
Crime Alert : हत्या, हत्या की कोशिश और चाकूबाजी करने वाले 7 नाबालिग बालकों के गैंग ने माना संप्रेक्षण गृह में दो दिन पहले वार्डन की हत्या की कोशिश की थी। इसके बाद अब संप्रेक्षण गृह से ही फरार हो गए। इससे वहां की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। सुरक्षा के नाम पर केवल खानापूर्ति की जा रही है। इससे पहले भी कई अपचारी बालक फरार हो चुके हैं। फरार अपचारी बालकों की तलाश में पुलिस की टीमें लगी हैं।
पुलिस के मुताबिक रविवार की सुबह करीब 5.30 बजे संप्रेक्षण गृह से 7 अपचारी बालक पीछे की दीवार फांदकर भाग निकले। संप्रेक्षण गृह से निकलने के बाद बड़े आराम से पैदल निकल गए। उनके कुछ फुटेज जोरा रोड में मिले हैं। इसमें बड़े आराम से जाते हुए दिखे हैं। संप्रेक्षण गृह के सुरक्षाकर्मी आसपास के इलाकों में उनकी तलाश करते रहे। इसके बाद माना थाने में सूचना दी। फरार होने वाले सभी अपचारी बालक हत्या, हत्या की कोशिश और चाकूबाजी करने के आरोप में संप्रेक्षण गृह में थे।
दो दिन पहले की थी हत्या की कोशिश
फरार होने वाले अपचारी बालकों ने संप्रेक्षण गृह में एक गैंग बना लिया था। दो दिन पहले एक अन्य नाबालिग की सभी पिटाई कर रहे थे। इस दौरान बचाव करने गए वार्डन की भी अपचारी गैंग ने जान लेने की कोशिश की थी। इसके बाद भी सुरक्षाकर्मियों ने उस गैंग पर नजर नहीं रखी और न ही किसी तरह की सख्ती की। इसी के चलते रविवार को वही गैंग फरार हो गया। बताया जाता है कि संप्रेक्षण गृह के पीछे के हिस्से में सुरक्षा की इंतजाम पर्याप्त नहीं है। अपचारियों के भागने की घटना सुबह की है, लेकिन माना पुलिस को दोपहर को सूचना दी गई। देर शाम तक थाने में एफआईआर दर्ज करने लिखित शिकायत भी नहीं किया गया था।
कर सकते हैं वारदात
फरार होने वाले 3 अपचारी बालक गंज इलाके में हत्या और 4 अन्य गुढि़यारी इलाके में हत्या की कोशिश और चाकूबाजी कर चुके हैं। करीब डेढ़ साल से सभी संप्रेक्षण गृह में थे और एक गिरोह बना लिए थे। फरार होने के बाद सभी अपने घर नहीं पहुंचे हैं। आशंका है कि सभी कहीं और आपराधिक घटना को अंजाम दे सकते हैं।
अपचारी बालकों के फरार होने की सूचना मिलने के बाद से उनकी तलाश की जा रही है। अब तक उनका कुछ पता नहीं चल पाया है।
-दिनेश सिन्हा, डीएसपी, क्राइम, रायपुर