
Raipur Diya Making News: रायपुरा के 400 परिवारों की दीवाली तैयारी(photo-patrika)
Raipur Diya Making News @त्रिलोचन मानिकपुरी: दीपावली के पावन पर्व पर घरों को रोशन करने के लिए छत्तीसगढ़ के राजधानी रायपुर के रायपुरा क्षेत्र में करीब 400 परिवार पूरी तन्मयता से मिट्टी के दीये और अन्य सजावटी सामान तैयार करने में जुटे हैं। इन परिवारों के लिए दीपावली सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि सालभर की कड़ी मेहनत और अपने पारंपरिक हुनर को बाजार तक पहुंचाने का एक बड़ा अवसर है। यहां चाक पर ढलती मिट्टी से न केवल पारंपरिक दीये, बल्कि मिट्टी के बर्तन और देवी-देवताओं की मूर्तियां भी गढ़ी जा रही हैं, जो हर घर के आँगन को रोशन करेंगी।
इसी परंपरा को संजोए हुए आगे बढ़ रही हैं रायपुरा की युवा कुम्हार विशाखा चक्रधारी। उन्होंने महज 10 साल की उम्र से ही हाथों से दीये और मिट्टी के अन्य बर्तन बनाने की कला सीख ली थी। अपनी पारंपरिक कला के साथ-साथ उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में भी कदम बढ़ाया और बीएससी फाइनल तक की पढ़ाई पूरी की।
विशाखा रोजाना करीब 2 हजार दीये बनाने का लक्ष्य रखती हैं। दीयों को आकार देने के बाद उन्हें सुखाया जाता है, फिर रंग में डुबोकर आकर्षक रूप दिया जाता है और अंत में लकड़ी व कंडों के भट्ठे में पकाया जाता है। एक बार में लगभग 10 हजार दीये भट्ठे में पकाए जाते हैं, इस पूरी प्रक्रिया में पांच घंटे से अधिक का समय लगता है।
उत्पाद तैयार करने में आने वाली मेहनत के मुकाबले मुनाफा कम होना इन पारंपरिक कारीगरों के सामने एक बड़ी चुनौती है। फिलहाल विशाखा 20 रुपए दर्जन के भाव से दीये बेचती हैं और खुद स्टॉल लगाकर सीधे ग्राहकों तक पहुंचती हैं। उनका कहना है कि बिचौलिए और दलाल आधी कीमत पर सामान खरीदना चाहते हैं, जिससे कारीगरों को उनकी मेहनत का वास्तविक मूल्य नहीं मिल पाता और मुनाफा भी बहुत कम रह जाता है।
पारंपरिक कुम्हारी के इस हुनर को आधुनिक दौर से जोड़ते हुए विशाखा सोशल मीडिया का भरपूर इस्तेमाल कर रही हैं। वह अपने बनाए गए दीयों और मिट्टी के विभिन्न उत्पादों के वीडियो व तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करती हैं, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग उनके काम से जुड़ सकें। इस डिजिटल पहल के जरिए वह अपने उत्पादों को सीधे ग्राहकों तक पहुंचा रही हैं और अपने परिवार के पारंपरिक व्यवसाय को एक नई पहचान दिलाने की दिशा में सराहनीय प्रयास कर रही हैं।
Updated on:
23 Oct 2026, 5:35 PM IST
Published on:
23 Oct 2026, 5:34 PM IST
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