
मानसून अपडेट (photo source- Patrika)
CG Weather Update: छत्तीसगढ़ में मानसून की रफ्तार फिलहाल धीमी पड़ गई है। पिछले दो दिनों तक हुई अच्छी बारिश के बाद राजधानी रायपुर समेत कई इलाकों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। आसमान में दिनभर काले बादल मंडराते रहे, लेकिन बारिश नहीं होने से उमस और गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। घरों से लेकर बाजार तक लोग चिपचिपी गर्मी से परेशान नजर आए। मौसम विभाग के मुताबिक अब प्रदेश में अच्छी बारिश के लिए बंगाल की खाड़ी में बनने वाले नए सिस्टम का इंतजार है।
शनिवार को रायपुर में सुबह से ही बादल छाए रहे। कई इलाकों में हल्की बूंदाबांदी की उम्मीद बनी रही, लेकिन अधिकांश जगहों पर बारिश नहीं हुई। बादलों के कारण धूप भले ही कम रही, लेकिन हवा में नमी अधिक होने से उमस बढ़ गई। लोग पूरे दिन पसीने से परेशान रहे। मौसम विभाग ने शहर का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान जताया है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मध्य उत्तर प्रदेश के उत्तरी हिस्से में बना निम्न दबाव का क्षेत्र अब कमजोर पड़ रहा है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण भी धीरे-धीरे असर खो रहा है। यही वजह है कि छत्तीसगढ़ में मानसून की गतिविधियां फिलहाल धीमी हो गई हैं। हालांकि समुद्र तल पर सक्रिय मानसून द्रोणिका बनी हुई है, जिससे अगले कुछ दिनों में मौसम फिर बदल सकता है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले चार दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होती रहेगी। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। हालांकि राजधानी रायपुर में व्यापक और लगातार बारिश की संभावना फिलहाल कम बताई जा रही है।
मौसम विभाग ने सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर, कोंडागांव, कांकेर, धमतरी, गरियाबंद, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर समेत कई जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवा के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है।
पिछले 24 घंटों के दौरान रघुनाथनगर, कुसमी और बड़ेबचेली में 5 सेंटीमीटर बारिश दर्ज की गई। कापू, दर्री, लैलूंगा, शंकरगढ़, कोरबा, बैकुंठपुर, प्रेमनगर और मुंगेली में 3 सेंटीमीटर बारिश हुई। वहीं बिलासपुर, बीजापुर, अकलतरा, दुर्गकोंदल, मैनपाट, सारागांव सहित कई क्षेत्रों में 2 सेंटीमीटर तथा दंतेवाड़ा, जगदलपुर, अंबिकापुर, जांजगीर, सूरजपुर, भानुप्रतापपुर और अन्य स्थानों पर 1 सेंटीमीटर तक बारिश रिकॉर्ड की गई।
मौसम में नमी बढ़ने और बारिश नहीं होने से राजधानी में उमस का असर ज्यादा महसूस किया जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक बंगाल की खाड़ी में नया मौसम तंत्र सक्रिय नहीं होता, तब तक प्रदेश में व्यापक बारिश की संभावना कम रहेगी। फिलहाल लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिलने के लिए कुछ और दिनों तक इंतजार करना पड़ सकता है।
Updated on:
11 Jul 2026 10:44 am
Published on:
11 Jul 2026 10:44 am
