
पीलूराम साहू . Adulterated Paneer: आप पनीर खाने के शौकीन हैं तो संभल जाइए। दरअसल राजधानी में ही पिछली दिवाली (अक्टूबर) से अब तक 10 हजार किलो नकली पनीर जब्त किया जा चुका है। जब्त पनीर का बाजार मूल्य 35 लाख रुपए है। इसमें खतरनाक कैमिकल मिले होते हैं, जो सेहत के लिए घातक है। इस मामले में फूड एंड ड्रग विभाग कार्रवाई तो कर रहा है, लेकिन यह नाकाफी है। नियमित जांच नहीं होने से भारी मात्रा में नकली पनीर खप रहा हैं।
राजधानी रायपुर के ज्यादातर घरों के अलावा छोटे-बड़े होटलों में भी पनीर की सब्जी की अच्छी डिमांड है। इसलिए रायपुर नकली पनीर खपाने के लिए आदर्श जगह बन गई है। एक अनुमान के अनुसार यहां रोजाना 500 किलो पनीर की खपत होती है।
मध्यप्रदेश के सौरभ शर्मा को रेलवे स्टेशन पर 400 क्विंटल पनीर रखने का जिम्मा दिया गया था, उन्हीं के पास से अप्रैल में 1000 किग्रा नकली पनीर जब्त किया गया था। इसकी सप्लाई भोपाल व मुरैना हुई थी। गोकुलनगर में इसकी पैकिंग कर खपाया जा रहा था। सौरभ मकान में ही पनीर का गोरखधंधा कर रहा था। फूड एंड ड्रग विभाग में कार्रवाई का सख्त नियम नहीं होने के कारण नकली पनीर बनाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती। अगर केस कोर्ट तक चला भी जाए तो टिकता भी नहीं है।
केस स्टडी: मंगलवार को रायपुर के शंकरनगर इलाके में रामानंद बाघ की यूनिट में नकली पनीर बनाया जा रहा था। मौके पर सस्ता व घटिया क्वॉलिटी का पॉम ऑयल, फैट के डल्ले व दूध पाउडर का उपयोग किया जा रहा था।