रायपुर

₹500 करोड़ के AI मिशन से छत्तीसगढ़ के 6 लाख छात्रों और 1.5 लाख कर्मचारियों को मिलेगी ट्रेनिंग, जिलों में बनेंगे 100 डेटा लैब

Chhattisgarh News: साय सरकार ने 500 करोड़ के AI मिशन को मंजूरी दी है। इस ऐलान के तहत प्रदेश के 6 लाख छात्रों और 1.5 लाख कर्मचारियों ट्रेनिंग मिलेगी। वहीं सभी जिलों 100 डेटा लैब स्थापित होंगे..
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Aug 08, 2026
Cabinet Decision
Chhattisgarh cm vishnudeo sai ( File photo patrika )

Chhattisgarh AI Mission: छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य को डिजिटल और तकनीकी क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ₹500 करोड़ के छत्तीसगढ़ AI मिशन को मंजूरी दी गई। अगले पांच वर्षों में लागू होने वाला यह मिशन राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग को बढ़ावा देगा और शिक्षा, प्रशासन, उद्योग तथा स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई दिशा देगा। सरकार का लक्ष्य AI तकनीक को केवल बड़े शहरों तक सीमित न रखकर जिलों और कस्बों तक पहुंचाना है, ताकि आम नागरिक भी आधुनिक तकनीक का लाभ उठा सकें।

Chhattisgarh News: 100 AI डेटा लैब और 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनेंगे

मिशन के तहत पूरे राज्य में 100 AI डेटा लैब स्थापित की जाएंगी। इसके अलावा 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाए जाएंगे, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और डेटा एनालिटिक्स जैसी अत्याधुनिक तकनीकों पर शोध और प्रशिक्षण होगा।

6 लाख छात्रों और 1.5 लाख कर्मचारियों को AI प्रशिक्षण

सरकार AI आधारित कौशल विकास पर विशेष जोर दे रही है। मिशन के तहत 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को AI का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे युवाओं को भविष्य की तकनीकों में रोजगार के अवसर मिलेंगे, वहीं सरकारी कर्मचारियों की कार्यक्षमता भी बढ़ेगी।

राज्य में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए 300 से अधिक AI स्टार्टअप को वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान की जाएगी। इससे छत्तीसगढ़ में AI आधारित उद्योगों और रोजगार के नए अवसर विकसित होने की उम्मीद है।

सरकारी सेवाएं होंगी स्मार्ट और तेज

कैबिनेट ने सरकारी कामकाज को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए 50 से अधिक AI आधारित डिजिटल सेवाएं विकसित करने का निर्णय लिया है। इन सेवाओं के जरिए प्रशासनिक प्रक्रियाएं तेज होंगी और नागरिकों को सरकारी सेवाओं का लाभ पहले से अधिक आसानी से मिलेगा।

IndiaAI Mission की तर्ज पर बनेगा मॉडल

छत्तीसगढ़ का AI मिशन केंद्र सरकार के IndiaAI Mission से प्रेरित है, लेकिन इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें तकनीक को गांवों और छोटे शहरों तक पहुंचाने पर विशेष फोकस किया गया है। इससे राज्य के छात्रों, युवाओं, स्टार्टअप और उद्योगों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिलेगा।

AI मिशन के साथ छत्तीसगढ़ में पहली बार बनेगा BEML का हैवी मशीन मैन्युफैक्चरिंग प्लांट

AI मिशन को मंजूरी देने के साथ ही साय कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास की दिशा में भी बड़ा फैसला लिया। राज्य में पहली बार भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) का हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित किया जाएगा। इसके लिए मुंगेली जिले की पथरिया तहसील में करीब 80 एकड़ भूमि रियायती दर पर उपलब्ध कराई जाएगी।

BEML केंद्र सरकार का मिनी रत्न सार्वजनिक उपक्रम है, जो रक्षा, रेलवे, खनन और निर्माण क्षेत्रों के लिए भारी मशीनों का निर्माण करता है। छत्तीसगढ़ में बनने वाला यह संयंत्र मध्य भारत का पहला बड़ा BEML हैवी मशीनरी निर्माण केंद्र होगा।

खनन राज्यों को मिलेगा सीधा फायदा

छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और मध्य प्रदेश देश के प्रमुख खनिज उत्पादक राज्यों में शामिल हैं। ऐसे में यहां बनने वाले प्लांट से खनन उद्योग के लिए आवश्यक बुलडोजर, डंपर, हाइड्रोलिक एक्सकेवेटर और अन्य भारी मशीनों के निर्माण और आपूर्ति को नई गति मिलेगी।

हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार

सरकार के अनुसार इस परियोजना से 1,500 से 2,500 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है, जबकि 8,000 से 10,000 लोगों के लिए अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बन सकते हैं। इसके अलावा प्लांट के आसपास 50 से अधिक MSME (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग) विकसित होने की संभावना है, जिससे स्थानीय उद्योगों और व्यवसायों को भी बड़ा लाभ मिलेगा।

अब तक BEML के प्रमुख निर्माण संयंत्र कर्नाटक और केरल में संचालित हैं। छत्तीसगढ़ में स्थापित होने वाला यह नया प्लांट राज्य को AI और हैवी इंजीनियरिंग दोनों क्षेत्रों में नई औद्योगिक पहचान देगा। सरकार का मानना है कि AI मिशन और BEML परियोजना मिलकर छत्तीसगढ़ को भविष्य की तकनीक और आधुनिक विनिर्माण का प्रमुख केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

Updated on:
08 Aug 2026 10:00 am
Published on:
08 Aug 2026 10:00 am