने शासन को व्यावहारिक सुझाव भेजे हैं।

  • कार्यरत सेवारत शिक्षकों के लिए एक अलग और विशेष श्विभागीय सीमित शिक्षक पात्रता परीक्षाश् आयोजित की जाए।
  • परीक्षा का सिलेबस सामान्य न होकर शिक्षकों के सेवा.अनुभव और व्यावहारिक ज्ञान पर आधारित होए जिससे वे इसे सहजता से उत्तीर्ण कर सकें।
  • प्रश्नपत्रों में कक्षा 1 से 5वीं और कक्षा 6वीं से 8वीं तक के पाठ्यक्रमए सामान्य शैक्षणिक समझ और शिक्षण अवधारणाओं को शामिल किया जाए।
  • प्राथमिक स्तर की टेट और मिडिल स्तर की टेट परीक्षा के आयोजन के बीच पर्याप्त दिनों का गैप अंतरालद्ध रखा जाए।