रायपुर

83 असिस्टेंट प्रोफेसरों को मिलेगा प्रमोशन, छत्तीसगढ़ में MBBS-PG की पढ़ाई और मरीजों के इलाज को मिलेगा फायदा

Assistant Professor Promotion: छत्तीसगढ़ के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में कार्यरत 83 असिस्टेंट प्रोफेसरों का प्रोबेशन पीरियड पूरा होने के बाद उनके प्रमोशन की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
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Jul 10, 2026
Chhattisgarh Doctors Promotion
प्रमोशन की तैयारी (फोटो सोर्स- पत्रिका)

रायपुर@पीलूराम साहू। Doctor Promotion News: नेहरू मेडिकल कॉलेज समेत प्रदेश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में 83 असिस्टेंट प्रोफेसरों का तीन साल का प्रोबेशन पीरियड खत्म कर दिया गया है। अब उन्हें एसोसिएट प्रोफेसर बनाया जाएगा। इसके लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग ने सभी डीन से प्रमोशन का प्रस्ताव बनाकर भेजने को कहा है। ताकि पीएससी को डीपीसी के लिए प्रस्ताव भेजा जा सके। प्रमोशन के लिए जर्नल में पब्लिकेशन भी अनिवार्य है।

83 डॉक्टरों के प्रोबेशन पीरियड खत्म होते ही प्रमोशन की तैयारी

राज्य शासन ने दो दिन पहले असिस्टेंट प्रोफेसरों का प्रोबेशन पीरियड खत्म किया है। दरअसल इन डॉक्टरों का प्रमोशन जरूरी है। हाल में शासन ने 43 एसोसिएट प्रोफेसरों का प्रमोशन कर विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में भेजा है। इसलिए मेडिकल कॉलेजों में उनका स्थान खाली हो गया है। नेहरू मेडिकल कॉलेज (Chhattisgarh Medical College) में 22 डॉक्टरों का प्रमोशन किया गया। इनमें 18 डॉक्टरों को बाहर भेजा गया है। उनके जाने के बाद मेडिसिन समेत कुछ विभागों में मरीजों का इलाज प्रभावित हो रहा है।

मेडिसिन में तीन डॉक्टरों का प्रमोशन (Promotion News) किया गया है। उनके स्थान पर तीन एसोसिएट प्रोफसरों की जरूरत होगी। ताकि पीजी की 15 सीटों की मान्यता बरकरार रह सके। यही नहीं मरीजों का इलाज भी आसान होगा। दरअसल यह आंबेडकर अस्पताल का सबसे बड़ा विभाग है।

Chhattisgarh Doctors Promotion: 11 डॉक्टर रिलीव, बाकी आज किए जाएंगे

नेहरू मेडिकल कॉलेज के 18 में 11 डॉक्टरों को गुरुवार तक रिलीव कर दिया गया है। बाकी डॉक्टरों को शुक्रवार को रिलीव कर दिया जाएगा। दरअसल राज्य शासन के आदेश में प्रमोशन वाले डॉक्टरों को 15 दिनों में ज्वाइन करने को कहा गया था। इनमें कई डॉक्टरों को नए मेडिकल कॉलेज कवर्धा, जांजगीर-चांपा, मनेंद्रगढ़, कुनकुरी व दंतेवाड़ा भेजा गया है। ताकि इन कॉलेजों को नए साल के लिए मान्यता मिल सके। हालांकि कुनकुरी व मनेंद्रगढ़ को मान्यता में संदेह है, लेकिन एनएमसी के आदेश का इंतजार करना होगा। संभावना है कि दंतेवाड़ा, कवर्धा व जांजगीर मेडिकल कॉलेज को मान्यता मिल जाए।

एक विभाग के 3-3 डॉक्टरों के ट्रांसफर से बढ़ी समस्या

नेहरू मेडिकल कॉलेज के दो विभाग से 3-3 डॉक्टरों के एकमुश्त ट्रांसफर से समस्या बढ़ गई है। इससे न केवल पीजी की सीटें कम होने की संभावना है, बल्कि मरीजों का इलाज भी प्रभावित होगा। उदाहरण के लिए मेडिसिन व जनरल सर्जरी के तीन-तीन डॉक्टरों को बाहर भेजा गया है। 4 साल पहले दोनों ही विभागों में जरूरी फैकल्टी की कमी के चलते पीजी की दो-दो सीटें कम हो चुकी हैं। ये खतरा अब भी पैदा हो गया है।

अब केवल दो-दो सीटें नहीं, इससे ज्यादा सीटें कम हो सकती है। मेडिसिन में 15 व सर्जरी में पीजी की 13 सीटें हैं। पीजी की सीटें कम होने का मतलब ये है कि सीधे मरीजों का इलाज प्रभावित। दरअसल पीजी छात्रों को जूनियर डॉक्टर कहा जाता है। ये इलाज में कंसल्टेंट डॉक्टरों (Doctor Promotion News) की मदद करते हैं।

Updated on:
10 Jul 2026 10:13 am
Published on:
10 Jul 2026 10:12 am