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Railway Water Crisis: “ये पानी पीजिए सर…” रायपुर स्टेशन पर रिपोर्टर के सवाल से असहज हुए रेलवे GM, गंदे पानी पर नहीं दे पाए जवाब

Railway Dirty Water: रायपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के जीएम तरुण प्रकाश उस वक्त असहज हो गए, जब पत्रिका के रिपोर्टर ने उन्हें स्टेशन के वाटर कूलर से निकला गंदा पानी दिखाते हुए पूछा कि क्या यही पानी यात्रियों को पिलाया जा रहा है।
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रायपुर

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Khyati Parihar

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हिमांशु शर्मा

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Updated: 10 May 2026, 3:10 PM IST

सवाल सुनते ही खामोश हुए रेलवे जीएम (फोटो सोर्स- पत्रिका)

सवाल सुनते ही खामोश हुए रेलवे जीएम (फोटो सोर्स- पत्रिका)

रायपुर@हिमांशु शर्मा। Railway Water Crisis: शाम के 7.30 बजे रहे थे, रेलवे जीएम तरुण प्रकाश इंस्पेक्शन करने रायपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे। सैलून से उतरते ही जीएम अपने सरकारी अमले के साथ वेटिंग लाउंज गए। उनके इंतजार में विधायक राजेश मूणत, राज्यसभा सदस्य लक्ष्मी वर्मा और पूर्व विधायक विकास उपाध्याय समेत चैंबर व अन्य सदस्य खड़े रहे। जीएम के अंदर जाने के बाद सभी अपनी-अपनी मांगों को लेकर पहुंचे और जनता से जुड़ी समस्याओं व मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। इसके बाद जीएम करीब 7.50 बजे मीडिया से बातचीत करने पहुंचे।

इस दौरान उन्होंने बिलासपुर से लेकर रायपुर तक रेल संरक्षा, परिचालन, कार्य प्रणाली, स्टेशन रि-डेवलपमेंट, परियोजनाओं की समीक्षा की जानकारी दी। करीब आधा घंटे रायपुर स्टेशन में रहने के बाद वे अपने गाड़ी से रवाना हो गए, लेकिन रायपुर स्टेशन का निरीक्षण नहीं किया। इस दौरान डीआरएम दयानंद, सीनियर डीसीएम अवधेश कुमार त्रिवेदी, सीपीआरओ समेत दर्जनभर अधिकारी मौजूद रहे।

पत्रिका के रिपोर्टर ने इस तरह के पूछे सवाल…

रिपोर्टर: सर ये रेलवे का गंदा पानी है पीजिए, क्योंकि रेलवे आम यात्रियों को इसी को पिला रहा है?
जवाब: जीएम पानी बोतल की लेकर खामोश, डीआरएम ने कहा दिखवाता हूं, सीनियर डीसीएम के साथ खुसफुसाते रहे।

रिपोर्टर:रेलवे अपने रेल नीर का पानी सप्लाई नहीं कर पा रहा, प्राइवेट कंपनी का करना पड़ा रहा है?
जवाब: सवाल के जवाब देने से बचते रहे।

रिपोर्टर: अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत मंडल के करीब 12 स्टेशनों का काम दो साल लेट चल रहा है?
जवाब: ऐसा नहीं है, इस तरह का कोई लक्ष्य नहीं होता।

रिपोर्टर: हमारे पास पूरा डाटा है, लक्ष्य दिया गया था। यहां तक कि जो तीन स्टेशनों का काम पूरा हुआ है, वो भी डेढ़ साल की देरी से हुआ है।
जवाब: सभी कामों को जल्दी ही पूरा करा लिया जाएगा।

रिपोर्टर: एक्सप्रेस ट्रेनों के अलावा लोकल ट्रेनों को रेलवे समय पर नहीं चला पा रहा, नौकरीपेशा व स्टूडेंट क्या करें?
जवाब: लगातार विकास कार्य किए जा रहे हैं, जिसके कारण बीच-बीच में ब्लॉक लिया जाता है, इसलिए ट्रेनें लेट हो रही हैं।

इन स्टेशनों का निरीक्षण किया

दाधापारा स्टेशन का निरीक्षण, चौथी रेलवे लाइन कंस्ट्रक्शन, बिल्हा स्टेशन का रि-डेवलपमेंट और रेलवे ब्रिज बनाने, दगोरी-निपनिया के बीच शिवनाथ ब्रिज पर निरीक्षण, ट्रेक मेंटनेस गैंस से बातचीत, यार्ड का दौरा, भाटापारा, हथबंद और तिल्दा स्टेशन में मूलभूत सुविधा का जायजा लिया।

वाटर कूलर का पानी जांच कर साफ कहा

चार दिन पहले ही सीसीएम के चैंबर में आईओडब्लू की टीम ने स्टेशन के वाटर कूलर का पानी जांचा था। इसमें टीडीएम 172 आया था, जिसमें कहना था, कि स्टेशन का पानी एकदाम साफ है। जबकि हकीकत यह है कि टीम ने सिर्फ साफ वाटर कूलर का पानी जांचा था। जबकि हकीकत में स्टेशन के अन्य जगह का पानी खराब आ रहा है, जिसे हर दिन हजारों यात्रियों को पिलाया जा रहा है।

नेताओं व चेंबर ने यात्रियों से जुड़ी समस्याएं रखी

विधायक मूणत ने 12 सूत्रीय मांगों को लेकर जीएम को ज्ञापन सौंपा। जिसमें लंबित परियोजनाएं पूरी करने, अंडरपास, ब्रिज, नई ट्रेनों की मांग की गई है। पूर्व विधायक विकास उपाध्याय ने ट्रेनों के रद्द होने और भू-माफिया द्वारा कब्जा करने की शिकायत की। ऐसी ही समस्याओं से चैंबर सदस्यों ने भी अवगत कराया। रेलवे मजदूर संघ के सदस्य टाटाबाबूराव की अध्यक्षता में सदस्यों ने भेंट की। वहीं, रेल परामर्शदात्री समिति के सदस्यों ने ट्रेन परिचालन की समस्याओं को जीएम के सामने रखा।

विकास उपाध्याय ने रेलवे जीएम को सौंपा ज्ञापन

पूर्व संसदीय सचिव एवं छाया सांसद विकास उपाध्याय ने कांग्रेसजनों के साथ दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के जीएम तरुण प्रकाश को ज्ञापन सौंपकर ट्रेनों की लेटलतीफी, रद्द ट्रेनों, स्टेशन री-डेवलपमेंट की धीमी रफ्तार और यात्रियों की मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दे उठाए। उन्होंने रायपुर से इंदौर, बैंगलोर, अयोध्या और उज्जैन के लिए नई ट्रेनें शुरू करने, सरोना स्टेशन विस्तार, भवानी नगर अंडरब्रिज निर्माण, रेलवे जमीन पर कब्जों पर कार्रवाई और लोकल ट्रेनों को समय पर चलाने की मांग की।