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जब मिट्टी में सांसें फूंक दीं मूर्तिकार LX ने, गढा मां का दिब्य रूप, अभी भी लोगों के जुबां पर बस एक ही नाम – Maa!

Sculptor LX Shyam Nagar Raipur: "लगता ही नहीं कि यह मिट्टी की मूरत है..." नवरात्रि भर सोशल मीडिया पर तहलका मचाने वाली रायपुर की 'वायरल मां दुर्गा' जब विसर्जन के लिए निकलीं, तो श्याम नगर आंसुओं और असीम आस्था के सैलाब में डूब गया।
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रायपुर

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Shradha Jaiswal

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Updated: 23 Oct 2026, 2:43 PM IST

Raipur Sculptor LX News

Raipur Sculptor LX News: वायरल मां दुर्गा (photo-patrika)

Raipur Sculptor LX News: "लगता ही नहीं कि यह मिट्टी की मूरत है, ऐसा जान पड़ता है मानो अभी पलकें झपकेंगी और मां साक्षात आशीर्वाद दे देंगी…" नवरात्रि के पूरे नौ दिन देश-दुनिया के सोशल मीडिया फीड्स पर 'वायरल मां दुर्गा रायपुर' के नाम से तहलका मचाने वाली देवी प्रतिमा जब विसर्जन के लिए निकली, तो राजधानी रायपुर का श्याम नगर आंसुओं और असीम आस्था के सैलाब में डूब गया।

ढोल-नगाड़ों की गूंजती थाप, उड़ता गुलाल और 'जय माता दी' के गगनभेदी जयकारों के बीच हर घर की चौखट पर खड़े श्रद्धालुओं का गला रुंधा हुआ था। कोई भी अपनी ‘जीवंत मां’ को विदा नहीं करना चाहता था। इस अलौकिक कृति के पीछे कोई बड़ा स्टूडियो या नामी घराना नहीं, बल्कि रायपुर के रायपुरा महादेव घाट का रहने वाला एक साधारण परिवार का युवा हुनरमंद है - एलएक्स मूर्तिकार।

Viral Durga Visarjan Raipur: निष्ठा -समर्पण से एलएक्स ने गढ़ा मां का स्वरूप

बिना किसी तामझाम और बड़े संसाधनों के, केवल अपनी निष्ठा,समर्पण और मेहनत से एलएक्स ने मिट्टी को वो रूप दिया जिसने देश भर के मंझे हुए मूर्तिकारों को स्तब्ध कर दिया है। विदाई के अंतिम पलों में जब एलएक्स नम आंखों से अपनी गढ़ी मां के चरणों में शीश झुकाए खड़े थे, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें भर आईं। यह दृश्य गवाही दे रहा था कि हुनर पैसे की मोहताज नहीं होती; सच्ची लगन हो तो झुग्गी की दहलीज से निकलकर भी कला अमर हो जाती है।

क्यों थम गईं करोड़ों निगाहें?

साक्षात दर्शन देतीं आंखें और सौम्य मुस्कान: प्रतिमा के मुखमंडल पर देवी का भाव इतना सजीव था कि दूर से देखने पर लगता था मां सीधे भक्त की ओर निहार रही हैं।

सिंह पर सवार ममतामयी रूप: लाल जरीदार साड़ी, सिर पर भव्य मुकुट, लहराती चुनरी और गठीले बदन वाले शेर पर सवार मां का यह रूप राजसी भी था और वात्सल्य से परिपूर्ण भी।

सूक्ष्म आभूषण और कारीगरी: मिट्टी के गहनों से लेकर उंगलियों के पोरों तक की बनावट में ऐसी सफाई थी, जिसने डिजिटल दुनिया में करोड़ों लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

रील्स से लेकर गलियों तक का सफर

इंस्टाग्राम, फेसबुक और यूट्यूब पर जैसे ही मां दुर्गा के इस स्वरूप के वीडियो अपलोड हुए, देखते ही देखते व्यूज का आंकड़ा करोड़ों पार कर गया। आलम यह रहा कि सिर्फ रायपुर ही नहीं- दुर्ग, भिलाई, बिलासपुर समेत पड़ोसी राज्यों से भी लोग अपनी आंखों से इस चमत्कारिक प्रतिमा के दर्शन करने श्याम नगर गली नंबर-1 पहुंच गए।

गोरा गौरी दुर्गा उत्सव समिति का अनुकरणीय कदम

इस भक्ति आंदोलन की रीढ़ बनी गोरा गौरी उत्सव समिति, जिसने न केवल 18 वर्षों की अपनी परंपरा को निभाते हुए मां को पूरे विधि-विधान से विराजित किया, बल्कि मंच से एलएक्स मूर्तिकार का भव्य नागरिक अभिनंदन भी किया। समिति के अध्यक्ष जय गोफने ने भावुक होते हुए कहा…एलएक्स जैसे जमीनी कलाकारों की बदौलत ही हमारी सनातन संस्कृति और कला जीवित है। उन्होंने मां को साक्षात धरती पर उतार दिया, उनका सम्मान करना हमारा परम कर्तव्य था।