रायपुर

Ex गर्लफ्रेंड ने हत्या कर घर के गार्डन में दफनाया था अभिषेक को, DNA टेस्ट से हुई शव की पहचान

बहुचर्चित अभिषेक मिश्रा हत्याकांड में शव के डीएनए टेस्ट के बाद से राज से पर्दा उठ गया। जांच में पता चला कि शव अभिषेक मिश्रा का ही है।

2 min read
Dec 03, 2017
Abhishek Mishra Murder Case

रायपुर . छत्तीसगढ़ के भिलाई के स्मृति नगर स्थित कंबोज परिवार के निवास में बने किचन गार्डन से खुदाई कर बरामद किया गया शव शंकरा गु्रप ऑफ कॉलेज के वाइस प्रेसीडेंट अभिषेक मिश्रा का ही है। डीएनए टेस्ट में इसकी पुष्टि हो गई है। पुलगांव पुलिस ने डीएनए टेस्ट रिपोर्ट जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरके अग्रवाल के न्यायालय में जमा कर दिया है।

मां का लिया था ब्लड सैंपल
गड्ढे में दफन शव अभिषेक मिश्रा का ही था या नहीं इसकी प्रमाणित पुष्टि के लिए न्यायालय की अनुमति से डीएनए टेस्ट कराया। 31 जनवरी 2017 को फोरेंसिक लैब भेजा था। टेस्ट के लिए मां सरिता मिश्रा का ब्लड सैंपल लिया गया था। जांच के बाद रिपोर्ट में बताया गया है कि जो आर्टिकल टेस्ट के लिए भेजा गया था वह अभिषेक मिश्रा का ही है।

रायपुर लैब में हुई जांच
यह पहला प्रकरण है जब दुर्ग पुलिस ने रायपुर स्थित लैब में डीएनए टेस्ट कराया है। इसके पहले तक पुलिस डीएनए टेस्ट कराने के लिए चंडीगढ़ या फिर हैदराबाद जाती थी। डीएनए टेस्ट की सुविधा रायपुर फोरेसिंक लैब में शुरु होने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने रायपुर से ही टेस्ट कराने का निर्णय लिया था।

गवाहों ने कहा- शव खराब था इसलिए कराया डीएनए
शंकरा गु्रप ऑफ कॉलेज के वाइस प्रेसीडेंट अभिषेक मिश्रा की हत्या के बाद आरोपियों (उसकी गर्ल फ्रेंड भी शामिल) ने शव को स्मृति नगर स्थित एक मकान के किचन गार्डन में गाड़ दिया था। करीब 45 दिन बाद पुलिस ने खुदाई करवाकर शव को बाहर निकाला। शव खराब हो चुका था। गडढे की खुदाई करते समय गवाह के रुप में घटना स्थल पर मौजद लोगों ने न्यायालय में सुनवाई के दौरान बताया कि शव पूरी तरह खराब हो चुका था। गवाहों के इस कथन के बाद विशेष लोक अभियोजक सुरेश प्रसाद शर्मा ने न्यायालय में आवेदन पेश कर डीएनए टेस्ट करवाने की अनुमति मांगी थी।

ये भी पढ़ें

देवी मां के त्रिशूल से तोड़ा ताला, फिर मुकुट, सोने के आभूषण समेत 2 लाख का सामान किया पार
Updated on:
03 Dec 2017 07:03 pm
Published on:
03 Dec 2017 06:45 pm
Also Read
View All