RTE Admission: प्रवेशित एवं प्रवेश नहीं लेने वाले बच्चों की जानकारी निजी शाला खुद अपने लाॅगइन के माध्यम से पोर्टल में अपडेट करते थे। इस वर्ष से यह जानकारी नोडल प्राचार्य के लॉगिन से ही प्रवेश लेने वाले एवं प्रवेश नहीं लेने वाले बच्चों की जानकारी आरटीई पोर्टल में अपडेट की जाएगी।
RTE Admission: @अनुराग सिंह। छत्तीसगढ़ में आरटीई (नि:शुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार) के तहत निजी स्कूलों में दाखिले की प्रक्रिया शुुरू हो गई है। छात्रों को 30 मई तक प्रवेश लेने होंगे। आरटीई के तहत राज्य के 6861 स्कूलों में कुल 21,698 सीटें हैं। इन सीटों पर प्रवेश के लिए 38 हजार 439 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें 27 हजार 203 आवेदन पात्र एवं 11 हजार 236 आवेदन अपात्र पाए गए।
विभाग के अनुसार, चयनित बच्चों के सभी अभिलेखों का परीक्षण पूर्व में नोडल प्राचार्य द्वारा किया जा चुका है इसलिए निजी शालाओं को प्रवेश के समय किसी अभिलेखों का परीक्षण फिर से नहीं किया जाएगा। विभाग ने साफ कहा है कि चयनित बच्चों के प्रवेश की कार्यवाही में पालकों को किसी भी प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना न पड़े।
नोडल प्राचार्य के लॉगिन से ही बच्चों की जानकारी पोर्टल में अपडेट
पहले प्रवेशित एवं प्रवेश नहीं लेने वाले बच्चों की जानकारी निजी शाला खुद अपने लाॅगइन के माध्यम से पोर्टल में अपडेट करते थे। इस वर्ष से यह जानकारी नोडल प्राचार्य के लॉगिन से ही प्रवेश लेने वाले एवं प्रवेश नहीं लेने वाले बच्चों की जानकारी आरटीई पोर्टल में अपडेट की जाएगी। प्रवेशित एवं अप्रवेशित बच्चों के नाम पोर्टल में अपडेट करने की जिम्मेदारी निजी शाला प्रबंधन (प्राचार्य) एवं नोडल प्राचार्य की संयुक्त रूप से दी गई है।
दूसरा चरण 8 जून से
द्वितीय चरण की प्रक्रिया 8 जून से शुरू हो जाएगी, जिसमें नए स्कूलों का रजिस्ट्रेशन होगा। उसके बाद 1 से 11 जुलाई तक विद्यार्थी पंजीयन होंगे। फिर 27 से 31 जुलाई तक लाॅटरी एवं आवंटन होगा, जिसके बाद छात्रों को स्कूल में दाखिला 3 से 17 अगस्त तक लेना होगा।
RTE का कड़वा सच! दाखिले तो हजारों, लेकिन 12वीं तक पहुंचते हैं गिने-चुने
छत्तीसगढ़ के रायपुर में निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (आरटीई) में प्रवेश की प्रक्रिया अभी पूरे प्रदेश में चल रही है। इस साल पहली कक्षा में 21 हजार 983 छात्र-छात्राओं को प्रवेश दिया जाएगा। लेकिन इस संख्या में एक बड़ा सवाल ये है कि क्या ये सारे बच्चे पूरी 12वीं तक पढ़ाई कर पाएंगे। पढ़े पूरी खबर
RTE पर सख्त हुई छत्तीसगढ़ सरकार
छत्तीसगढ़ सरकार ने शिक्षा के अधिकार कानून (RTE) को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए निजी स्कूलों को स्पष्ट चेतावनी दी है। सरकार ने कहा है कि यदि कोई भी स्कूल RTE के तहत निर्धारित सीटों पर बच्चों को प्रवेश देने से इंकार करता है, तो उसकी मान्यता तक रद्द की जा सकती है। यह फैसला तब सामने आया है जब प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने प्रतिपूर्ति राशि बढ़ाने की मांग को लेकर RTE के तहत प्रवेश नहीं देने की बात कही थी। पढ़े पूरी खबर