रायपुर

Assistant Professor Recruitment 2026: सहायक प्राध्यापकों के 2500 पद खाली, शिक्षा मंत्री बोले- जल्द जारी होगा विज्ञापन

Assistant Professor Recruitment 2026: छत्तीसगढ़ के सरकारी कॉलेजों में सहायक प्राध्यापकों के करीब 2500 पद खाली हैं, लेकिन लंबे इंतजार के बाद भी भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है।

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Jun 04, 2026
Assistant Professor Recruitment 2026
सहायक प्राध्यापकों के 2500 पद खाली (फोटो सोर्स- पत्रिका)

रायपुर @ताबीर हुसैन। Assistant Professor Recruitment 2026: प्रदेश के शासकीय कॉलेजों में शिक्षकों की कमी के बीच असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती एक बार फिर सवालों के घेरे में है। भर्ती को लेकर वर्षों से घोषणाएं और आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन अब तक भर्ती का विज्ञापन जारी नहीं हो पाया है। इससे हजारों नेट-सेट और पीएचडी योग्य अभ्यर्थियों में निराशा बढ़ती जा रही है।

जानकारी के अनुसार दो साल पहले तत्कालीन उच्च शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने 2169 असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती की घोषणा की थी। लेकिन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई। बाद में 625 पदों की भर्ती प्रक्रिया के लिए वित्तीय स्वीकृति भी मिल गई। अभ्यर्थियों का दावा है कि वित्त विभाग से मंजूरी मिले करीब आठ महीने बीत चुके हैं, लेकिन अब तक भर्ती का नोटिफिकेशन जारी नहीं हुआ है। नेट, सेट या पीएचडी कर चुके लगभग 50 हजार अभ्यर्थी नोटिफिकेशन का इंतजार कर रहे हैं।

कितने पद मंजूर, कितने खाली

प्रदेश के 649 शासकीय कॉलेजों में फरवरी 2026 की स्थिति में असिस्टेंट प्रोफेसर के 5406 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से 2498 पद रिक्त बताए जाते हैं। वहीं प्रोफेसर के 780 पद स्वीकृत हैं जिसमें 780 पद खाली हैं। इन रिक्तियों का असर उच्च शिक्षा की गुणवत्ता पर भी पड़ रहा है। कई कॉलेज अतिथि व्याख्याताओं और सीमित स्टाफ के सहारे संचालित हो रहे हैं।

प्राथमिकता में है

सहायक प्राध्यापक भर्ती सरकार की प्राथमिकता में है और जल्द ही विज्ञापन जारी किया जाएगा। - टंकराम वर्मा, उच्च शिक्षा मंत्री

प्रोफेसर भर्ती में देरी, निकल रही उम्र

इधर, प्रोफेसर भर्ती को लेकर उम्मीदवारों में लगातार नाराजगी बढ़ रही है। राज्य गठन को 26 साल हो गए लेकिन आज तक प्रोफेसर भर्ती की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई हे। वर्ष 2021 में लोक सेवा आयोग के माध्यम से प्रोफेसर भर्ती का विज्ञापन जारी हुआ था, लेकिन पांच साल बीतने के बाद भी प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। अब तक योग्य-अयोग्य उम्मीदवारों की सूची तक जारी नहीं की गई है।

उम्मीदवारों का कहना है कि भर्ती प्रक्रियाओं में लगातार देरी से उनका भविष्य अधर में लटक गया है। कई अभ्यर्थी उम्र सीमा और कॅरियर को लेकर चिंता में हैं। उनका कहना है कि विभाग और आयोग की ओर से स्पष्ट जवाब नहीं मिलने से असमंजस की स्थिति बनी हुई है। उधर, उच्च शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। सहायक प्राध्यापकों को समय पर प्रोबेशन पूर्ण होने, प्रवर श्रेणी और वरिष्ठ श्रेणी जैसे लाभ नहीं मिलने की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं।

Published on:
04 Jun 2026 09:12 am