
ईओडब्ल्यू ने रामगोपाल से मांगे 1000 करोड़ की गड़बड़ी का हिसाब ( Photo - patrika )
Chhattisgarh coal Scam: ईओडब्ल्यू कांग्रेस के कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल से 10 बिंदुओं पर पूछताछ कर रही है। इसमें शराब, कोयला और कस्टम मिलिंग घोटाले से अर्जित 1000 करोड़ रुपए की गड़बड़ी का हिसाब, फरारी के दौरान कहां और किस ठिकाने पर रहे, इस दौरान कौन मददगार और किसके संपर्क में रहने के साथ ही तीनों ही घोटाले से कितनी रकम मिली, आय का श्रोत, खर्च, उक्त घोटाले में भूमिका सहित सिंडिकेट में शामिल अन्य आरोपियों के नाम।
इन सवालों के जवाब देते हुए रामगोपाल ने बताया जब भी उन्हें नोटिस दिया गया उसका जवाब दिया। पूछताछ के लिए आए भी, लेकिन तबीयत खराब होने के कारण वह उपचार के लिए हैदराबाद, मुंबई और दिल्ली गए थे। वह फरार नहीं हुए थे। डॉक्टरों की सलाह पर स्वास्थ्य लाभ और दर्शन करने के लिए वाराणसी, जगन्नाथपुरी, अयोध्या और प्रयागराज गए थे। लेन-देन को लगाए जा रहे आरोप गलत है। कांग्रेस संगठन को बदनाम करने के लिए लगाए जा आरोप गलत है। किसी भी घोटाले से उनका कोई संबंध नहीं है। पार्टी के सदस्यों की सहयोग राशि का वह हिसाब-किताब रखते थे।
घोटाले की रकम और सिंडिकेट से जुड़े लोगों से उनका कोई वास्ता नहीं है। उन्हें परेशान करने के लिए आरोप लगाया जा रहा है। बताया जाता है कि अवैध वसूली की रकम कांग्रेस भवन में लेने के लिए संबंधी डायरी और गिरफ्तार किए गए लोगों द्वारा दिए गए बयान के संबंध में बताया। इसे रामअवतार ने नकार दिया। बता दें कि ईओडब्ल्यू ने छापेमारी के दौरान अवैध वसूली की रकम बोरे में भरकर कांग्रेस भवन लाने और यह रकम अनवर ढेबर, सूर्यकांत तिवारी और रोशन चंद्राकर द्वारा भेजे जाने का आरोप लगाया है। उक्त रकम का उपयोग चुनावी फंडिग और हवाला जरिए दिल्ली भेजने के इनपुट भी मिले हैं। इसके संबंध में जांच की जा रही है।
ईओडब्ल्यू ने घोटाले की जांच के दौरान मिले दस्तावेजों को कोर्ट में पेश कर दावा किया है कि रामगोपाल अग्रवाल के पास सभी घोटाले की रकम का हिस्सा पहुंचता था। उनके निजी सहायक देवेंद्र डड़सेना ने अपने बयान में कहा कि कथित कोल लेवी घोटाले की राशि कांग्रेस भवन पहुंचती थी। वहां से इस राशि का नियंत्रण रामगोपाल अग्रवाल के पास रहता था। इसके आवक और खर्च का बकायदा हिसाब रखा जाता था। जांच के दौरान 1000 करोड़ का हिसाब मिला है। इसमें केवल कोल लेवी से 52 करोड़ 62 लाख 20 हजार रुपए सीधे रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचे। इस रकम को लेने, संभालने और इस्तेमाल करने का काम रामगोपाल अग्रवाल ने किया।
जांच एजेंसी के अनुसार, भिलाई के कारोबारी लक्ष्मीनारायण बंसल उर्फ पप्पू ने बयान में कहा कि दीपेन चावड़ा के माध्यम से करीब 800 करोड़ रुपए कांग्रेस भवन भेजे गए। वहीं, निखिल चंद्राकर ने भी अपने बयान में कोल लेवी की रकम रामगोपाल अग्रवाल तक पहुंचने की बात स्वीकार की है। इसके अलावा सूर्यकांत तिवारी के पास मिली डायरी में रकम का ब्योरा है। वहीं, अन्य माध्यमों से टुकड़ों में रकम दिए जाने के इनपुट है। उक्त सभी के संंबंध में पूछताछ की जा रही है। साथ ही अब तक की जांच और गवाहों के बयान को क्राॅस वेरिफिकेशन कराया जा रहा है। बता दें कि ई़डी और ईओड्ब्ल्यू की 2019 में छापेमारी शुरू होते ही रामगोपाल फरार हो गए थे।
Updated on:
11 Jul 2026 01:10 pm
Published on:
11 Jul 2026 01:09 pm
